14 अगस्त 2026
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अनुपम खेर का बुजुर्गों के सम्मान पर संदेश: 'युवाओं के पास रफ्तार, बड़ों के पास तजुर्बा'

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अनुपम खेर का बुजुर्गों के सम्मान पर संदेश: 'युवाओं के पास रफ्तार, बड़ों के पास तजुर्बा'

सारांश

अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम पर एक तीखा और भावुक वीडियो साझा कर समाज से सवाल किया — क्या उम्र बढ़ने पर इंसान सच में 'बेकार' हो जाता है? नारायण मूर्ति से मेरिल स्ट्रीप तक के उदाहरण देकर उन्होंने साबित किया कि अनुभव की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती।

मुख्य बातें

अनुपम खेर ने 14 अगस्त 2026 को इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर बुजुर्गों को 'इर्रेलिवेंट' कहने की प्रवृत्ति की आलोचना की।
उन्होंने कहा — 'युवाओं के पास रफ्तार है, बुजुर्गों के पास उस रास्ते का तजुर्बा है।' नारायण मूर्ति , किरण मजूमदार-शॉ , आनंद महिंद्रा , मेरिल स्ट्रीप और जेम्स कैमरून जैसे 70+ आयु के व्यक्तित्वों का उदाहरण दिया।
खेर ने स्पष्ट कहा — 'बुजुर्ग समाज का बोझ नहीं, एक चलता-फिरता इतिहास हैं।' उन्होंने जोड़ा — 'इंसान की काबिलियत की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती।'

अभिनेता अनुपम खेर ने 14 अगस्त 2026 को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए युवा पीढ़ी को बुजुर्गों का सम्मान करने का स्पष्ट और भावपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने समाज में बुजुर्गों को 'इर्रेलिवेंट' या 'रिडनडन्ट' कहे जाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर गहरी चिंता जताई और कहा कि अनुभव किसी ऑनलाइन टूल से नहीं मिलता।

क्या कहा अनुपम खेर ने

वीडियो में अनुपम खेर ने कहा, 'दोस्तों, आज के समय में एक नया शब्द बहुत सुनने को मिलता है — 'इर्रेलिवेंट' या 'रिडनडन्ट'। मजेदार बात ये है कि ये शब्द बुजुर्गों के लिए बहुत सुनने को मिलता है। मैं सोचता हूं कि क्या उम्र बढ़ते ही बुजुर्गों का सॉफ्टवेयर पुराना हो जाता है। क्या उम्र बढ़ने के बाद भगवान नोटिफिकेशन भेजते हैं — 'आपकी सेवा की अब आवश्यकता नहीं है।'

उन्होंने आगे जोड़ा, 'ऐसे लोगों से मेरा छोटा सा सवाल है — क्या आपके माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी भी आपके लिए 'इर्रेलिवेंट' की श्रेणी में हैं? दुनिया का इतिहास उठाकर देखिए कि कितने वैज्ञानिकों, लेखकों, कलाकारों और विचारकों ने 70 से 80 की उम्र में कमाल का काम किया है।'

अनुभव बनाम ऊर्जा: खेर का दर्शन

अभिनेता ने अपनी बात को और गहरा करते हुए कहा, 'जवानी आपको एनर्जी देती है, लेकिन उम्र आपको तजुर्बा देती है — और ये किसी ऑनलाइन टूल पर नहीं मिलता, न ही इसे कहीं से डाउनलोड किया जा सकता है। इसे जीना पड़ता है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं के पास रफ्तार है, तो बुजुर्गों के पास उस रास्ते का तजुर्बा है जिसकी समाज को सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है।

वीडियो के कैप्शन में अनुपम खेर ने लिखा, 'टाइमलेस गोल्डन एनर्जी। जवानी के पास जोश, रफ्तार और खुद को महत्वपूर्ण महसूस करने की एक अद्भुत ताकत है, लेकिन अनुभव अपने आप में एक पावरहाउस है।'

किन हस्तियों का दिया उदाहरण

खेर ने अपनी बात को पुष्ट करने के लिए कई विश्व-प्रसिद्ध हस्तियों के नाम गिनाए — नारायण मूर्ति, किरण मजूमदार-शॉ, नंदन नीलेकणी, आनंद महिंद्रा, मेरिल स्ट्रीप और जेम्स कैमरून — जो सभी 70 वर्ष से अधिक आयु के हैं और आज भी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंसान की काबिलियत की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती।

समाज को क्या संदेश

वीडियो के अंत में अनुपम खेर ने कहा, 'कभी-कभी युवाओं को लगता है कि उन्हें सब पता है। लेकिन बुजुर्गों को पता है कि सब किसी को नहीं पता। यही उम्र सिखाती है।' उन्होंने जोर देकर कहा कि बुजुर्ग समाज का बोझ नहीं, बल्कि एक 'चलता-फिरता इतिहास' हैं। उनका मानना है कि जवानी को नया रास्ता जल्दी मिल जाता है, लेकिन अनुभव को पता होता है कि आगे मोड़ कहाँ आने वाला है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब इसके साथ ठोस नीतिगत माँगें भी जुड़तीं — जैसे कार्यस्थलों पर उम्र-आधारित भेदभाव के खिलाफ सख्त कानून। सेलिब्रिटी उपदेश सामाजिक संवाद तो शुरू करते हैं, पर बदलाव तब आता है जब संस्थाएँ बदलती हैं। यह वीडियो वायरल हो सकता है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या भारत का कॉर्पोरेट और सामाजिक ढाँचा बुजुर्गों की भागीदारी को सम्मान के साथ स्वीकार करने के लिए तैयार है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनुपम खेर ने बुजुर्गों के बारे में क्या कहा?
अनुपम खेर ने कहा कि बुजुर्ग समाज का बोझ नहीं बल्कि एक 'चलता-फिरता इतिहास' हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे बुजुर्गों के तजुर्बे को 'इर्रेलिवेंट' न समझें, क्योंकि अनुभव किसी ऑनलाइन टूल से डाउनलोड नहीं होता।
अनुपम खेर ने किन हस्तियों का उदाहरण दिया?
उन्होंने नारायण मूर्ति, किरण मजूमदार-शॉ, नंदन नीलेकणी, आनंद महिंद्रा, मेरिल स्ट्रीप और जेम्स कैमरून के नाम लिए — जो सभी 70 वर्ष से अधिक आयु के हैं और अपने क्षेत्रों में सक्रिय हैं।
अनुपम खेर का यह वीडियो कब और कहाँ पोस्ट हुआ?
यह वीडियो 14 अगस्त 2026 को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया। इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा — 'टाइमलेस गोल्डन एनर्जी।'
अनुपम खेर के अनुसार युवाओं और बुजुर्गों में क्या फर्क है?
खेर के अनुसार युवाओं के पास रफ्तार और ऊर्जा है, जबकि बुजुर्गों के पास उस रास्ते का तजुर्बा है जो जीकर हासिल होता है। उन्होंने कहा कि जवानी को नया रास्ता जल्दी मिलता है, पर अनुभव को पता होता है कि आगे मोड़ कहाँ है।
क्या बुजुर्गों को 'इर्रेलिवेंट' कहना सही है?
अनुपम खेर ने स्पष्ट कहा कि बुजुर्गों को 'बेकार' या 'अब किस काम के' समझना 'सिर्फ बदतमीजी नहीं, बेवकूफी भी है।' उनके अनुसार इंसान की काबिलियत की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती।
राष्ट्र प्रेस
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