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अनुपम खेर ने सूरज बड़जात्या को 'नेशनल ट्रेजर' कहा, भारतीय सिनेमा की सच्ची धरोहर

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अनुपम खेर ने सूरज बड़जात्या को 'नेशनल ट्रेजर' कहा, भारतीय सिनेमा की सच्ची धरोहर

सारांश

अनुपम खेर ने सूरज बड़जात्या को उनके जन्मदिन पर 'नेशनल ट्रेजर' करार दिया, बताते हुए कि कैसे उनकी फिल्में भारत की आत्मा को दर्शाती हैं। जानें इस खास रिश्ते के बारे में।

मुख्य बातें

अनुपम खेर ने सूरज बड़जात्या को नेशनल ट्रेजर कहा।
सूरज की फिल्में भारत की आत्मा को दर्शाती हैं।
उनका रिश्ता 1984 से शुरू हुआ।
सादगी उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
सूरज बड़जात्या के काम में कोई दिखावा नहीं है।

मुंबई, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सिनेमा में कई ऐसे रिश्ते होते हैं जो केवल पेशेवर नहीं होते, बल्कि समय के साथ गहरी दोस्ती में बदल जाते हैं। ऐसा ही एक रिश्ता दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर और प्रसिद्ध फिल्मकार सूरज बड़जात्या के बीच है। रविवार को सूरज बड़जात्या के जन्मदिन के अवसर पर अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने सूरज बड़जात्या को नेशनल ट्रेजर बताया और उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी।

अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ''जन्मदिन की शुभकामनाएं सूरज बड़जात्या... आप भारतीय सिनेमा की एक अनमोल धरोहर हैं। आज के समय में, जबकि सिनेमा तेजी से बदल रहा है, सूरज बड़जात्या ऐसी फिल्में बनाते हैं, जिनमें रिश्तों की अहमियत, पारिवारिक मूल्य, विश्वास और अच्छाई का महत्व दर्शाया जाता है।

उन्होंने आगे कहा, ''अधिकतर लोग आज ऐसे विषयों पर फिल्में बनाने का साहस नहीं जुटा पाते हैं, पर सूरज ने सरलता के साथ इस दिशा में निरंतर आगे बढ़ते रहे हैं। आपके सिनेमा में भारत की आत्मा समाई हुई है।''

अनुपम खेर ने अपने पोस्ट में उनके साथ बिताए गए लंबे सफर को भी याद किया। उन्होंने कहा, ''मेरा और सूरज का रिश्ता 1984 की फिल्म 'सारांश' से शुरू हुआ था। तब से अब तक मैंने सूरज बड़जात्या के सफर को बहुत करीब से देखा है। यह यात्रा स्थिर, संतुलित और उनके मूल विश्वासों पर आधारित रही है।''

उन्होंने सूरज बड़जात्या की सरलता की प्रशंसा की और कहा, ''उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी सादगी है। उनके काम में कोई शोर नहीं होता और न ही उनके व्यवहार में कोई बनावट। वह बिना किसी प्रचार के अपने काम पर विश्वास करते हैं, यही कारण है कि उनकी फिल्में सीधे दर्शकों के दिल से जुड़ जाती हैं।''

इस पोस्ट में अनुपम खेर ने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें वह सूरज बड़जात्या की शर्ट पर भारत का एक सुनहरा प्रतीक लगाते हुए नजर आ रहे हैं।

उन्होंने लिखा, ''यह मेरा प्रतीकात्मक तरीका है यह बताने का कि सूरज बड़जात्या अपने सिनेमा और दिल में भारत को समेटे हुए हैं। उनकी कहानियां, भावनाएं और मूल्य भारत की असली आत्मा को प्रदर्शित करते हैं।''

संपादकीय दृष्टिकोण

जो भारतीय सिनेमा के मूल्यों को दर्शाता है। दोनों के बीच का यह बंधन न केवल पेशेवर है, बल्कि व्यक्तिगत भी है। उनका काम दर्शकों के दिलों को छूता है और भारतीय संस्कृति की समृद्धि को दर्शाता है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनुपम खेर और सूरज बड़जात्या का रिश्ता कब शुरू हुआ?
अनुपम खेर और सूरज बड़जात्या का रिश्ता 1984 की फिल्म 'सारांश' से शुरू हुआ।
अनुपम खेर ने सूरज बड़जात्या को क्या कहा?
अनुपम खेर ने सूरज बड़जात्या को 'नेशनल ट्रेजर' करार दिया।
सूरज बड़जात्या की फिल्मों का क्या महत्व है?
सूरज बड़जात्या की फिल्में रिश्तों, पारिवारिक मूल्यों और अच्छाई को दर्शाती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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