अनुपम खेर की मुलाकात: 74 साल की बुजुर्ग महिला की हिम्मत ने किया भावुक, बच्चों ने छोड़ा साथ फिर भी नहीं झुकीं
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता अनुपम खेर ने 10 अगस्त 2026 को इंस्टाग्राम पर एक 74 वर्षीया बुजुर्ग महिला का वीडियो साझा किया, जिसकी जीवनगाथा ने सोशल मीडिया पर लाखों लोगों को भावुक कर दिया। यह महिला फिल्म 'खोसला का घोसला 2' की शूटिंग के दौरान जूनियर आर्टिस्ट के रूप में काम कर रही थीं, जहाँ खेर की उनसे मुलाकात हुई। पति के निधन के बाद बच्चों द्वारा साथ न रखे जाने के बावजूद महिला का सकारात्मक जीवन-दृष्टिकोण खेर को भीतर तक छू गया।
मुलाकात का किस्सा
'खोसला का घोसला 2' की शूटिंग के दौरान अनुपम खेर की इस बुजुर्ग महिला से बातचीत हुई। जब खेर ने उनकी ज़िंदगी के बारे में जानना चाहा, तो महिला ने बताया कि उनके पति अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनके बच्चे हैं, परंतु वे उन्हें अपने साथ नहीं रखते। पति के जाने के बाद उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा और अब वे अकेले एक बेहद छोटी जगह में रहती हैं — जिसे वे खुद हँसकर 'चूहा घर' कहती हैं।
अनुपम खेर का भावुक संदेश
अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट के कैप्शन में खेर ने लिखा, 'मैं यह वीडियो बहुत जिम्मेदारी और बहुत दुख के साथ शेयर कर रहा हूँ।' उन्होंने सोनीपत की एक घटना का भी ज़िक्र किया, जिसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति के निधन पर उनकी तीन बेटियाँ — जो दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहती हैं — अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुईं और वीडियो कॉल पर अंतिम विदाई देखी। खेर ने इन दोनों घटनाओं को जोड़ते हुए बुज़ुर्गों के प्रति बच्चों की जिम्मेदारी पर गहरा सवाल उठाया।
महिला की अदम्य हिम्मत
खेर ने लिखा कि 74 साल की उम्र में अकेले रहना आसान नहीं होता — न पति का साथ, न बच्चों का सहारा। इसके बावजूद वह महिला ज़िंदगी से कोई शिकायत नहीं करतीं। उनका यह साहस और सकारात्मकता ही वह पहलू था जिसने खेर को सबसे अधिक प्रभावित किया। खेर ने कहा कि उम्र के इस पड़ाव पर ऐसा हौसला दुर्लभ है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
इस पोस्ट पर लोगों ने जमकर प्रतिक्रिया दी। अनेक उपयोगकर्ताओं ने बुजुर्ग महिला की हिम्मत की सराहना की और लिखा कि इस उम्र में भी जीवन के प्रति इतना सकारात्मक दृष्टिकोण प्रेरणादायक है। वहीं कई लोगों ने यह भी कहा कि माता-पिता जीवन भर बच्चों के लिए सब कुछ करते हैं, इसलिए बुढ़ापे में उन्हें अकेला छोड़ना नैतिक रूप से उचित नहीं है।
व्यापक सामाजिक संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब भारत में बुज़ुर्गों की देखभाल और 'एल्डर अबैंडनमेंट' (वृद्ध परित्याग) एक बढ़ती सामाजिक चिंता बन रही है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब अनुपम खेर ने सोशल मीडिया के ज़रिये किसी सामाजिक मुद्दे पर ध्यान आकृष्ट किया हो। यह पोस्ट समाज को आत्मचिंतन का अवसर देती है कि परिवार में बुज़ुर्गों का स्थान क्या होना चाहिए।