एआर रहमान की अपील: बॉलीवुड कश्मीर की सुंदरता दिखाए, हिंसा नहीं — 'अतीत बीत चुका, भविष्य उज्ज्वल है'
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान ने 13 सितंबर 2026 को जम्मू-कश्मीर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के दौरान बॉलीवुड फिल्म निर्माताओं से अपील की कि वे कश्मीर को हिंसा और दर्दनाक अतीत के चश्मे से नहीं, बल्कि घाटी की प्राकृतिक सुंदरता और शांतिपूर्ण माहौल के रूप में पर्दे पर उतारें। रहमान ने मीडिया से कहा कि सिनेमा में कश्मीर की वास्तविक छवि सामने लाने की ज़िम्मेदारी फिल्म उद्योग की है।
रहमान ने क्या कहा
रहमान ने अपनी बात साफ शब्दों में रखी: 'यह बहुत अच्छी बात है। मुझे लगता है कि अब ऐसा ही होना चाहिए। उन्हें सुंदरता और शांति को सामने लाना चाहिए और प्रकृति को सकारात्मक चीज़ के तौर पर देखना चाहिए, न कि हिंसा या अतीत के बारे में बात करनी चाहिए। अतीत बीत चुका है और भविष्य उज्ज्वल है।' उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर एक ऐसी जगह है जिसे 'ईश्वर का आशीर्वाद' मिला है और जो प्रेरणा की तलाश में आए फिल्म निर्माताओं और कलाकारों के लिए आदर्श स्थल है।
फिल्म फेस्टिवल और शूटिंग डेस्टिनेशन
जम्मू-कश्मीर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के आयोजन की तारीफ करते हुए रहमान ने कहा, 'मेरी इच्छा है कि यह फिल्म फेस्टिवल बहुत मशहूर हो और बहुत से लोग यहाँ आएँ और कश्मीरी लोगों की मेहमाननवाज़ी का आनंद लें।' जब उनसे पूछा गया कि क्या बॉलीवुड को कश्मीर को शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में अधिक अपनाना चाहिए, तो उन्होंने इसका खुलकर समर्थन किया। रहमान ने बताया कि वे इस बार घाटी में एक विज्ञापन की शूटिंग के लिए आए थे और शूटिंग का काम पूरा हो चुका है।
'रॉकस्टार' से जुड़ी यादें और स्थानीय संगीत
रहमान ने फिल्म 'रॉकस्टार' के दौरान कश्मीर के साथ अपने पुराने जुड़ाव को याद किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने उस फिल्म के लिए स्थानीय महिलाओं को पारंपरिक लोकगीत गाते हुए रिकॉर्ड किया था, जिसे बाद में फिल्म के साउंडट्रैक में शामिल किया गया। उन्होंने कहा, 'हमने महिलाओं को लोक गीत गाते हुए रिकॉर्ड किया और 'रॉकस्टार' में इसका इस्तेमाल किया। हम यहाँ आकर और भी काम करना चाहते हैं।' कश्मीरी लोक और पारंपरिक संगीत की समृद्धि की सराहना करते हुए उन्होंने स्थानीय कलाकारों के साथ सहयोग की इच्छा ज़ाहिर की।
भविष्य की योजनाएँ
रहमान ने संकेत दिया कि कश्मीर में उनके भविष्य के प्रोजेक्ट्स पर बातचीत जारी है, जिसमें घाटी में लाइव परफॉर्मेंस की संभावना भी शामिल है। उन्होंने कहा, 'हमारे पास कुछ योजनाएँ हैं और हम बातचीत कर रहे हैं। उम्मीद है कि मैं यहाँ आकर परफॉर्म कर सकूँगा।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब कश्मीर में पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियाँ तेज़ी से पटरी पर लौट रही हैं।
सिनेमा और कश्मीर की छवि
गौरतलब है कि दशकों तक बॉलीवुड में कश्मीर की छवि अक्सर संघर्ष और पलायन से जोड़कर पेश की जाती रही है। रहमान जैसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित कलाकार का यह आह्वान उस धारणा को बदलने की दिशा में एक सांस्कृतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। यह पहली बार नहीं है जब किसी प्रमुख फिल्मी हस्ती ने कश्मीर को फिल्म निर्माण के केंद्र के रूप में स्थापित करने पर ज़ोर दिया हो, लेकिन रहमान की आवाज़ में इस बार एक ठोस व्यक्तिगत अनुभव और भविष्य की प्रतिबद्धता भी जुड़ी है।