'बिजली का लट्टू' बिहार की सच्ची घटना पर आधारित — संजय पाण्डेय ने खोला राज़
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता संजय पाण्डेय की हिंदी फिल्म 'बिजली का लट्टू' बिहार में घटी एक वास्तविक और चौंकाने वाली घटना से प्रेरित है, जिसमें एक निर्दोष युवक को अपनी ही बहन के कथित अपहरण के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था। फिल्म इन दिनों डिजिटल प्लेटफॉर्म वेब ओटीटी पर दर्शकों के बीच तेज़ी से लोकप्रिय हो रही है और 'फील गुड पिक्स' श्रेणी में नंबर-1 तथा 'ट्रेंडिंग' में नंबर-2 स्थान पर पहुँच गई है।
वह सच्ची घटना जिसने फिल्म को जन्म दिया
संजय पाण्डेय ने बताया कि बिहार में एक युवक को उसकी ही बहन के अपहरण के मामले में पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। वह युवक करीब 16 दिनों तक जेल में बंद रहा। इस घटना का नाटकीय मोड़ तब आया जब रक्षाबंधन के अवसर पर उसकी वही बहन जेल पहुँची और भाई की कलाई पर राखी बाँधी। तब जाकर प्रशासन को अपनी गलती का एहसास हुआ।
संजय ने कहा, 'यह घटना बताती है कि गलतफहमी और जानकारी की कमी के कारण किसी निर्दोष व्यक्ति को कितनी बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हमारी फिल्म के ज़रिए यही संदेश है कि किसी भी व्यक्ति पर आरोप लगाने या उसके खिलाफ कार्रवाई करने से पहले तथ्यों की पूरी तरह जाँच होना ज़रूरी है।'
मध्य प्रदेश में हुई वास्तविक लोकेशन पर शूटिंग
फिल्म को प्रामाणिक बनाने के लिए निर्माण टीम ने मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में शूटिंग की। संजय पाण्डेय ने बताया कि बड़े-बड़े सेट खड़े करने के बजाय असली स्थानों का चयन किया गया, ताकि परदे पर माहौल बनावटी न लगे।
उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि फिल्म में जिस स्कूल को पुलिस स्टेशन के रूप में दिखाया गया है, वह एक वास्तविक स्थान है। इसके अलावा आसपास के घर और अन्य स्थानीय जगहें भी शूटिंग में शामिल की गईं। पूरी टीम पहली बार भोपाल गई और वहाँ अलग-अलग प्राकृतिक परिवेश में दृश्य फिल्माए गए।
ओटीटी पर दर्शकों की ज़बरदस्त प्रतिक्रिया
'बिजली का लट्टू' को वेब ओटीटी पर दर्शकों का उत्साहजनक समर्थन मिल रहा है। फिल्म 'फील गुड पिक्स' में नंबर-1 और 'ट्रेंडिंग' सूची में नंबर-2 पर काबिज़ है। संजय पाण्डेय ने इस पर खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा, 'वेब ओटीटी पर इस मुकाम तक पहुँचना पूरी टीम के लिए गर्व की बात है। फिल्म को पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ बनाया गया है।'
निर्देशक धीरू यादव की प्रतिक्रिया
फिल्म के निर्देशक धीरू यादव ने भी दर्शकों के प्यार पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 'बिजली का लट्टू' को मिल रही सराहना पूरी टीम की सामूहिक मेहनत का नतीजा है। उनके अनुसार वास्तविक लोकेशन पर शूटिंग और सच्ची घटना पर आधारित कहानी ने फिल्म को एक अलग पहचान दी है।
यह फिल्म इस बात की मिसाल है कि सीमित बजट और वास्तविक परिवेश के साथ भी एक सशक्त सामाजिक संदेश दर्शकों तक प्रभावशाली ढंग से पहुँचाया जा सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म ओटीटी चार्ट पर अपनी स्थिति कैसे बरकरार रखती है।