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सिंटा विवाद: उपासना सिंह और नगमा का पूनम ढिल्लों-पद्मिनी कोल्हापुरे पर ₹90 लाख की एफडी तोड़ने का आरोप

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सिंटा विवाद: उपासना सिंह और नगमा का पूनम ढिल्लों-पद्मिनी कोल्हापुरे पर ₹90 लाख की एफडी तोड़ने का आरोप

सारांश

सिंटा का विवाद अब बैंक खातों तक पहुँच गया है। उपासना सिंह का दावा है कि कमेटी भंग होने के बाद फ्रीज़ खाते से ₹90 लाख की एफडी तोड़ी गई — बिना सदस्यों की सहमति के। नगमा ने भी कड़ा विरोध जताया। अदालत में अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को है।

मुख्य बातें

उपासना सिंह ने पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे पर सिंटा की ₹90 लाख की एफडी बिना सदस्यों की सहमति के तोड़ने का आरोप लगाया।
आरोप के अनुसार, कमेटी भंग होने के बाद फ्रीज़ बैंक खाते को ऑफिस स्टाफ की मदद से KYC के ज़रिये खुलवाया गया।
अभिनेत्री नगमा ने कहा कि कलाकारों के पैसे से स्टाफ की सैलरी देना गलत है।
सिंटा के पाँच बैंकों में एफडी और पाँच बैंकों में खाते हैं; कुल कितनी एफडी तोड़ी गई यह अभी स्पष्ट नहीं।
मामले में अदालत की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है।
पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे की ओर से आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सिने एंड टेलीविजन आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सिंटा) में नेतृत्व को लेकर चल रहा विवाद अब संस्था के बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) तक जा पहुँचा है। अभिनेत्री और सिंटा की पूर्व पदाधिकारी उपासना सिंह ने 1 अक्टूबर 2026 को पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे पर संस्था के करीब ₹90 लाख की एफडी सदस्यों की सहमति के बिना तोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है। अभिनेत्री नगमा ने भी इन आरोपों में अपनी आवाज़ मिलाई और कहा कि कलाकारों के पैसों का इस तरह इस्तेमाल करना सरासर गलत है।

मुख्य घटनाक्रम

उपासना सिंह के अनुसार, जब सिंटा की पुरानी कमेटी भंग हुई, तब उन्होंने सभी संबंधित बैंकों को लिखित रूप से सूचित किया था कि खाते तब तक फ्रीज रखे जाएँ जब तक नई कमेटी कार्यभार न संभाल ले। उनका दावा है कि कोर्ट का आदेश आने के बाद ही खाते दोबारा खोले जाने चाहिए थे, लेकिन कथित तौर पर इस दौरान एक खाता पहले ही खोल लिया गया और एफडी का पैसा दूसरे खाते में स्थानांतरित कर दिया गया।

उपासना ने कहा, 'हमारे पाँच बैंकों में एफडी हैं और पाँच बैंकों में अकाउंट हैं। जब हमारी कमेटी भंग हुई थी, तब दीपक पाराशर ट्रेजरर थे। इसलिए हमने सभी बैंकों को बताया था कि कमेटी भंग हो चुकी है।' उन्होंने यह भी कहा, 'किसी संस्था की फिक्स्ड डिपॉजिट तोड़ने से पहले उसके सदस्यों की सहमति ज़रूरी होती है। आखिर बिना सदस्यों से पूछे एफडी कैसे तोड़ी जा सकती है?'

आरोप: ऑफिस स्टाफ की मिलीभगत का दावा

उपासना ने आरोप लगाया कि फ्रीज़ खाते को खुलवाने के लिए ऑफिस स्टाफ की मदद ली गई। उनके अनुसार, कथित तौर पर स्टाफ को बैंक ले जाकर स्टांप, ईमेल आईडी और ऑफिस दस्तावेज़ दिखाकर KYC के ज़रिये खाता खुलवाया गया। उन्होंने दावा किया कि पेंटल साहब, पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे बैंक गए और संस्था से जुड़े दस्तावेज़ दिखाकर खाता खुलवाने की प्रक्रिया कराई, जबकि उस समय वे सिंटा कमेटी के अधिकृत पदों पर कथित तौर पर नहीं थे।

गौरतलब है कि इन आरोपों के जवाब में पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

नगमा की आपत्ति: 'कलाकारों का पैसा स्टाफ की सैलरी में नहीं लगाया जा सकता'

अभिनेत्री नगमा ने सिंटा फंड के कथित दुरुपयोग पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'यह पैसा कलाकारों के लिए है। इसका गलत इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है? उन्होंने नया अकाउंट खोल लिया है, लेकिन नया अकाउंट खोलने का क्या मतलब है?' नगमा ने यह भी सवाल उठाया कि जब कोर्ट ने 26 अक्टूबर की सुनवाई की तारीख दे रखी है, तो उससे पहले ऑफिस का ताला तोड़कर एफडी तोड़ने की क्या ज़रूरत थी।

नगमा ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'आप कह रहे हैं कि स्टाफ को सैलरी देना ज़रूरी है। लेकिन यह पैसा किसका है? आप कलाकारों के पैसे से स्टाफ को सैलरी दे रहे हैं। यह सही नहीं है।'

विवाद का दायरा और कानूनी स्थिति

उपासना सिंह के अनुसार सिंटा के पास कुल करीब ₹90 लाख की एफडी है, और अलग-अलग ट्रांज़ैक्शन के ज़रिये पैसा स्थानांतरित किया गया है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कुल कितनी एफडी तोड़ी गई हैं। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब सिंटा की कमेटी के गठन और नेतृत्व को लेकर मामला पहले से ही अदालत में है, और अगली सुनवाई 26 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है।

आने वाले हफ्तों में कोर्ट का फैसला इस विवाद की दिशा तय करेगा — और तय करेगा कि सिंटा जैसी संस्थाओं में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए क्या व्यवस्था होनी चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संस्थागत विश्वास का उल्लंघन होगा। मुख्यधारा की कवरेज इसे सेलिब्रिटी विवाद की तरह पेश कर रही है, लेकिन असली सवाल यह है कि ऐसी संस्थाओं में सदस्यों के धन की निगरानी के लिए कोई मज़बूत तंत्र क्यों नहीं है। 26 अक्टूबर की अदालती सुनवाई इस मामले में निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिंटा विवाद में ₹90 लाख की एफडी का मामला क्या है?
उपासना सिंह का आरोप है कि सिंटा की कमेटी भंग होने के बाद फ्रीज़ किए गए बैंक खातों से ₹90 लाख की एफडी सदस्यों की सहमति के बिना तोड़कर दूसरे खाते में स्थानांतरित की गई। यह पैसा कलाकारों की संस्था का है और इसे तोड़ने से पहले सदस्यों की मंज़ूरी आवश्यक होती है।
उपासना सिंह ने पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे पर क्या आरोप लगाए हैं?
उपासना सिंह ने आरोप लगाया कि पेंटल साहब, पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे ने बैंक जाकर सिंटा के दस्तावेज़ दिखाए और खुद को कमेटी का हिस्सा बताते हुए फ्रीज़ खाता खुलवाया, जबकि कथित तौर पर उस समय वे उन पदों पर नहीं थे। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
नगमा का इस विवाद में क्या कहना है?
नगमा ने कहा कि कलाकारों के लिए जमा यह पैसा स्टाफ की सैलरी देने में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जब कोर्ट की 26 अक्टूबर को सुनवाई है, तब तक ऑफिस का ताला तोड़कर एफडी तोड़ने की कोई ज़रूरत नहीं थी।
सिंटा मामले में अदालत की अगली सुनवाई कब है?
सिंटा की कमेटी और नेतृत्व से जुड़े इस मामले में कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 26 अक्टूबर 2026 निर्धारित की है। दोनों पक्ष कोर्ट के फैसले का इंतज़ार करने की बात कह रहे हैं।
सिंटा क्या है और यह विवाद क्यों महत्वपूर्ण है?
सिंटा यानी सिने एंड टेलीविजन आर्टिस्ट्स एसोसिएशन, मुंबई स्थित एक प्रमुख संस्था है जो फिल्म और टेलीविजन कलाकारों के हितों की रक्षा के लिए काम करती है। यह विवाद इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें कलाकारों के सामूहिक फंड की पारदर्शिता और संस्थागत जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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