डी. इम्मान ने पिता को जन्मदिन पर दी भावभीनी श्रद्धांजलि — 'मेरे गाइड, ताकत और प्रेरणा'
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल अवॉर्ड विजेता म्यूजिक डायरेक्टर डी. इम्मान ने मंगलवार, 16 जून को अपने पिता के जन्मदिन पर एक हृदयस्पर्शी संदेश साझा किया, जिसमें उन्हें अपने जीवन का 'गाइड, ताकत और प्रेरणा' बताते हुए आभार व्यक्त किया। इम्मान ने इंस्टाग्राम पर पिता के साथ एक तस्वीर पोस्ट करते हुए यह भावुक संदेश लिखा।
पिता को समर्पित भावुक संदेश
इम्मान ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर लिखा, 'मेरे प्यारे पिता को जन्मदिन की बधाई। आपका प्यार, समझदारी, संस्कार और अटूट साथ ही मेरी जिंदगी और सफर की नींव रहे हैं। आज मुझे जो भी आशीर्वाद मिला है, वह हमारे परिवार के लिए आपके त्याग और दुआओं का ही नतीजा है। मेरे गाइड, मेरी ताकत और मेरी प्रेरणा बनने के लिए आपका शुक्रिया।' उन्होंने अपने पिता के लिए अच्छे स्वास्थ्य, खुशी और ईश्वर के आशीर्वाद की कामना भी की।
इंडस्ट्री में 24 साल का सफर
तमिल और तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के सबसे प्रतिष्ठित म्यूजिक डायरेक्टरों में शुमार इम्मान ने इस साल अप्रैल 2026 में अपने करियर के 24 वर्ष पूरे किए। उन्होंने विजय और प्रियंका चोपड़ा अभिनीत फिल्म 'तमिलन' से म्यूजिक इंडस्ट्री में कदम रखा था। पिछले साल उस फिल्म के 23 साल पूरे होने पर उन्होंने लिखा था, 'आज जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, तो मन में सिर्फ आभार का भाव होता है। मेरे फैंस, मेंटर्स और शुभचिंतकों, आपका प्यार ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है।'
अंग दान की प्रेरक पहल
इम्मान केवल अपने सुपरहिट संगीत और नेशनल अवॉर्ड के लिए ही नहीं जाने जाते — उन्होंने पिछले साल जनवरी में अपने जन्मदिन पर पूरे शरीर के अंग दान के लिए पंजीकरण कराकर एक मिसाल कायम की। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा था, 'इस जन्मदिन पर मैंने पूरे शरीर के अंग दान के लिए रजिस्ट्रेशन कराने का फैसला किया।' चेन्नई के राजीव गांधी सरकारी अस्पताल में पंजीकरण के बाद उन्हें डोनर कार्ड भी प्राप्त हुआ।
समाज को संदेश
इम्मान ने अपने इस फैसले के बारे में कहा था, 'मेरे जाने के बाद, मेरे शरीर के सभी अंग उन लोगों को दान कर दिए जाएंगे, जिन्हें उनकी जरूरत है। ऐसा करके मुझे एक अद्भुत बात पता चली कि कोई व्यक्ति अपने समय के बाद भी जीवित रह सकता है।' उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके इस कदम से दूसरे लोग भी अंग दान के लिए प्रेरित हों, तो उन्हें खुशी होगी। यह भावना उनके उस व्यक्तित्व को दर्शाती है जो परदे के पीछे भी उतना ही संवेदनशील है जितना उनका संगीत।