'दायरा' पर दर्शकों का फैसला: करीना-पृथ्वीराज के अभिनय की तारीफ, क्लाइमेक्स पर मिली-जुली राय
सारांश
मुख्य बातें
करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन अभिनीत फिल्म 'दायरा' 18 सितंबर 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो गई, और पहले दिन सिनेमाघरों से बाहर निकल रहे दर्शकों ने इस सस्पेंस-क्राइम थ्रिलर को लेकर अपनी बेबाक राय साझा की। निर्देशक मेघना गुलजार की इस फिल्म में दर्शकों को मुख्य अभिनय जोड़ी का प्रदर्शन तो पसंद आया, लेकिन पेसिंग और क्लाइमेक्स को लेकर राय बंटी हुई दिखी।
रेप और एनकाउंटर के दोहरे मुद्दे पर बनी कहानी
फिल्म में रेप के साथ-साथ पुलिस एनकाउंटर के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया गया है, जिसमें एक पुलिस अधिकारी दूसरे अधिकारी की कार्रवाई की जाँच करता है। एक दर्शक ने कहा, 'इस तरह की फिल्म बनाने के लिए जिगरा चाहिए होता है। रेप जैसे मुद्दे पर पहले भी कई फिल्में बन चुकी हैं, लेकिन रेप के साथ एनकाउंटर का मुद्दा और एक पुलिस अधिकारी का दूसरे की जाँच करना — ऐसी कहानी कम देखने को मिलती है।' उन्होंने मेघना गुलजार के निर्देशन में सस्पेंस बनाए रखने की तारीफ भी की।
गौरतलब है कि 'दायरा' एक ऐसे समय में आई है जब बॉलीवुड में सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्मों की संख्या सीमित होती जा रही है। एक दर्शक ने इसी संदर्भ में कहा कि 'रोमांटिक, एक्शन और कॉमेडी फिल्में लगातार बनती रहती हैं, लेकिन समाज से जुड़े मुद्दों पर संदेश देने वाली फिल्मों की संख्या घट रही है।'
करीना कपूर खान के अभिनय को सराहना
अधिकतर दर्शकों ने करीना कपूर खान के प्रदर्शन की भरपूर तारीफ की। एक दर्शक ने उनकी तुलना अभिनेत्री तब्बू के 'दृश्यम' में दिए गए अभिनय से करते हुए कहा, 'करीना ने काफी समय बाद पर्दे पर वापसी की है और इस फिल्म में उनका काम जबरदस्त है। इससे पहले ऐसा काम मैंने तब्बू को 'दृश्यम' में करते देखा था — अब 'दायरा' देखने के बाद मैं करीना का भी फैन बन गया।'
एक अन्य दर्शक ने करीना के लिए 'कमबैक' शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताते हुए कहा, 'करीना कहीं गई ही नहीं थीं, इसलिए इसे कमबैक कहना सही नहीं है।' पृथ्वीराज सुकुमारन के अभिनय की भी दर्शकों ने तारीफ की और उनकी जोड़ी को पर्दे पर प्रभावशाली बताया।
पेसिंग और संगीत पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
फिल्म की गति को लेकर दर्शकों की राय बंटी रही। एक दर्शक ने कहा, 'फिल्म का फर्स्ट हाफ तेज है, जबकि सेकंड हाफ काफी धीमा लग गया।' एक अन्य दर्शक ने फिल्म में केवल एक गाने को लेकर कहा कि 'गाने फिल्मों में जान डालते हैं और अगर दो-तीन अच्छे गाने होते तो फिल्म का असर और बढ़ सकता था।' हालाँकि एक अन्य दर्शक का मानना था कि 'कहानी इतनी मजबूत है कि दर्शकों का ध्यान संगीत पर नहीं जाएगा।'
क्लाइमेक्स को लेकर भी एक दर्शक ने कहा कि इसे और बेहतर बनाया जा सकता था, हालाँकि उन्होंने माना कि फिल्म मनोरंजन करने में सफल रही।
सामाजिक संदेश: 'हर महिला और पुरुष को देखनी चाहिए'
कई दर्शकों ने फिल्म के सामाजिक संदेश को सबसे महत्वपूर्ण बताया। एक दर्शक ने कहा, 'मेरे हिसाब से हर महिला और पुरुष को यह फिल्म देखनी चाहिए। रेप देश का गंभीर मुद्दा है और ऐसे विषयों पर और फिल्में बननी चाहिए।'
एक अन्य दर्शक ने फिल्म के केंद्रीय संदेश को इस तरह बताया — 'फिल्म यह संदेश देती है कि किसी पर भी भरोसा करने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। छोटी सी चूक पूरे परिवार की खुशियाँ छीन सकती है।' दर्शकों की पहली प्रतिक्रिया के आधार पर 'दायरा' को एक विचारोत्तेजक फिल्म के रूप में देखा जा रहा है जो व्यावसायिक फ़ॉर्मूले से इतर एक अलग राह चुनती है।