'दायरा' की कास्टिंग: मेघना गुलजार ने 90 थिएटर कलाकारों के ऑडिशन के बाद चुने 75 किरदार
सारांश
मुख्य बातें
निर्देशक मेघना गुलजार की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'दायरा' की कास्टिंग प्रक्रिया असाधारण रूप से विस्तृत रही — महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, केरल और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों के करीब 90 थिएटर कलाकारों पर विचार करने के बाद फिल्म की 75 किरदारों वाली अंतिम स्टारकास्ट तय की गई। फिल्म में करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन अहम भूमिकाओं में नज़र आएंगे।
मेघना गुलजार की सोच: हर चेहरा असली लगे
मेघना गुलजार ने बताया, ''हम एक ऐसी दुनिया बनाना चाहते थे, जो पूरी तरह वास्तविक लगे। इसमें अलग-अलग पृष्ठभूमि के ऐसे किरदार हों, जिनसे दर्शक खुद को जोड़ सकें।'' उन्होंने स्पष्ट किया कि सिर्फ एक बार फ्रेम में चलकर गुज़रने वाले कलाकार की कास्टिंग पर भी उतनी ही मेहनत की गई, जितनी मुख्य भूमिकाओं पर।
कास्टिंग डायरेक्टर की चुनौती
फिल्म के कास्टिंग डायरेक्टर तरण बजाज ने बताया कि मेघना का साफ निर्देश था कि फिल्म का हर चेहरा और हर किरदार पूरी तरह असली लगे। उन्होंने कहा, ''फिल्म में कुल 75 किरदार हैं और हर किरदार को मेघना की सोच के अनुसार तैयार किया गया है।'' सबसे बड़ी चुनौती अलग-अलग उम्र और पृष्ठभूमि के कलाकारों को एक साथ लाना था।
देशव्यापी ऑडिशन और संस्थानों की भागीदारी
कास्टिंग के लिए नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) और फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) सहित कई स्थानीय थिएटर समूहों से कलाकारों को बुलाया गया। तरण बजाज ने बताया कि एक 17 वर्षीय नए कलाकार को महत्वपूर्ण भूमिका के लिए चुनना विशेष रूप से कठिन रहा, जिसके लिए देशभर में ऑडिशन आयोजित किए गए।
भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को एकसूत्र में पिरोना
तरण बजाज के अनुसार, अलग-अलग राज्यों से आए कलाकारों की भाषा, बोली और अभिनय शैली भिन्न थी। पूरी टीम की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना था कि पर्दे पर सभी कलाकार एक ही दुनिया का हिस्सा लगें। उन्होंने कहा, ''इस पर लंबे समय तक काम किया गया, ताकि दर्शकों को किसी तरह का बनावटीपन महसूस न हो।''
स्टारकास्ट और आगे की राह
फिल्म 'दायरा' में करीना कपूर खान के साथ मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारन भी अहम भूमिका निभाएंगे। मेघना गुलजार के निर्देशन में इस स्तर की कास्टिंग प्रक्रिया यह संकेत देती है कि 'दायरा' एक महत्वाकांक्षी और यथार्थवादी सिनेमाई अनुभव बनने की ओर अग्रसर है।