यूरोप टूर से पहले टोक्यो में दिलजीत दोसांझ: शॉपिंग, आइसक्रीम और 'जट्ट इन जापान'
सारांश
मुख्य बातें
पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ अपने बहुप्रतीक्षित यूरोप टूर से पहले जापान की राजधानी टोक्यो पहुँचे, जहाँ उन्होंने स्थानीय बाज़ारों में घूमने, जापानी जायकों का स्वाद लेने और आइसक्रीम का आनंद उठाने के पलों को अपने करोड़ों प्रशंसकों के साथ साझा किया। इस यात्रा की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे हैं।
टोक्यो में दिलजीत का अंदाज़
दिलजीत ने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में टोक्यो की एक ग्रॉसरी स्टोर में कॉफी का लुत्फ उठाते और अलग-अलग सामान देखते हुए नज़र आए। इसके साथ ही उन्होंने आइसक्रीम का भी आनंद लिया और स्थानीय गलियों व बाज़ारों की सैर की।
अपनी पोस्ट के कैप्शन में दिलजीत ने लिखा, 'जट्ट इन जापान। यूरोप टूर से पहले टोक्यो में शॉपिंग।' उनके इस सहज और ज़मीन से जुड़े अंदाज़ को प्रशंसकों ने खूब सराहा।
यूरोप टूर का पूरा कार्यक्रम
दिलजीत दोसांझ का यूरोप टूर 21 अगस्त से जर्मनी के बर्लिन शहर से शुरू होगा। इसके बाद वह 25 अगस्त को डबलिन, 28 अगस्त को पेरिस, 30 अगस्त को वियना, 5 सितंबर को मिलान, 7 सितंबर को एम्स्टर्डम, 12 सितंबर को लंदन, 18 सितंबर को बर्मिंघम और 20 सितंबर को मैनचेस्टर में लाइव परफॉर्म करेंगे।
यह ऐसे समय में आया है जब विदेशों में भी दिलजीत की लोकप्रियता लगातार नई ऊँचाइयाँ छू रही है और बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय व अंतरराष्ट्रीय दर्शक उनके कॉन्सर्ट का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।
किसान आंदोलन और 'एंटी-नेशनल' का टैग
गौरतलब है कि हाल ही में दिलजीत ने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के प्रति अपना समर्थन ज़ाहिर किया था। इस संदर्भ में उन्होंने अपने पुराने अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसान आंदोलन का समर्थन करने के बाद उन्हें कड़ी आलोचनाओं और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा था।
अपनी पोस्ट में दिलजीत ने लिखा था, 'मेरे ऊपर पहले भी कई बार एंटी-नेशनल का टैग लगाया जा चुका है। अब भी मुझे एंटी-नेशनल कहा जाएगा। किसान आंदोलन के बाद मुझे काफी विरोध और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिनके बारे में मैं बात भी नहीं कर सकता। बाकी सब भगवान देख रहा है, बाबा भला करेंगे।'
फैंस और वैश्विक पहचान
दिलजीत दोसांझ की यह यात्रा केवल एक पर्यटन नहीं, बल्कि उनकी उस छवि का विस्तार है जो उन्हें पंजाबी संगीत की सीमाओं से परे एक वैश्विक सांस्कृतिक राजदूत के रूप में स्थापित करती है। जापान से यूरोप तक का यह सफ़र उनके बढ़ते अंतरराष्ट्रीय क़द का प्रमाण है।