9 जुलाई 2026
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डिंपल कपाड़िया को बॉम्बे हाईकोर्ट से झटका, अनीता आडवाणी और राजेश खन्ना के रिश्ते की याचिका खारिज

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डिंपल कपाड़िया को बॉम्बे हाईकोर्ट से झटका, अनीता आडवाणी और राजेश खन्ना के रिश्ते की याचिका खारिज

सारांश

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनीता आडवाणी की याचिका को खारिज करते हुए राजेश खन्ना के साथ उनके रिश्ते को कानूनी मान्यता देने से इनकार कर दिया है। जानें इस विवाद के पीछे की कहानी और क्या आगे होने वाला है।

मुख्य बातें

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनीता आडवाणी की याचिका खारिज की।
अनीता और राजेश खन्ना का रिश्ता कानूनी मान्यता नहीं पाया।
अनीता ने राजेश खन्ना की संपत्ति में हिस्सेदारी की मांग की।
डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार ने भी इस मामले में पक्ष रखा।
राजेश खन्ना का बंगला आशीर्वाद बेचा जा चुका है।

मुंबई, 1 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेत्री अनीता आडवाणी को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है क्योंकि अदालत ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उनके और दिवंगत अभिनेता राजेश खन्ना के रिश्ते को कानूनी मान्यता देने का अनुरोध किया गया था।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनीता आडवाणी की अपील को खारिज करते हुए रिश्ते को विवाह का कानूनी दर्जा देने की मांग को गलत ठहराया।

अदालत ने डिंडोशी सेशन कोर्ट के पहले के निर्णय को बरकरार रखा है। यह मामला राजेश खन्ना के 2012 में निधन के बाद से विवादों में रहा है। राजेश खन्ना के परिवार और अनीता आडवाणी के बीच लंबे समय से कानूनी लड़ाई चल रही है। जस्टिस शर्मिला देशमुख की पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद स्पष्ट रूप से कहा, "फर्स्ट अपील डिसमिस्ड," अर्थात् अपील खारिज की जाती है।

हालांकि, इस मामले में विस्तृत आदेश अभी जारी होना बाकी है। सुनवाई के दौरान डिंपल कपाड़िया, ट्विंकल खन्ना और अक्षय कुमार की ओर से पेश पक्ष को भी अदालत ने सुना। अनीता आडवाणी का कहना था कि वह राजेश खन्ना के साथ लंबे समय तक रिश्ते में थीं और यह रिश्ता विवाह जैसा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अभिनेता की मृत्यु के बाद उन्हें उनके बंगले ‘आशीर्वाद’ से बाहर कर दिया गया। उन्होंने अभिनेता की संपत्ति में भी हिस्सेदारी की मांग की थी।

इतना ही नहीं, अनीता ने अक्षय कुमार, डिंपल कपाड़िया और ट्विंकल खन्ना के खिलाफ भी घरेलू हिंसा और मारपीट का मामला दर्ज कराया था। हालांकि, 2015 में अदालत ने अक्षय कुमार, डिंपल कपाड़िया और ट्विंकल खन्ना के खिलाफ दर्ज मामले को खारिज कर दिया था। तब अदालत ने टिप्पणी की थी कि अनीता आडवाणी और राजेश खन्ना का रिश्ता विवाह जैसा नहीं था। लिव-इन-रिलेशनशिप को विवाह का दर्जा नहीं दिया गया है, इसलिए याचिका को खारिज किया जाता है।

यह ध्यान देने योग्य है कि जिस आशीर्वाद बंगले को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ था, उसे काफी पहले बेचा जा चुका है। राजेश खन्ना ने अपना अंतिम समय इसी बंगले में बिताया था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनीता आडवाणी की याचिका को क्यों खारिज किया?
कोर्ट ने अनीता आडवाणी के और राजेश खन्ना के रिश्ते को विवाह का कानूनी दर्जा देने की मांग को गलत ठहराया।
क्या अनीता आडवाणी ने राजेश खन्ना की संपत्ति में हिस्सेदारी की मांग की थी?
हां, अनीता आडवाणी ने राजेश खन्ना की संपत्ति में हिस्सेदारी की मांग की थी।
इस मामले में अगले कदम क्या होंगे?
अभी इस मामले में विस्तृत आदेश का इंतजार है, जो आगे की प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण होगा।
क्या अदालत ने घरेलू हिंसा के मामले को खारिज कर दिया?
जी हां, अदालत ने अनीता आडवाणी द्वारा दायर घरेलू हिंसा के मामले को खारिज कर दिया था।
राजेश खन्ना का बंगला आशीर्वाद क्या हुआ?
राजेश खन्ना का बंगला आशीर्वाद पहले ही बेचा जा चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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