दिव्यांका त्रिपाठी ने प्रेग्नेंसी में 'गर्भ संस्कार' अपनाने की बात की, बोलीं - 'सकारात्मक सोच बच्चे के विकास में सहायक'

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दिव्यांका त्रिपाठी ने प्रेग्नेंसी में 'गर्भ संस्कार' अपनाने की बात की, बोलीं - 'सकारात्मक सोच बच्चे के विकास में सहायक'

सारांश

दिव्यांका त्रिपाठी ने अपनी प्रेग्नेंसी की खुशखबरी साझा करते हुए 'गर्भ संस्कार' पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने बताया कि कैसे सकारात्मक माहौल और अच्छे विचार बच्चे के विकास में मदद कर सकते हैं।

Key Takeaways

  • गर्भ संस्कार का महत्व भावनात्मक और मानसिक जुड़ाव में है।
  • सकारात्मक सोच बच्चे के विकास को प्रोत्साहित करती है।
  • दिव्यांका त्रिपाठी ने अपने अनुभव साझा किए हैं।
  • गर्भावस्था में अच्छा माहौल बनाए रखना जरूरी है।
  • दिव्यांका और विवेक दहिया अपने पहले बच्चे का स्वागत करने जा रहे हैं।

मुंबई, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। टीवी इंडस्ट्री की प्रसिद्ध अभिनेत्री दिव्यांका त्रिपाठी दहिया इन दिनों अपनी व्यक्तिगत जीवन को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने अपने प्रेग्नेंसी की जानकारी अपने प्रशंसकों के साथ साझा की, जिसके बाद से सभी उन्हें बधाइयां दे रहे हैं। इसी बीच दिव्यांका ने 'गर्भ संस्कार' पर खुलकर चर्चा की, जो एक ऐसा प्रक्रिया है, जिसमें मां अपने गर्भ में पल रहे बच्चे के साथ भावनात्मक और मानसिक रूप से जुड़ने की कोशिश करती है। दिव्यांका का कहना है कि भले ही इसके वैज्ञानिक प्रमाण स्पष्ट न हों, लेकिन सकारात्मक सोच और अच्छा माहौल हमेशा लाभकारी होते हैं।

दिव्यांका ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, ''मैंने गर्भ संस्कार के बारे में काफी सुना है, लेकिन मैं नहीं जानती कि यह पूरी तरह से प्रभावशाली है या नहीं। मुझे नहीं पता कि इससे बच्चे को कोई विशेष लाभ होता है या नहीं। लेकिन मैं इस बात पर विश्वास करती हूं कि अगर कुछ हमें बेहतर बनने, अच्छा सोचने और अच्छा करने के लिए प्रेरित करता है, तो उसे अपनाने में कोई बुराई नहीं है।''

उन्होंने कहा, ''मैं इन दिनों अपने बच्चे से लगातार जुड़ने की कोशिश कर रही हूं। इसके लिए मैं अच्छे विचारों को अपनाती हूं, सकारात्मक बातें करती हूं, अच्छा संगीत सुनती हूं और कोशिश करती हूं कि मेरा वातावरण भी शांत और सकारात्मक रहे। ये सभी चीजें बच्चे के विकास में सहायता कर सकती हैं और मां-बच्चे के रिश्ते को मजबूत बना सकती हैं।''

दिव्यांका ने बताया कि कभी-कभी वह अपने बच्चे द्वारा मिल रहे संकेतों को अनुभव करती हैं। उन्होंने कहा, ''ऐसा लगता है जैसे बच्चा मेरी बातों को समझ रहा है और मुझसे जुड़ रहा है। यह अनुभव मेरे लिए बेहद खास है। ऐसे छोटे-छोटे पल ही गर्भ संस्कार का हिस्सा होते हैं, जहां मां अपने बच्चे के साथ एक खास रिश्ता बना लेती है।''

यह उल्लेखनीय है कि 19 मार्च को 'गुड़ी पड़वा' के विशेष मौके पर दिव्यांका और उनके पति विवेक दहिया ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रेग्नेंसी की खुशखबरी दी थी। इस खबर के सार्वजनिक होते ही प्रशंसकों और इंडस्ट्री के लोगों ने उन्हें ढेरों बधाइयां दीं। यह जोड़ी शादी के लगभग 11 साल बाद अपने पहले बच्चे का स्वागत करने जा रही है।

Point of View

NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

गर्भ संस्कार क्या है?
गर्भ संस्कार एक प्रक्रिया है जिसमें मां अपने गर्भ में पल रहे बच्चे के साथ भावनात्मक और मानसिक जुड़ाव बनाने की कोशिश करती है।
क्या गर्भ संस्कार के वैज्ञानिक प्रमाण हैं?
इसकी वैज्ञानिक प्रमाण स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन कई लोग मानते हैं कि सकारात्मक वातावरण और सोच बच्चे के विकास में मददगार हो सकती हैं।
दिव्यांका त्रिपाठी ने गर्भ संस्कार पर क्या कहा?
दिव्यांका ने कहा कि उन्होंने गर्भ संस्कार के बारे में सुना है लेकिन वे नहीं जानतीं कि यह काम करता है या नहीं।
दिव्यांका त्रिपाठी की प्रेग्नेंसी की खबर कब आई?
दिव्यांका ने 19 मार्च को 'गुड़ी पड़वा' के अवसर पर अपनी प्रेग्नेंसी की खुशखबरी दी थी।
दिव्यांका का गर्भ संस्कार के प्रति रुख क्या है?
दिव्यांका का मानना है कि सकारात्मक सोच और अच्छा माहौल बच्चे के विकास में सहायक होते हैं।
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