डॉली पार्टन का 80 वर्ष की आयु में निधन, ट्रंप ने एक सप्ताह झंडा झुकाने का आदेश दिया
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी कंट्री संगीत की सबसे बड़ी आवाज़ों में से एक, डॉली पार्टन का 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके जाने की खबर ने संगीत जगत से लेकर अमेरिकी राजनीतिक गलियारों तक शोक की गहरी लहर पैदा कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनके सम्मान में पूरे संयुक्त राज्य अमेरिका में एक सप्ताह तक राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुकाए रखने का आधिकारिक आदेश दिया है।
ट्रंप की श्रद्धांजलि
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर डॉली पार्टन को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, 'यह बताते हुए दुख हो रहा है कि डॉली पार्टन, जो अब तक की सबसे महान कंट्री गायिकाओं में से एक थीं, का निधन हो गया है। उनके जैसी कलाकार न कभी हुई हैं और न कभी होंगी। उनके सम्मान में, एक हफ्ते के लिए पूरे यूनाइटेड स्टेट्स में अमेरिकन झंडा झुका रहेगा। रेस्ट इन पीस, डॉली! दुनिया तुमसे प्यार करती है।' ट्रंप के इस आदेश के तहत सरकारी इमारतों और अन्य प्रमुख प्रतिष्ठानों पर ध्वज आधा झुका रहेगा।
सात दशक का संगीत सफर
डॉली पार्टन का संगीत करियर करीब सात दशकों तक फैला रहा। टेनेसी के एक साधारण परिवार में जन्मी डॉली ने अमेरिकी कंट्री म्यूजिक में वह मुकाम हासिल किया, जिसकी बराबरी करना आसान नहीं। 1967 में उनका पहला एल्बम 'हैलो, आई एम डॉली' रिलीज़ हुआ था। इसके बाद उन्होंने 'जोलीन', '9 टू 5', 'कोट ऑफ मेनी कलर्स' और 'आई विल ऑलवेज लव यू' जैसे कालजयी गीत दिए, जो आज भी दुनिया भर में सुने जाते हैं।
फिल्मों में भी छाप
संगीत के साथ-साथ डॉली पार्टन ने फिल्मों और टेलीविजन में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। '9 टू 5', 'स्टील मैग्नोलियाज़' और 'द बेस्ट लिटिल व्होरहाउस इन टेक्सास' जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को व्यापक सराहना मिली। उन्होंने एक सफल कारोबारी और समाजसेवी के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाई।
समाजसेवा की विरासत
डॉली पार्टन ने बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए 'इमेजिनेशन लाइब्रेरी' अभियान की शुरुआत की, जिसके ज़रिए बड़ी संख्या में बच्चों तक निःशुल्क किताबें पहुँचाई गईं। कोविड-19 वैक्सीन अनुसंधान के दौरान उन्होंने वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी को 10 लाख डॉलर का दान दिया था। यह ऐसे समय में आया था जब वैक्सीन को लेकर जन-जागरूकता की सख्त ज़रूरत थी।
विरासत और आगे का शोक
गौरतलब है कि डॉली पार्टन उन विरली कलाकारों में से थीं जिन्हें ग्रैमी, एमी और टोनी — तीनों पुरस्कारों से नवाज़ा गया। संगीत उद्योग, राजनीतिक जगत और उनके करोड़ों प्रशंसक इस अपूरणीय क्षति पर शोक व्यक्त कर रहे हैं। अमेरिका में एक सप्ताह तक झंडा आधा झुका रहना इस बात का प्रमाण है कि डॉली पार्टन सिर्फ एक गायिका नहीं, एक राष्ट्रीय भावना थीं।