एकता कपूर की नई फिल्म 'द टेरर रिपोर्ट': राजनीतिक थ्रिलर के साथ लौट रहे हैं विष्णु वर्धन
सारांश
Key Takeaways
- ‘द टेरर रिपोर्ट’ भारत की सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पर आधारित है।
- निर्देशक विष्णु वर्धन की नई फिल्म दर्शकों को जागरूक करेगी।
- निर्माता एकता कपूर और उनकी टीम ने सामाजिक मुद्दों को उठाया है।
- फिल्म की शूटिंग की तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी।
- ‘द साबरमती रिपोर्ट’ की अगली कड़ी के रूप में यह फिल्म महत्वपूर्ण होगी।
मुंबई, 24 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। वर्ष 2002 के गोधरा कांड पर आधारित फिल्म ‘द साबरमती रिपोर्ट’ की सफलता के बाद, निर्माता एकता कपूर एक नई फिल्म लेकर आ रही हैं। बालाजी टेलीफिल्म्स और एलिप्सिस एंटरटेनमेंट ने एक महाकाय राजनीतिक थ्रिलर फिल्म ‘द टेरर रिपोर्ट’ बनाने के लिए सहयोग किया है।
इस फिल्म का निर्देशन ‘शेरशाह’ के लिए प्रसिद्ध विष्णु वर्धन करेंगे। यह फिल्म वास्तविक घटनाओं पर आधारित होगी और भारत में हुए आतंकवादी हमलों के साथ-साथ देश की ओर से दिए गए सख्त जवाबी हमलों को भी व्यापक रूप से प्रदर्शित करेगी। ‘द साबरमती रिपोर्ट’ की अगली कड़ी के रूप में, यह फिल्म सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की लंबी लड़ाई को विस्तार से पेश करेगी।
निर्माताओं का कहना है कि फिल्म में जांच की जटिलताएं, खुफिया ऑपरेशन और हालिया सुरक्षा संबंधित घटनाओं को गहराई से दर्शाया जाएगा। इस विशिष्ट सहयोग में बालाजी और एलिप्सिस की रचनात्मक शक्ति और विष्णु वर्धन की अद्वितीय निर्देशन शैली को एक साथ देखा जाएगा। निर्माताओं में एकता कपूर, शोभा कपूर, तनुज गर्ग और अतुल कसबेकर शामिल हैं।
फिल्ममेकर्स का मानना है कि यह परियोजना न केवल दर्शकों का मनोरंजन करेगी, बल्कि देश की सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगी।
विष्णु वर्धन ने पहले ‘शेरशाह’ जैसी फिल्म के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा प्राप्त की है। अब ‘द टेरर रिपोर्ट’ के माध्यम से वे एक बार फिर वास्तविक घटनाओं पर आधारित एक शक्तिशाली कहानी पेश करने जा रहे हैं। फिल्म की शूटिंग और रिलीज की तारीख की जानकारी जल्द ही साझा की जाएगी।
वहीं, विक्रांत मैसी, राशी खन्ना और रिद्धि डोगरा की ‘द साबरमती रिपोर्ट’ साल 2024 में रिलीज हुई थी। यह फिल्म विवादास्पद रही और रिलीज के बाद कई राज्यों में टैक्स-फ्री घोषित की गई। टैक्स फ्री करने वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और ओडिशा शामिल हैं। इन राज्यों की सरकारों ने फिल्म को सामाजिक संदेश देने वाली फिल्म मानते हुए मनोरंजन कर माफ किया।