फादर्स डे 2025: नील भट्ट, इकबाल खान समेत टीवी सितारों ने पिता संग यादें साझा कीं
सारांश
मुख्य बातें
फादर्स डे के अवसर पर 19 जून को मुंबई की टीवी इंडस्ट्री के कई जाने-माने कलाकारों ने अपने पिता के प्रति गहरी भावनाएँ व्यक्त कीं। किसी ने पिता को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया, तो किसी ने उन्हें जीवन का अटूट सहारा कहा। इस खास मौके पर कई कलाकारों ने यह भी बताया कि खुद पिता बनने के बाद उनकी सोच में किस तरह का बदलाव आया।
नील भट्ट: ऑन-स्क्रीन पितृत्व ने सिखाया असली सबक
टीवी अभिनेता नील भट्ट ने कहा, 'पिता की भूमिका हमेशा धैर्य, ताकत और बिना शर्त प्यार से भरी होती है। शो 'मिस्टर एंड मिसेज परशुराम' में पिता का किरदार निभाने के दौरान मैंने इस रिश्ते को गहराई से समझा।' उन्होंने कहा कि अपने ऑन-स्क्रीन बच्चों रानव और माही के साथ शूटिंग करते हुए यह एहसास हुआ कि बच्चों के लिए सबसे ज़रूरी चीज़ महंगे तोहफे नहीं, बल्कि माता-पिता का समय और साथ होता है।
भट्ट ने आगे जोड़ा, 'मनोरंजन जगत में काम करने वाले बच्चों के लिए सही दिशा बहुत ज़रूरी होती है। इंडस्ट्री में बच्चे जल्दी परिपक्व हो जाते हैं, इसलिए उन्हें सही मार्गदर्शन देना हर कलाकार की जिम्मेदारी है।' उन्होंने कहा कि इस अनुभव ने उन्हें अपने पिता के त्याग और सीख को बेहतर तरीके से समझने का अवसर दिया।
निहारिका चौकसे: 'हर मुश्किल में संभाल लेंगे'
अभिनेत्री निहारिका चौकसे ने पिता को अपने जीवन का सबसे बड़ा हीरो बताया। उन्होंने कहा, 'मेरे पिता हमेशा सुनिश्चित करते हैं कि मुझे किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। पिता का साथ ही मुझे आत्मविश्वास देता है। मुझे पता है कि वह हर मुश्किल में मुझे संभाल ही लेंगे।'
निहारिका ने फादर्स डे पर पिता को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा, 'आप मेरे लिए केवल एक अभिभावक नहीं, बल्कि एक सुरक्षित दुनिया की तरह हैं, जहाँ मैं हमेशा खुद को मजबूत महसूस करती हूँ।'
इकबाल खान और अर्जुन पुंज: पितृत्व ने बदला नज़रिया
अभिनेता इकबाल खान ने कहा कि खुद पिता बनने के बाद उन्हें अपने पिता की जिम्मेदारियों और त्याग का असली अर्थ समझ में आया। 'अपनी दो बेटियों के साथ समय बिताते हुए मैं महसूस करता हूँ कि एक पिता अपने बच्चों के लिए कितना कुछ करता है। मेरे पिता ने मुझे ईमानदारी, धैर्य और सम्मान जैसे मूल्य सिखाए, जो आज भी मेरे जीवन और करियर का मार्गदर्शन करते हैं।'
अभिनेता अर्जुन पुंज ने बचपन की यादें साझा करते हुए कहा, 'मेरे पिता हमेशा मुझे सुनते थे — चाहे कार में सफर हो या घर पर बातचीत, वह हमेशा मेरे सवालों का जवाब धैर्य से देते थे। अब मैं खुद पिता बन चुका हूँ, तो अपने बच्चों के साथ भी वही रिश्ता बनाने की कोशिश करता हूँ। मुझे कई बार अपने पिता की बातें अपने ही व्यवहार में झलकती महसूस होती हैं।'
मुस्कान बामने: 'सफलता सबसे पहले पिता के साथ साझा करती हूँ'
अभिनेत्री मुस्कान बामने ने कहा कि उनके पिता हमेशा से उनके सबसे बड़े प्रेरणा स्रोत रहे हैं। 'चाहे स्कूल का फंक्शन हो या ऑडिशन, उन्होंने हमेशा मेरा हौसला बढ़ाया। आज भी मैं अपनी हर खुशी सबसे पहले पिता के साथ साझा करती हूँ, क्योंकि वह मेरी सफलता से सबसे ज़्यादा खुश होते हैं।'
गौरतलब है कि फादर्स डे हर वर्ष जून के तीसरे रविवार को मनाया जाता है और यह अवसर मनोरंजन जगत में पिता-संतान के रिश्ते पर चर्चा का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। इन कलाकारों की भावनाएँ इस बात की गवाह हैं कि चकाचौंध भरी इंडस्ट्री में भी पारिवारिक मूल्य और पिता का मार्गदर्शन सबसे अहम रहता है।