फादर्स डे 2025: कंवर ढिल्लों ने साझा की पिता की वो सीख — 'तकनीक नहीं, असली जिंदगी से सीखो'
सारांश
मुख्य बातें
टीवी अभिनेता कंवर ढिल्लों ने फादर्स डे (21 जून) से पहले अपने पिता से मिली जीवन-मूल्यों की सीख साझा की है। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने कभी भी अपनी पहचान या प्रभाव का उपयोग करके उनके करियर को आसान नहीं बनाया — और यही कठिन राह उनके व्यक्तित्व की नींव बनी।
खुद की मेहनत पर भरोसा
कंवर ढिल्लों ने बताया, 'मेरे पिता ने कभी मुझे कोई शॉर्टकट नहीं सिखाया और न ही अपनी पहचान का इस्तेमाल करके मुझको काम दिलाया। करियर के शुरुआती दौर में मुझे उनकी इस सोच का महत्व समझ नहीं आता था। कई बार लगता था कि थोड़ा सहारा मिल जाए तो रास्ता आसान हो जाएगा, लेकिन समय के साथ मैंने महसूस किया कि पिता का यह फैसला मेरे लिए बहुत जरूरी था।'
उन्होंने आगे कहा, 'जब आप अपनी सफलता, असफलता और गलतियों की जिम्मेदारी खुद लेते हैं, तभी असली सीख मिलती है और आप मजबूत बनते हैं। मेहनत से मिली सफलता ज्यादा टिकाऊ होती है और उसमें आत्म-संतोष भी ज्यादा होता है।'
तकनीक नहीं, वास्तविक अनुभव
अभिनेता ने अपने बचपन को याद करते हुए बताया कि उनके पिता ने उन्हें और उनके भाई को मोबाइल फोन व अन्य गैजेट्स से दूर रखा, ताकि पढ़ाई और खेल-कूद पर ध्यान केंद्रित रहे। उनके पिता का दृढ़ मत था कि बच्चों को तकनीक से ज्यादा वास्तविक जीवन के अनुभवों से सीखना चाहिए।
कंवर ने कहा, 'उनकी इस सख्त, लेकिन संतुलित परवरिश ने हमारे व्यक्तित्व को मजबूत बनाया। खेलों में भाग लेने से हमें अनुशासन और टीम भावना दोनों मिली।'
गिरकर उठने की प्रेरणा
कंवर ढिल्लों ने बताया कि उनके पिता का एक और अटल विश्वास था — 'जिंदगी में गिरना और चोट खाना गलत नहीं है, बल्कि असली सीख तब मिलती है जब इंसान गिरकर फिर से उठता है।' उन्होंने कहा कि इस सोच ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया और मुश्किल समय में हार न मानने की प्रेरणा दी।
₹100 लेकर मुंबई आए थे पिता
अभिनेता ने अपने पिता के संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने बताया, 'मेरे पिता ने बहुत सीमित संसाधनों के साथ अपनी जिंदगी शुरू की थी। वह महज ₹100 लेकर मुंबई आए थे और धीरे-धीरे मेहनत और लगन से परिवार के लिए एक अच्छा जीवन बनाया।' कंवर ने बताया कि उनके पिता कई-कई शिफ्ट में काम करते थे और लंबे समय तक घर से दूर रहते थे, ताकि बच्चों को बेहतर जीवन मिल सके।
पिता को फादर्स डे का संदेश
फादर्स डे के अवसर पर कंवर ढिल्लों ने अपने पिता के लिए कहा, 'हमें आप पर गर्व है और हम आपसे बहुत प्यार करते हैं। अब आप थोड़ा आराम करें और जिंदगी को खुलकर एंजॉय करें।' उन्होंने यह भी जताया कि वे खुद भी अपने पिता की तरह एक जिम्मेदार पारिवारिक व्यक्ति बनना चाहते हैं। आने वाले समय में कंवर ढिल्लों की यह सोच उनके निजी और पेशेवर जीवन दोनों को दिशा देती रहेगी।