18 सितंबर 2026
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भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 780.78 अरब डॉलर पर स्थिर, RBI के आंकड़े जारी

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भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 780.78 अरब डॉलर पर स्थिर, RBI के आंकड़े जारी

सारांश

11 सितंबर को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 780.78 अरब डॉलर पर स्थिर रहा — 4 सितंबर के 785.71 अरब डॉलर के रिकॉर्ड से मामूली नीचे। RBI के ताज़ा आंकड़े वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत की बाह्य आर्थिक मज़बूती की पुष्टि करते हैं।

मुख्य बातें

11 सितंबर 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 780.78 अरब डॉलर पर स्थिर रहा।
4 सितंबर 2026 को भंडार 785.71 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुँचा था, जिसमें एक सप्ताह में 44.90 अरब डॉलर की वृद्धि हुई थी।
सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ (FCA) — 4 सितंबर तक 648.17 अरब डॉलर — मार्च 2026 के अंत से 95.886 अरब डॉलर अधिक।
स्वर्ण भंडार 4 सितंबर तक 113.816 अरब डॉलर रहा, जो एक वर्ष पूर्व से 23.517 अरब डॉलर अधिक है।
मार्च 2026 के अंत से अब तक कुल भंडार में 94.599 अरब डॉलर की वृद्धि।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा 18 सितंबर 2026 को जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, 11 सितंबर 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिज़र्व) 780.78 अरब डॉलर पर स्थिर रहा। वैश्विक वित्तीय बाज़ारों में जारी अनिश्चितता के बावजूद यह स्थिरता भारत की बाह्य आर्थिक स्थिति की मज़बूती को दर्शाती है।

रिकॉर्ड स्तर से मामूली गिरावट

गौरतलब है कि इससे एक सप्ताह पहले, 4 सितंबर 2026 को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 785.71 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुँचा था, जहाँ एक ही सप्ताह में 44.90 अरब डॉलर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई थी। उससे पूर्व 28 अगस्त 2026 को समाप्त सप्ताह में भंडार 11.47 अरब डॉलर बढ़कर 740.80 अरब डॉलर हो गया था। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक मंदी की आशंकाएँ और अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव उभरती अर्थव्यवस्थाओं के भंडार पर दबाव डाल रहे हैं।

विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ: सबसे बड़ा घटक

भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ (FCA) हैं। 4 सितंबर 2026 तक FCA का स्तर 648.17 अरब डॉलर रहा, जिसमें उस सप्ताह 47.498 अरब डॉलर की वृद्धि हुई। यह स्तर मार्च 2026 के अंत की तुलना में 95.886 अरब डॉलर और एक वर्ष पहले की तुलना में 63.692 अरब डॉलर अधिक था।

स्वर्ण भंडार और अन्य घटकों की स्थिति

4 सितंबर 2026 तक भारत का स्वर्ण भंडार 113.816 अरब डॉलर रहा, जो एक वर्ष पूर्व की तुलना में 23.517 अरब डॉलर अधिक है। हालाँकि मार्च 2026 के अंत के मुकाबले यह 1.580 अरब डॉलर कम था। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ भारत की स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) होल्डिंग 18.806 अरब डॉलर रही, जो मार्च 2026 के अंत की तुलना में 18.4 करोड़ डॉलर और एक वर्ष पहले की तुलना में 6.4 करोड़ डॉलर अधिक थी। IMF के साथ भारत की रिज़र्व पोज़ीशन 4.916 अरब डॉलर रही, जो मार्च 2026 के अंत की तुलना में 10.8 करोड़ डॉलर और पिछले वर्ष की समान अवधि से 16.8 करोड़ डॉलर अधिक है।

समग्र वृद्धि का परिप्रेक्ष्य

कुल मिलाकर, 4 सितंबर 2026 तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार मार्च 2026 के अंत की तुलना में 94.599 अरब डॉलर बढ़ा, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में यह वृद्धि 87.438 अरब डॉलर रही। यह वृद्धि भारत की मज़बूत चालू खाता स्थिति, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) प्रवाह और RBI के सक्रिय मुद्रा प्रबंधन का परिणाम मानी जा रही है।

आर्थिक सुरक्षा में भूमिका

विदेशी मुद्रा भंडार का यह मज़बूत स्तर भारत को बाह्य आर्थिक झटकों, रुपये में अत्यधिक अवमूल्यन और आयात भुगतान में संभावित व्यवधानों से सुरक्षा कवच प्रदान करता है। वर्तमान स्तर पर यह भंडार लगभग 12 महीनों के आयात के बराबर है, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार पर्याप्त माना जाता है। आगे आने वाले हफ्तों में वैश्विक मुद्रा बाज़ार की दिशा और RBI की नीतियाँ इस भंडार के स्तर पर निर्णायक प्रभाव डालेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इस वृद्धि का कितना हिस्सा वास्तविक पूंजी प्रवाह से है और कितना RBI के मूल्यांकन समायोजन से। FCA में एकल सप्ताह में 47 अरब डॉलर की असाधारण छलांग बाज़ार में हस्तक्षेप या मूल्यांकन प्रभाव की ओर संकेत करती है, जिसका विश्लेषण स्वतंत्र रूप से किया जाना चाहिए। मज़बूत भंडार रुपये की स्थिरता की गारंटी नहीं देता — 2022 में भी उच्च भंडार के बावजूद रुपया दबाव में आया था। दीर्घकालिक दृष्टि से FDI और निर्यात-आधारित प्रवाह, न कि अल्पकालिक पोर्टफोलियो निवेश, ही इस भंडार को टिकाऊ बनाएंगे।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

11 सितंबर 2026 तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार कितना है?
RBI के आंकड़ों के अनुसार 11 सितंबर 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 780.78 अरब डॉलर पर स्थिर रहा। यह इससे पिछले सप्ताह के 785.71 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर से थोड़ा नीचे है।
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड उच्च स्तर कब और कितना था?
4 सितंबर 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 785.71 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँचा था। उस सप्ताह एकल सप्ताह में 44.90 अरब डॉलर की बड़ी वृद्धि दर्ज की गई थी।
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सबसे बड़ा हिस्सा किसका है?
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ (FCA) हैं, जो 4 सितंबर 2026 तक 648.17 अरब डॉलर थीं। इसके अलावा स्वर्ण भंडार 113.816 अरब डॉलर, SDR होल्डिंग 18.806 अरब डॉलर और IMF रिज़र्व पोज़ीशन 4.916 अरब डॉलर है।
विदेशी मुद्रा भंडार का मज़बूत स्तर भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
मज़बूत विदेशी मुद्रा भंडार भारत को बाह्य आर्थिक झटकों, रुपये के अत्यधिक अवमूल्यन और आयात भुगतान में संभावित बाधाओं से सुरक्षा देता है। वर्तमान स्तर लगभग 12 महीनों के आयात के बराबर माना जा रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार पर्याप्त है।
मार्च 2026 के बाद से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में कितनी वृद्धि हुई?
4 सितंबर 2026 तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार मार्च 2026 के अंत की तुलना में 94.599 अरब डॉलर बढ़ा है। पिछले एक वर्ष की समान अवधि की तुलना में यह वृद्धि 87.438 अरब डॉलर रही।
राष्ट्र प्रेस
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