गुरुग्राम हिट एंड रन: पीड़िता सिया के पिता की माँग, कार में पीछे बैठे दोनों आरोपी भी गिरफ्तार हों
सारांश
मुख्य बातें
गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड हिट एंड रन मामले में पीड़िता बाइकर सिया के पिता रोशन चौहान ने 18 सितंबर 2026 को माँग की कि घटना के समय आरोपी वाहन में पीछे बैठे दो व्यक्तियों को भी तत्काल गिरफ्तार किया जाए। उनका कहना है कि किसी को जानबूझकर वाहन से टक्कर मारना एक सुनियोजित अपराध है और इसके लिए केवल चालक नहीं, बल्कि गाड़ी में बैठे सभी लोग जवाबदेह हैं।
पिता का बयान और पीछे बैठे आरोपियों की पहचान
रोशन चौहान ने बताया कि उनकी बेटी सिया ने पहले दिन से कहा था कि उस गाड़ी में चार लोग थे। उन्होंने कहा, 'सिया ने बताया कि उस गाड़ी के अंदर चार लोग थे। पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया था, उसके बाद एसआईटी भी बनी और उन्होंने बहुत अच्छा काम किया।' उन्होंने आरोप लगाया कि एक आरोपी कल्याण बैंसला ने दावा किया था कि पीछे उनकी बुआ और बेटी बैठी थीं, जबकि सिया के अनुसार पीछे भी लड़के ही बैठे थे।
रोशन चौहान ने अदालत से अपील की है कि पीछे बैठे दोनों व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया जाए, क्योंकि उनके अनुसार इस हमले में सभी की सहमति या कम-से-कम मूक स्वीकृति शामिल हो सकती है।
नशे की आशंका और क्लब से निकलने के बाद की घटना
सिया के पिता ने बताया कि जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने उस रात क्लब में पार्टी की थी। उन्होंने कहा, 'लोग पार्टी करते हैं, उसमें कोई परेशानी नहीं है। लेकिन दिक्कत यह है कि पूरी रात की पार्टी के बाद जब आप क्लब से निकलते हैं, तो सड़क को भी क्लब समझने लगते हैं।' उन्होंने कहा कि यह संभव है कि आरोपियों ने शराब पी रखी हो या भले ही न पी हो, लेकिन उस समय तक नशा न उतरा हो। उनके अनुसार, सिया ने अपने पहले बयान में ही कहा था कि गाड़ी में बैठे लोगों की मंशा ठीक नहीं थी।
जाति-विवाद और महापंचायत पर पिता की प्रतिक्रिया
रोशन चौहान ने इस मामले को जातीय रंग देने की कोशिशों पर नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा, 'अपराध की कोई जाति या कोई धर्म नहीं होता।' उन्होंने सवाल उठाया कि 36 बिरादरियाँ इस मामले में क्यों शामिल हो रही हैं। उन्होंने बैंसला परिवार के प्रति सहानुभूति भी जताई — 'मैं जानता हूँ कि उनके माता-पिता, पत्नी और बच्चों पर क्या बीत रही होगी' — लेकिन साथ ही कहा कि कानूनी प्रक्रिया को उसका काम करने दिया जाए।
उन्होंने महाभारत के पात्र कर्ण का उदाहरण देते हुए कहा कि जो लोग जानते हैं कि आरोपी गलत हैं, उन्हें भी अपना समर्थन वापस लेना चाहिए। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि इस मामले को तूल न दें और कानून को अपना काम करने दें।
पीड़िता की हालत और परिवार की व्यथा
रोशन चौहान ने बताया कि सिया को आज भी पीड़ा हो रही है। उन्होंने राहत जताई कि उनकी बेटी ने सेफ्टी गियर पहन रखा था, जिस कारण उसे अत्यंत गंभीर चोटें नहीं आईं। उन्होंने कहा, 'अगर वहाँ उसकी मौत हो जाती, तो पंचायत कैसे होती — यह मेरा समाज भी बता देता।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल कानूनी प्रक्रिया के भीतर न्याय माँग रहे हैं और उनकी किसी से व्यक्तिगत या जातीय दुश्मनी नहीं है।
आगे क्या होगा
फिलहाल एसआईटी मामले की जाँच कर रही है और दो आरोपियों को दो दिनों की पुलिस रिमांड मिल चुकी है। सिया के पिता ने अदालत से माँग की है कि गाड़ी में पीछे बैठे शेष दो व्यक्तियों को भी शीघ्र गिरफ्तार किया जाए। यह देखना होगा कि एसआईटी इस माँग के आलोक में अपनी जाँच को किस दिशा में आगे बढ़ाती है।