दलेर मेहंदी विवाद: FWICE ने PM मोदी और CM धामी को लिखा पत्र, शराब के आरोपों को नकारा
सारांश
मुख्य बातें
फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने 21 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर गायक दलेर मेहंदी का समर्थन किया है। यह पत्र उस विवाद के बाद आया है जिसमें उत्तराखंड के एक कैबिनेट मंत्री ने मेहंदी पर सार्वजनिक कार्यक्रम में शराब के नशे में होने का आरोप लगाया था।
विवाद की पृष्ठभूमि
रविवार को नई टिहरी में आयोजित सिद्धपीठ माँ कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले में प्रस्तुति के दौरान उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी को बीच में रोकते हुए कथित तौर पर आरोप लगाया कि वह शराब के नशे में हैं। इस घटना का वीडियो तेज़ी से वायरल हुआ और मनोरंजन जगत में तीव्र प्रतिक्रिया उत्पन्न हुई।
गौरतलब है कि यह वही मंच था जहाँ दलेर मेहंदी को एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए बुलाया गया था। मंत्री के सार्वजनिक हस्तक्षेप को FWICE ने 'अपमानजनक' करार दिया है।
FWICE का पक्ष और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी
FWICE ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि संगठन को भली-भाँति जानकारी है कि दलेर मेहंदी शराब का सेवन नहीं करते। संगठन ने यह भी बताया कि मेहंदी कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं और हाल ही में एक सर्जरी से उबरे हैं।
पत्र में कहा गया, 'हम सार्वजनिक कार्यक्रमों के सुचारू संचालन के महत्व को समझते हैं, लेकिन ऐसी स्थितियों को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाने के बजाय संवेदनशीलता और विवेक के साथ संभाला जाना चाहिए।'
कलाकारों की गरिमा का सवाल
FWICE ने अपने पत्र में दलेर मेहंदी के भारतीय संगीत जगत में योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि वह 'भारतीय संगीत जगत का एक बड़ा नाम हैं। उनके गीतों और प्रस्तुतियों ने कई पीढ़ियों में उन्हें व्यापक पहचान दिलाई है।' संगठन के अनुसार, किसी वरिष्ठ कलाकार का इस तरह सार्वजनिक अपमान 'पूरे मनोरंजन जगत के लिए दुखद' है।
संगठन ने ज़ोर देकर कहा कि किसी कलाकार की स्थिति के बारे में कोई निष्कर्ष निकालने से पहले संयम बरतना ज़रूरी है। यदि किसी कलाकार के स्वास्थ्य को लेकर कोई चिंता हो, तो उसे 'सहानुभूति और पेशेवर तरीके से' संबोधित किया जाना चाहिए।
सरकार से अपील
FWICE ने PM मोदी और CM धामी से अपील की है कि जनप्रतिनिधि और कार्यक्रम आयोजक कलाकारों के स्वास्थ्य या प्रदर्शन से जुड़ी किसी भी चिंता को 'उचित और सम्मानजनक तरीके से' संभालें। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि वह कलाकारों और मनोरंजन उद्योग से जुड़े कर्मचारियों के कल्याण, पेशेवर अधिकारों और निष्पक्ष व्यवहार के लिए सदैव खड़ा रहा है।
आगे क्या होगा
अब यह देखना होगा कि PM मोदी या CM धामी के कार्यालय से इस पत्र पर कोई प्रतिक्रिया आती है या नहीं। मनोरंजन उद्योग में यह मामला कलाकारों के सम्मान और राज्य-प्रायोजित आयोजनों में उनके साथ व्यवहार के व्यापक प्रश्न को भी उठाता है।