नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि: गुरमीत चौधरी भावुक, उदयपुर के हर्षवर्धन ने तरबूज पर बनाया पोर्ट्रेट
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है। अभिनेता गुरमीत चौधरी से लेकर राजस्थान के उदयपुर के एक स्थानीय कलाकार तक, हर कोई अपने-अपने अंदाज़ में इस दिग्गज अभिनेता को विदाई दे रहा है। 11 अक्टूबर 2026 को पटना पहुँचे गुरमीत चौधरी ने भावुक होकर नाना पाटेकर के जीवन और कार्यों को याद किया, जबकि उदयपुर के आर्टिस्ट व शेफ हर्षवर्धन सिंह ने तरबूज को कैनवास बनाकर एक अनूठी श्रद्धांजलि पेश की।
गुरमीत चौधरी की भावुक श्रद्धांजलि
पटना प्रवास के दौरान गुरमीत चौधरी ने कहा, 'एक्टर के निधन की खबर सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ। नाना पाटेकर बेहतरीन कलाकार थे और उनके लिए लोगों के दिलों में हमेशा जगह रहेगी।' उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने एक अखबार में पढ़ा था कि कारगिल युद्ध के दौरान नाना पाटेकर सैनिकों के बीच गए थे और उनके साथ समय बिताया था।
गुरमीत ने इस प्रसंग को अपने लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा, 'मैंने इससे समझा कि एक कलाकार के लिए सिर्फ अभिनय करना ही काफी नहीं है, बल्कि यह भी मायने रखता है कि वह समाज के लिए क्या योगदान देता है।' यह बात उनके समग्र व्यक्तित्व की गहरी छाप छोड़ती है।
फिल्म 'तुम मेरे हो' की प्रमोशन की शुरुआत बिहार से
गुरमीत चौधरी इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'तुम मेरे हो' को लेकर चर्चा में हैं। वह अपने होम प्रोडक्शन 'देब गुरु फिल्म्स' के तहत रेवा क्रिएटिव हाउस के साथ मिलकर इस फिल्म को प्रोड्यूस कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि यह फिल्म 23 अक्टूबर को रिलीज़ होने वाली है।
गुरमीत ने कहा, 'मुझे खुशी है कि मैं अपनी फिल्म के प्रमोशन की शुरुआत बिहार से कर रहा हूँ।' उन्होंने यह भी याद किया कि कम उम्र में उन्हें टीवी शो 'रामायण' में भगवान राम का किरदार निभाने का मौका मिला था, जिसे दर्शकों ने बेहद पसंद किया था। उन्होंने जोड़ा, 'फिल्म के गानों और ट्रेलर को लोगों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।'
तरबूज पर उकेरा दिल से पोर्ट्रेट
उदयपुर के आर्टिस्ट और शेफ हर्षवर्धन सिंह ने नाना पाटेकर को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए एक अनोखा तरीका चुना — उन्होंने तरबूज को कैनवास बनाकर अभिनेता का पोर्ट्रेट उकेरा। हर्षवर्धन ने बताया, 'एक्टर के निधन की खबर सुनकर मुझे बहुत बुरा लगा। मैं उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि देना चाहता था, इसलिए मैंने तरबूज पर उनका पोर्ट्रेट बनाया।'
उन्होंने बताया कि इस कलाकृति को पूरा करने में पाँच से छह घंटे का समय लगा। हर्षवर्धन ने कहा, 'मैंने इसे दिल से नाना पाटेकर को समर्पित किया है।' गौरतलब है कि इससे पहले भी वह धर्मेंद्र, धीरेंद्र शास्त्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसी जानी-मानी हस्तियों के पोर्ट्रेट बना चुके हैं।
नाना पाटेकर की विरासत
हर्षवर्धन ने बताया कि नाना पाटेकर की लगभग सभी फिल्में उन्हें पसंद हैं, लेकिन उनकी सबसे प्रिय फिल्म 'तिरंगा' है। नाना पाटेकर की अदाकारी और उनके सामाजिक सरोकार उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे बहुआयामी कलाकारों में से एक बनाते थे। उनके निधन से जो शून्य उत्पन्न हुआ है, वह लंबे समय तक महसूस किया जाता रहेगा।