अमन वर्मा बोले: हर उम्र की महिला को मिले मंच, 67 साल की प्रतिभागी ने बदली सोच
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता अमन वर्मा ने 4 अगस्त को पुणे में आयोजित 'मिसेज एंड मिस इंडिया एम्प्रेस ऑफ द नेशन' पेजेंट के सातवें सीज़न के दौरान मीडिया से बातचीत में कहा कि महिलाओं को उम्र की परवाह किए बिना अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलना चाहिए। इस आयोजन में एक 67 वर्षीया प्रतिभागी की भागीदारी ने उनके इस विचार को और पुख्ता किया।
डीवा पेजेंट से एक दशक से अधिक का नाता
अमन वर्मा ने बताया कि वे डीवा पेजेंट से लगभग 10-11 वर्षों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा, "यह बहुत शानदार स्टेज है, जहाँ हर क्षेत्र की महिलाओं को मौका दिया गया है, ताकि वे अपने अंदर की प्रतिभा को सभी को दिखा पाएँ।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि डीवा पेजेंट को लगभग 11-12 साल हो चुके हैं और वे उतने ही समय से इससे जुड़े हैं।
आयु सीमा पर अमन वर्मा का स्पष्ट रुख
पेजेंट में आयु सीमा के सवाल पर अभिनेता ने दो टूक कहा, "मुझे लगता है कि आयु सीमा होनी भी नहीं चाहिए, क्योंकि जब इंसान यह तय कर ले कि जीवन में कुछ हासिल करना है, तो उम्र कितनी भी हो, उससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता।" उन्होंने बताया कि इस बार के आयोजन में एक प्रतिभागी की उम्र 67 वर्ष है और उन्हें उम्मीद है कि आगे चलकर 70 वर्ष के आसपास के लोग भी इस मंच पर नज़र आएंगे।
एक आदर्श प्रतिभागी में क्या होना चाहिए
अमन वर्मा के अनुसार एक सफल प्रतिभागी में खूबसूरती, आत्मविश्वास, क्षमता और सटीक जवाब देने की समझ — ये सभी गुण होने चाहिए। उन्होंने कहा, "सबसे बड़ी बात यह है कि जब आप मंच पर होते हैं और आपसे सवाल किया जाता है, तो उसका जवाब कैसे देते हैं — क्योंकि मैंने देखा है कि बड़े-बड़े लोग भी यह नहीं कर पाते।"
प्रतिभागी महिलाओं की तारीफ
अभिनेता ने इस आयोजन में शामिल सभी महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि वे शिक्षित और बहुआयामी प्रतिभा की धनी थीं। उन्होंने कहा, "इस उम्र में आत्मविश्वास का होना और सभी का अच्छे से बोल पाना — यह बताता है कि उन्हें बस एक सही मंच की ज़रूरत थी।" उन्होंने माना कि महिलाओं को समाज में अपेक्षाकृत कम अवसर मिलते हैं, इसलिए ऐसे मंच और भी अहम हो जाते हैं।
आगे की राह
अमन वर्मा ने कहा कि वे इस पेजेंट के अगले आयोजन का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। यह आयोजन ऐसे समय में आया है जब देश में महिला सशक्तिकरण और समावेशी मंचों की माँग लगातार बढ़ रही है। पेजेंट के सातवें सीज़न की यह भागीदारी दर्शाती है कि प्रतिभा की कोई उम्र नहीं होती।