हिना खान ने ऑपरेशन सिंदूर के जवानों से की मुलाकात, बोलीं — 'यह गर्व का पल हमेशा याद रहेगा'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री हिना खान ने हाल ही में कश्मीर का दौरा किया, जहाँ उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में सक्रिय भूमिका निभाने वाले जाँबाज़ सैनिकों से मुलाकात की। मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को अभिनेत्री ने इस अनुभव को सार्वजनिक रूप से साझा करते हुए कहा कि वह इस यादगार मुलाकात को जीवनभर गर्व के साथ संजो कर रखेंगी। यह दौरा प्रधानमंत्री कार्यालय और भारतीय सेना के निमंत्रण पर हुआ।
दौरे का विवरण और अनुभव
हिना खान ने अपने इंस्टाग्राम के ज़रिए इस यात्रा की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कश्मीर में भारतीय सेना द्वारा संचालित गुडविल स्कूलों, विशेष जरूरतों वाले बच्चों के विद्यालयों तथा अस्पतालों का दौरा किया और सेना के व्यापक सामाजिक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों को करीब से देखने का अवसर उनके लिए अत्यंत सम्मानजनक रहा।
अभिनेत्री के अनुसार, सेना कश्मीर में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोज़गार और स्थानीय समुदायों के सशक्तीकरण के लिए अथक परिश्रम कर रही है। उन्होंने कहा कि सेना केवल देश की सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों के बेहतर भविष्य के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
ऑपरेशन सिंदूर के सैनिकों से मुलाकात
हिना खान ने ऑपरेशन सिंदूर में शामिल रहे बहादुर सैनिकों से सीधे मुलाकात की और उनके अनुभव सुने। अभिनेत्री ने कहा, 'इन सैनिकों से बातचीत करना और उनकी सेवा तथा अनुभवों को सुनना गर्व का विषय रहा, जिसे मैं हमेशा याद रखूँगी।' उन्होंने उत्तरी कमान के अधिकारियों और जवानों की गर्मजोशी और आतिथ्य की विशेष प्रशंसा की।
सेना के सामाजिक कार्यों की सराहना
अभिनेत्री ने भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, जवानों, शिक्षकों, डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोगों के कल्याण और समृद्धि के लिए सेना का समर्पण प्रेरणादायक है। हिना खान के अनुसार, सेना के कार्यों का सबसे प्रभावशाली पहलू उनकी विनम्रता है — वे बिना किसी प्रशंसा या पहचान की अपेक्षा के समाज के लिए निरंतर काम कर रहे हैं।
अनसुने नायकों को सामने लाने की अपील
हिना खान ने कहा कि कश्मीर में सेना के ऐसे अनेक अनसुने नायक हैं, जो पर्दे के पीछे रहकर समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने ज़ोर दिया कि ऐसे प्रयासों को सामने लाया जाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक लोग इनसे प्रेरित हो सकें। दौरे के अंत में उन्होंने कहा कि वह भारतीय सेना के प्रति और अधिक सम्मान, गर्व और कृतज्ञता की भावना लेकर लौट रही हैं। यह दौरा सैन्य-नागरिक जुड़ाव की उस परंपरा का हिस्सा है जिसे भारतीय सेना कश्मीर में वर्षों से मज़बूत करती आई है।