साई पल्लवी विवाद पर दीपिका चिखलिया बोलीं — 'फिल्म आने के बाद दर्शक उन्हें अपना लेंगे'
सारांश
मुख्य बातें
निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण: पार्ट वन' में अभिनेत्री साई पल्लवी को माता सीता की भूमिका दिए जाने पर सोशल मीडिया पर जारी आलोचना के बीच, 1987 की रामानंद सागर की 'रामायण' में माता सीता का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री दीपिका चिखलिया ने 3 अगस्त को अपना स्पष्ट पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि यह विवाद नहीं, बल्कि दर्शकों का गहरा लगाव है — और उन्हें पूरा भरोसा है कि फिल्म रिलीज होने के बाद लोग साई पल्लवी को भी स्वीकार कर लेंगे।
दीपिका चिखलिया की प्रतिक्रिया
दीपिका चिखलिया ने कहा, 'मेरा मानना है कि यह लोगों का प्यार है। अरुण गोविल, मैंने और सुनील लहरी समेत हमारी पूरी टीम ने दर्शकों के दिलों और दिमाग पर इतनी गहरी छाप छोड़ी है कि लोगों के लिए हमें उन किरदारों से अलग करके देखना आसान नहीं है।' उन्होंने आगे कहा, 'शुरुआत में थोड़ा भ्रम या असमंजस जरूर रहेगा, लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि जब फिल्म रिलीज होगी और लोग कलाकारों का काम देखेंगे, तो वे उन्हें भी स्वीकार कर लेंगे।'
पहले का बयान और सफाई
गौरतलब है कि इससे पहले एक इंटरव्यू में दीपिका चिखलिया ने कहा था कि तुलसीदास की रामायण में माता सीता के जिस स्वरूप का वर्णन है, साई पल्लवी उससे पूरी तरह मेल नहीं खातीं — ग्रंथों में बादाम जैसी आंखों, विशेष कद-काठी और सीधे बालों का उल्लेख है, घुंघराले बालों का नहीं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा हुई थी।
हालांकि बाद में एक पॉडकास्ट में दीपिका ने स्पष्ट किया कि उनके शब्दों को गलत संदर्भ में पेश किया गया। उन्होंने कहा, 'मैंने साई पल्लवी की कई फिल्में देखी हैं और वह बेहद प्रतिभाशाली और मेहनती अभिनेत्री हैं। उन्होंने अभिनय के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई और मैं उनके काम की हमेशा सराहना करती हूं।'
फिल्म का पूरा कास्ट
नितेश तिवारी निर्देशित 'रामायण: पार्ट वन' में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका में हैं, यश रावण के किरदार में नजर आएंगे, और साई पल्लवी माता सीता की भूमिका निभा रही हैं। बड़े बजट की यह फिल्म लंबे समय से दर्शकों की प्रतीक्षा में है।
सोशल मीडिया विवाद का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब बड़े पर्दे पर पौराणिक कथाओं के रूपांतरण को लेकर दर्शकों की संवेदनशीलता बढ़ी हुई है। आलोचकों का कहना है कि 1987 की 'रामायण' ने भारतीय जनमानस में किरदारों की एक विशेष छवि इतनी गहराई से बिठा दी है कि किसी भी नए कलाकार की तुलना अनिवार्य रूप से होती है। दीपिका चिखलिया का यह बयान इस बहस को एक संतुलित दिशा देने का प्रयास है।