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दीपिका चिखलिया बोलीं — 'सीता' की पहचान मेरा सबसे बड़ा सौभाग्य, रामायण हर युग में प्रासंगिक

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दीपिका चिखलिया बोलीं — 'सीता' की पहचान मेरा सबसे बड़ा सौभाग्य, रामायण हर युग में प्रासंगिक

सारांश

तीन दशक से भी अधिक समय बाद भी दीपिका चिखलिया के लिए 'सीता' की पहचान सबसे बड़ा सौभाग्य है। रामानंद सागर की 'रामायण' की यह अदाकारा जल्द ही 'तेरा मेरा नाता' से पर्दे पर वापसी करने वाली हैं।

मुख्य बातें

दीपिका चिखलिया ने कहा कि तीन दशकों से अधिक समय बाद भी माता सीता के रूप में पहचाना जाना उनका सबसे बड़ा सौभाग्य है।
रामानंद सागर की 'रामायण' को उन्होंने दुनिया के बेहतरीन स्क्रीनप्ले में से एक बताया।
धारावाहिक में अरुण गोविल (राम), सुनील लहरी (लक्ष्मण), अरविंद त्रिवेदी (रावण) और दारा सिंह (हनुमान) ने अभिनय किया था।
दीपिका अपनी आगामी फिल्म 'तेरा मेरा नाता' के प्रमोशन में व्यस्त हैं, जो एक भावनात्मक फैमिली ड्रामा है।
उन्होंने कहा कि रामायण की आस्था और मूल्यों पर आधारित बुनियाद ही इसे हर पीढ़ी के लिए प्रासंगिक बनाती है।

अभिनेत्री दीपिका चिखलिया, जिन्होंने रामानंद सागर के कालजयी टेलीविजन धारावाहिक 'रामायण' में माता सीता की भूमिका निभाकर करोड़ों दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी, ने कहा है कि तीन दशकों से भी अधिक समय बाद भी देवी सीता के रूप में पहचाने जाने को वे अपना सबसे बड़ा आशीर्वाद और सौभाग्य मानती हैं। मुंबई में अपनी आगामी फिल्म 'तेरा मेरा नाता' के प्रचार-प्रसार के दौरान उन्होंने यह भावपूर्ण बात साझा की।

सीता की भूमिका और दर्शकों का प्रेम

दीपिका चिखलिया ने कहा, 'ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसा किरदार निभाने का मौका मिला। लोगों ने मुझे बहुत प्यार दिया और स्वीकार किया। रामायण एक ऐसी कहानी है जो हर युग में नए अंदाज में सुनाई जा सकती है। पहले भी बनी है, आगे भी रहेगी, क्योंकि उसकी बुनियाद आस्था और मूल्यों पर टिकी हुई है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि तीन दशकों से अधिक वर्ष बीत जाने के बाद भी दर्शकों का उन्हें इसी रूप में याद रखना और स्नेह देना उन्हें अभिभूत कर देता है।

रामायण की कालजयी प्रासंगिकता

'रामायण' आज भी प्रासंगिक क्यों है, इस पर दीपिका ने कहा, 'रामायण को दुनिया के बेहतरीन स्क्रीनप्ले में गिना जाता है। इसके हर किरदार में एक गहरी सीख है। राम एक आदर्श पुत्र, पति और भाई थे। सीता जी एक आदर्श पत्नी, बहू और बेटी थीं। लक्ष्मण जी भी अपने कर्तव्य और समर्पण के प्रतीक थे। इस कहानी में सकारात्मकता है और इसीलिए लोग इसे बार-बार देखना और समझना चाहते हैं।' उनके अनुसार, रामायण की शिक्षाएँ और संदेश इतने सार्वकालिक हैं कि हर पीढ़ी इनसे गहराई से जुड़ती आई है।

ऐतिहासिक धारावाहिक की स्टारकास्ट

80 के दशक में प्रसारित रामानंद सागर की 'रामायण' भारतीय टेलीविजन इतिहास का एक मील का पत्थर मानी जाती है। इस धारावाहिक में अरुण गोविल ने भगवान राम, सुनील लहरी ने लक्ष्मण, अरविंद त्रिवेदी ने रावण, दारा सिंह ने हनुमान और दीपिका चिखलिया ने माता सीता की भूमिका निभाई थी। दर्शकों का इन कलाकारों के प्रति समर्पण इतना गहरा था कि वे इन्हें पर्दे पर साक्षात देवता के रूप में देखते और श्रद्धापूर्वक प्रणाम करते थे।

आगामी फिल्म 'तेरा मेरा नाता'

दीपिका चिखलिया जल्द ही फिल्म 'तेरा मेरा नाता' में नज़र आएंगी, जिसमें वे सूरज के साथ मुख्य भूमिका में हैं। यह फिल्म भावनात्मक पारिवारिक रिश्तों पर केंद्रित है और इसे एक दिल को छू लेने वाले फैमिली ड्रामा के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। इस फिल्म के साथ दीपिका एक बार फिर बड़े पर्दे पर दर्शकों से रूबरू होने के लिए तैयार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय टेलीविजन के उस स्वर्णिम दौर का प्रतिबिंब है जब पर्दे और आस्था के बीच की रेखा लगभग मिट जाती थी। यह उल्लेखनीय है कि जिस दौर में ओटीटी और रील-संस्कृति ने दर्शकों की स्मृति को क्षणभंगुर बना दिया है, वहाँ एक किरदार का तीन दशकों तक जीवित रहना सांस्कृतिक पहचान की गहराई को दर्शाता है। हालाँकि, यह भी विचारणीय है कि क्या इस 'सीता-छवि' ने दीपिका की अभिनय-यात्रा को विस्तार दिया या एक सीमा में बाँधा — यह प्रश्न मनोरंजन जगत में टाइपकास्टिंग की व्यापक बहस से जुड़ता है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपिका चिखलिया ने 'रामायण' में कौन-सी भूमिका निभाई थी?
दीपिका चिखलिया ने रामानंद सागर के प्रतिष्ठित टेलीविजन धारावाहिक 'रामायण' में माता सीता की भूमिका निभाई थी। यह धारावाहिक 80 के दशक में प्रसारित हुआ था और भारतीय टेलीविजन इतिहास में मील का पत्थर माना जाता है।
दीपिका चिखलिया की आगामी फिल्म कौन-सी है?
दीपिका चिखलिया जल्द ही फिल्म 'तेरा मेरा नाता' में नज़र आएंगी, जिसमें वे सूरज के साथ मुख्य भूमिका में हैं। यह फिल्म भावनात्मक पारिवारिक रिश्तों पर आधारित है और इसे फैमिली ड्रामा के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
रामानंद सागर की 'रामायण' में मुख्य कलाकार कौन थे?
इस धारावाहिक में अरुण गोविल ने भगवान राम, सुनील लहरी ने लक्ष्मण, अरविंद त्रिवेदी ने रावण, दारा सिंह ने हनुमान और दीपिका चिखलिया ने माता सीता की भूमिका निभाई थी। दर्शक इन सभी कलाकारों को साक्षात देवता की तरह मानते थे।
दीपिका चिखलिया के अनुसार 'रामायण' आज भी प्रासंगिक क्यों है?
दीपिका के अनुसार रामायण की बुनियाद आस्था और मूल्यों पर टिकी है, इसीलिए यह हर युग में प्रासंगिक रहती है। उन्होंने कहा कि इसके हर किरदार में एक गहरी सीख है और इसमें सकारात्मकता है, जो लोगों को बार-बार इससे जोड़ती है।
दीपिका चिखलिया ने सीता की पहचान के बारे में क्या कहा?
दीपिका चिखलिया ने कहा कि तीन दशकों से अधिक समय बाद भी माता सीता के रूप में पहचाना जाना और दर्शकों का प्यार पाना उनके लिए सबसे बड़ा सौभाग्य और आशीर्वाद है। उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे गौरवशाली अनुभव बताया।
राष्ट्र प्रेस
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