क्या अचानक आई उदासी से निपटने का तरीका जानना चाहते हैं? ऋतिक रोशन ने बताया 90 सेकंड का नियम
सारांश
Key Takeaways
- उदासी केवल 90 सेकंड तक रहती है।
- भावनाओं को समझने का प्रयास करें।
- सकारात्मकता को अपनाने का प्रयास करें।
- नीति और दृष्टिकोण में बदलाव लाएँ।
- अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
मुंबई, १५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता ऋतिक रोशन अपने सोशल मीडिया पर अक्सर विशेष पोस्ट साझा कर अपने फैंस से जुड़ते रहते हैं। हालिया पोस्ट में उन्होंने बताया कि अचानक आई उदासी से कैसे निपटा जाए। उन्होंने इस समस्या का एक सरल समाधान भी प्रस्तुत किया।
ऋतिक ने इंस्टाग्राम पर एक गहन और विचारशील पोस्ट में सुबह की अचानक आई उदासी और भावनाओं पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने मजाकिया लहजे में लिखा, "कानूनी चेतावनी: बेमतलब की सुबह की बकवास।"
ऋतिक ने कहा कि अच्छा समय बीतने के बाद अचानक दुनिया की सभी नकारात्मकताएँ सामने आ जाती हैं। अच्छी चीजें भी अपना नकारात्मक पक्ष दिखाने लगती हैं और दिन तेजी से गुजरता जाता है। उन्होंने बताया कि हम कितनी समझदारी से इन भावनाओं को अपने तरीके से समझाने और समाधान निकालने की कोशिश करते हैं, लेकिन फिर भी इस बेतुकी उदासी से बाहर नहीं निकल पाते। यह उदासी बिना चेतावनी के हमें अपने जाल में जकड़ लेती है।
ऋतिक ने आगे कहा कि वह अपनी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त कर रहे हैं और बड़े शब्दों से उदासी को छिपाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने दुनिया की इस स्थिति पर चिंता जताई, जहाँ बेकार चीजों को इस तरह से प्रस्तुत किया जाता है कि वे आवश्यक और तार्किक लगने लगती हैं। फिर उन्होंने विज्ञान का संदर्भ दिया - न्यूरोसाइंटिस्ट डॉ. जिल बोल्टे टेलर के अनुसार, कोई भी भावना अपने शुद्ध रूप में सिर्फ ९० सेकंड तक रहती है। उसके बाद वह बदल जाती है या किसी अन्य भावना में मिल जाती है, इसलिए ज्यादा सोचने का कोई मतलब नहीं है।
उन्होंने लिखा, "इसमें मुझे ४५ सेकंड लगे, ४५ बाकी हैं।" पोस्ट के अंत में उन्होंने उन लोगों को मेंशन किया जो इस अजीब पोस्ट को नहीं समझ पाएंगे या बाद में नाराज होंगे। उन्होंने कहा, "मेरे दोस्तों, आप सच में जिंदगी वैसे जी रहे हैं जैसे इसे जीना चाहिए।"
ऋतिक रोशन अक्सर अपनी व्यक्तिगत यात्रा, फिटनेस, और मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर विचार साझा करते हैं।