क्या आप करेला के फायदों के बारे में जानते हैं? जानें किन परेशानियों में कर सकते हैं सेवन!
सारांश
Key Takeaways
- करेला रक्त को शुद्ध करता है।
- यह त्वचा विकारों में सहायक होता है।
- करेला दूध उत्पादन में मदद करता है।
- आंतों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।
- करेला का जूस चेहरे पर निखार लाता है।
नई दिल्ली, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। करेला का नाम सुनते ही मुंह में कड़वापन आ जाता है, लेकिन यह औषधीय गुणों से भरा होता है। केवल करेला खाने के ही फायदे नहीं हैं, बल्कि इसे लगाने के भी कई लाभ हैं।
करेला रक्त को शुद्ध करने के साथ-साथ विटामिन ए, बी और सी की पूर्ति भी करता है।
आयुर्वेद में इसे 'करवेल्लक' कहा जाता है, जो दूषित रक्त, बढ़ी हुई शर्करा और कीड़ों को दूर करने की क्षमता रखता है। करेला अग्नि और अग्न्याशय तक पहुंचने वाली एक शुद्धिकरण औषधि है। यह रक्त को गहराई से पोषण देकर आंतों के कीड़ों, घावों को भरने और त्वचा विकारों को ठीक करने का कार्य करता है।
करेला स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए भी लाभकारी है, क्योंकि यह दूध बनाने वाले हार्मोन का उत्पादन बढ़ाता है। फिर भी, इसका सेवन चिकित्सक की सलाह पर ही करें। घाव पर करेले का लेप लगाने से यह घाव को भरने, संक्रमण को रोकने और सूजन को कम करने में सहायक होता है।
आंतों का डिटॉक्स होना आवश्यक है। कई दिनों तक मल साफ न होने पर आंतों में कीड़े और बुरे बैक्टीरिया उत्पन्न होने लगते हैं। इस स्थिति में करेला को जूस या सलाद के रूप में लिया जा सकता है। इसके कड़वेपने को कम करने के लिए नमक लगाकर कुछ घंटों के लिए रख सकते हैं।
यदि चेहरे पर एक्ने और मुंहासे होते हैं, तो यह रक्त की अशुद्धता का संकेत है। रक्त को शुद्ध करने के लिए रोजाना करेले का जूस पीना लाभकारी है। यह चेहरे पर निखार लाने के साथ ही खुजली और रूखेपन से भी राहत दिलाता है। करेला सभी मूल कारणों को संतुलित करता है और शरीर को स्व-स्वस्थ होने की शक्ति प्रदान करता है।