26 जून 2026
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यश जौहर की 22वीं पुण्यतिथि पर जैकी श्रॉफ भावुक, बोले — 'हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे'

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यश जौहर की 22वीं पुण्यतिथि पर जैकी श्रॉफ भावुक, बोले — 'हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे'

सारांश

जैकी श्रॉफ ने 26 जून को यश जौहर की 22वीं पुण्यतिथि पर सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर साझा कर भावुक श्रद्धांजलि दी। 1976 में धर्मा प्रोडक्शंस के संस्थापक यश जौहर ने 'कुछ कुछ होता है' से 'कल हो ना हो' तक कई कालजयी फिल्में दीं।

मुख्य बातें

जैकी श्रॉफ ने 26 जून 2026 को यश जौहर की 22वीं पुण्यतिथि पर सोशल मीडिया पर भावुक श्रद्धांजलि दी।
यश जौहर ने 1976 में धर्मा प्रोडक्शंस की स्थापना की और 'कुछ कुछ होता है' , 'कभी खुशी कभी गम...' जैसी फिल्में बनाईं।
यश जौहर का निधन 26 जून 2004 को 74 वर्ष की आयु में कैंसर से हुआ था।
उनके पुत्र करण जौहर ने धर्मा प्रोडक्शंस की विरासत को आगे बढ़ाया और 2017 में अपने बेटे का नाम पिता के सम्मान में यश रखा।
जैकी श्रॉफ बॉलीवुड की महत्वपूर्ण हस्तियों की पुण्यतिथि नियमित रूप से याद करने के लिए जाने जाते हैं।

बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ ने 26 जून 2026 को दिग्गज फिल्म निर्माता यश जौहर की 22वीं पुण्यतिथि पर सोशल मीडिया के ज़रिए गहरी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने दिवंगत निर्माता की एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए लिखा — 'यश जौहर जी हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे (6 सितंबर 1929 – 26 जून 2004)।' यह पोस्ट हिंदी सिनेमा जगत में यश जौहर की अमिट छाप की याद दिलाती है।

यश जौहर की विरासत

यश जौहर हिंदी सिनेमा के सबसे सम्मानित फिल्म निर्माताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने 1976 में धर्मा प्रोडक्शंस की स्थापना की, जो आज भारत के सबसे प्रतिष्ठित प्रोडक्शन हाउसों में से एक है। उनके निर्देशन में बनी फिल्मों ने भारतीय दर्शकों की कई पीढ़ियों को प्रभावित किया।

यादगार फिल्में

यश जौहर ने अपने करियर में 'दोस्ताना' (1980), 'अग्निपथ' (1990), 'गुमराह' (1993), 'डुप्लीकेट' (1998), 'कुछ कुछ होता है' (1998), 'कभी खुशी कभी गम...' (2001) और 'कल हो ना हो' (2003) जैसी कालजयी फिल्में दीं। ये फिल्में आज भी दर्शकों के दिलों में एक विशेष स्थान रखती हैं।

निधन और उत्तराधिकार

26 जून 2004 को 74 वर्ष की आयु में कैंसर से जूझते हुए यश जौहर का निधन हो गया। उनके जाने के बाद उनके पुत्र करण जौहर ने धर्मा प्रोडक्शंस की बागडोर संभाली और इसे नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। करण के नेतृत्व में 'कभी अलविदा ना कहना', 'माई नेम इज खान', 'ये जवानी है दीवानी', 'राजी' और 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' जैसी अनेक सफल फिल्में बनीं।

पिता को जीवित रखती यादें

2017 में सरोगेसी के माध्यम से जन्मे अपने जुड़वां बच्चों में से बेटे का नाम करण जौहर ने अपने दिवंगत पिता के नाम पर यश रखा, जबकि बेटी का नाम रूही रखा — जो उनकी माँ के नाम हीरू का संक्षिप्त रूप है। यह भावनात्मक निर्णय दर्शाता है कि यश जौहर की स्मृति परिवार में किस गहराई से जीवित है।

जैकी श्रॉफ की भावुक याद

गौरतलब है कि जैकी श्रॉफ बॉलीवुड में उन विरले अभिनेताओं में हैं जो मनोरंजन जगत की महत्वपूर्ण हस्तियों की जयंती और पुण्यतिथि को नियमित रूप से याद करते हैं। उनकी यह श्रद्धांजलि यश जौहर के प्रति उनके व्यक्तिगत लगाव और बॉलीवुड की उस पीढ़ी के प्रति गहरे सम्मान को दर्शाती है जिसने हिंदी सिनेमा को नई पहचान दी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसकी नींव पर करण जौहर ने आधुनिक हिंदी सिनेमा की इमारत बनाई। यह भी उल्लेखनीय है कि जिस पीढ़ी ने यश जौहर की फिल्मों में बड़े होकर देखा, वही आज उनके नाम को सोशल मीडिया पर ट्रेंड करा देती है — यह उनकी विरासत की असली ताकत है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यश जौहर कौन थे और उनकी पुण्यतिथि कब है?
यश जौहर हिंदी सिनेमा के दिग्गज फिल्म निर्माता और धर्मा प्रोडक्शंस के संस्थापक थे। उनका निधन 26 जून 2004 को 74 वर्ष की आयु में हुआ था, और 26 जून 2026 को उनकी 22वीं पुण्यतिथि मनाई गई।
जैकी श्रॉफ ने यश जौहर को कैसे याद किया?
जैकी श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर यश जौहर की एक पुरानी तस्वीर साझा की और लिखा — 'यश जौहर जी हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे (6 सितंबर 1929 – 26 जून 2004)।' यह पोस्ट उनके प्रति जैकी के गहरे व्यक्तिगत सम्मान को दर्शाती है।
यश जौहर ने कौन-सी प्रमुख फिल्में बनाईं?
यश जौहर ने 'दोस्ताना' (1980), 'अग्निपथ' (1990), 'कुछ कुछ होता है' (1998), 'कभी खुशी कभी गम...' (2001) और 'कल हो ना हो' (2003) जैसी कालजयी फिल्में बनाईं। ये सभी फिल्में आज भी हिंदी सिनेमा की क्लासिक मानी जाती हैं।
यश जौहर के बाद धर्मा प्रोडक्शंस को किसने संभाला?
यश जौहर के निधन के बाद उनके पुत्र करण जौहर ने धर्मा प्रोडक्शंस की बागडोर संभाली। करण ने 'ये जवानी है दीवानी', 'राजी' और 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' जैसी सफल फिल्मों के साथ इस विरासत को आगे बढ़ाया।
करण जौहर ने अपने बेटे का नाम यश क्यों रखा?
2017 में सरोगेसी के माध्यम से जन्मे अपने जुड़वां बेटे का नाम करण जौहर ने अपने दिवंगत पिता यश जौहर की स्मृति में यश रखा। यह उनके पिता के प्रति गहरी भावनात्मक श्रद्धांजलि थी।
राष्ट्र प्रेस
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