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जावेद अख्तर ने खारिज किया फर्जी संदेश, बोले- सीजेपी पर मेरी टिप्पणी बताने वाला मैसेज पूरी तरह झूठा

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जावेद अख्तर ने खारिज किया फर्जी संदेश, बोले- सीजेपी पर मेरी टिप्पणी बताने वाला मैसेज पूरी तरह झूठा

सारांश

जावेद अख्तर ने एक्स पर स्पष्ट किया कि उनके नाम से वायरल हो रहा वह संदेश झूठा है जिसमें उन्हें सीजेपी का आलोचक बताया गया। साथ ही, सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना राष्ट्रव्यापी अभियान तेज कर दिया है।

मुख्य बातें

जावेद अख्तर ने 5 अक्टूबर 2026 को एक्स पर लंबा नोट लिखकर अपने नाम से वायरल फर्जी संदेश का खंडन किया।
उस नकली मैसेज में दावा था कि अख्तर ने सीजेपी के अभिजीत दिपके को अरविंद केजरीवाल का 'कठपुतली' बताया और भाजपा-विरोधी एजेंडा चलाने का आरोप लगाया।
सीजेपी ने 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग वाला प्रदर्शन किया।
दिल्ली पुलिस ने 4 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
सीजेपी ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

मशहूर गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर ने 5 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक फर्जी संदेश का खंडन किया, जिसमें दावा किया गया था कि उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके की आलोचना की है। अख्तर ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर एक विस्तृत नोट लिखकर स्पष्ट किया कि उनके नाम से फैलाई जा रही यह बात पूरी तरह असत्य है।

क्या था वायरल संदेश

सोशल मीडिया पर फैलाए गए उस नकली मैसेज में दावा किया गया था कि जावेद अख्तर ने अभिजीत दिपके को अरविंद केजरीवाल का 'कठपुतली' बताया है और सीजेपी पर भाजपा-विरोधी एजेंडा चलाने का आरोप लगाया है। यह संदेश तेजी से शेयर किया जाने लगा और कई लोगों ने इसे सच मान लिया।

जावेद अख्तर का खंडन

अख्तर ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, 'मैं जावेद अख्तर, सभी को बताना चाहता हूं कि सोशल मीडिया पर चल रहा वह नकली मैसेज, जिसमें कहा गया है कि मैंने सीजेपी की आलोचना की है और अभिजीत दिपके को बुरा-भला कहा है, पूरी तरह से झूठा है।'

उन्होंने आगे व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'मुझे हैरानी है कि जो लोग दिपके और सीजेपी का विरोध कर रहे हैं, उन्हें मुझ जैसे व्यक्ति से विश्वसनीयता उधार लेने की जरूरत पड़ रही है। क्या हालत हो गई है? दुखद है।' सलीम-जावेद की जोड़ी के रूप में हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बना चुके अख्तर ने इस तरह के फर्जी प्रचार पर गहरी नाराजगी जताई।

सीजेपी का विरोध अभियान

इस बीच, अभिजीत दिपके के नेतृत्व वाली सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एक नया विरोध अभियान छेड़ा हुआ है। 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में पुलिस की अनुमति न होने के बावजूद सैकड़ों समर्थक जमा हुए।

सीजेपी चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) का विरोध कर रही है और इस प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगा रही है। दूसरी तरफ, चुनाव आयोग का कहना है कि इस संशोधन का उद्देश्य डुप्लिकेट, मृत और अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाकर वैध मतदाताओं की सूची को दुरुस्त करना है।

आंदोलन का विस्तार और दिल्ली में हिरासत

सीजेपी ने घोषणा की है कि यह अभियान गोवा, बेंगलुरु और कोलकाता सहित अन्य शहरों तक फैलाया जाएगा। दिपके ने दिल्ली लौटने की भी घोषणा की है और कहा है कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते, तो 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इससे पहले 4 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने एक प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था।

आगे क्या होगा

यह मामला डिजिटल युग में फर्जी खबरों और नामी हस्तियों के नाम का दुरुपयोग करने की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करता है। जावेद अख्तर जैसी सार्वजनिक हस्तियों का नाम किसी राजनीतिक विवाद में घसीटने की यह कोशिश, सोशल मीडिया पर फर्जी सूचनाओं के प्रसार की गंभीरता को रेखांकित करती है। 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन और सीजेपी का बढ़ता अभियान इस विवाद को और आगे ले जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन फर्जी प्रचार से उसकी विश्वसनीयता को ही नुकसान पहुँचता है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि इस तरह की झूठी पोस्ट असली बहस — मतदाता सूची शुद्धता बनाम मतदाता बहिष्करण — को पृष्ठभूमि में धकेल देती हैं।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जावेद अख्तर ने किस फर्जी संदेश का खंडन किया?
जावेद अख्तर ने उस वायरल मैसेज का खंडन किया जिसमें दावा था कि उन्होंने सीजेपी और उसके संस्थापक अभिजीत दिपके की आलोचना की है। अख्तर ने एक्स पर स्पष्ट किया कि यह संदेश पूरी तरह झूठा है और उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा।
सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) किस मुद्दे पर विरोध कर रही है?
सीजेपी चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) का विरोध कर रही है और इसमें गड़बड़ी का आरोप लगा रही है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है।
सीजेपी का अगला बड़ा प्रदर्शन कब और कहाँ होगा?
सीजेपी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। यदि मुख्य चुनाव आयुक्त तब तक इस्तीफा नहीं देते तो यह प्रदर्शन होगा।
मतदाता सूची के एसआईआर पर चुनाव आयोग का क्या कहना है?
चुनाव आयोग का कहना है कि विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) का मकसद डुप्लिकेट, मृत और अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाकर सूची को सटीक बनाना है। आयोग के अनुसार इस प्रक्रिया में योग्य मतदाताओं के नाम बनाए रखे जाते हैं।
4 अक्टूबर को दिल्ली में क्या हुआ?
4 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने एक सीजेपी प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। यह उसी श्रृंखला का हिस्सा है जिसमें 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क पर भी बिना अनुमति के प्रदर्शन हुआ था।
राष्ट्र प्रेस
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