क्या पहलगाम हमले के पीड़ितों की कहानियां हमें बदलने पर मजबूर करेंगी? जूही परमार ने साझा किया दर्द

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क्या पहलगाम हमले के पीड़ितों की कहानियां हमें बदलने पर मजबूर करेंगी? जूही परमार ने साझा किया दर्द

सारांश

टीवी अभिनेत्री जूही परमार ने 'कहानी हर घर की' शो में पहलगाम हमले के पीड़ित परिवारों की अनकही कहानियों को साझा किया। उनके अनुभव ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। क्या हम इन कहानियों से कुछ सीख सकते हैं?

मुख्य बातें

अभिनेत्री जूही परमार ने पहलगाम हमले के पीड़ितों की कहानियाँ साझा कीं।
शो का उद्देश्य महिलाओं को अपने अनुभव साझा करने का मंच देना है।
इन कहानियों के माध्यम से हमें पीड़ित परिवारों के साथ सहानुभूति दर्शानी चाहिए।

मुंबई, 15 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। टेलीविजन की मशहूर अभिनेत्री जूही परमार वर्तमान में टीवी शो 'कहानी हर घर की' की मेज़बानी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों की दर्दनाक कहानियों को सुनकर उनकी आँखों में आंसू आ गए।

अभिनेत्री ने कहा, "पहलगाम हमले के पीड़ित परिवारों का दर्द आपके दिल को झकझोर देगा। जब एक पत्नी बताती है कि वह हर दिन अपने पति के अंतिम क्षणों को याद करती है, जब एक पिता अपने बेटे के अधूरे सपनों का जिक्र करता है, या जब एक बहन अपने घर की खामोशी के बारे में बताती है, तो ये केवल कहानियां नहीं हैं, बल्कि कभी न भरने वाले जख्म हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "शो 'कहानी हर घर की' के माध्यम से मुझे इन अनसुनी आवाज़ों को साझा करने और उनके दुख को समझने की जिम्मेदारी महसूस होती है। मैं चाहती हूं कि पूरा देश इन परिवारों के साथ एकजुटता दिखाए। हर खोया हुआ व्यक्ति एक ऐसी जिंदगी है, जो हमेशा के लिए बदल गई है। हमें उनके दर्द का सम्मान करना चाहिए और यह वादा करना चाहिए कि वे इस दुख की यात्रा में अकेले नहीं हैं।"

ज्ञात रहे कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी।

'कहानी हर घर की' के माध्यम से जूही परमार महिलाओं को उनकी अनकही कहानियों को साझा करने का मंच देती हैं, जिसमें वे सामाजिक दबाव, भावनात्मक उपेक्षा, वैवाहिक समस्याएं और व्यक्तिगत बलिदान जैसे मुद्दों पर खुलकर बात करेंगी। शो के सभी एपिसोड में ऐसी कहानियां होंगी, जो केवल सुनाई नहीं जातीं, बल्कि सुनी और समझी भी जाती हैं।

यह शो सोमवार से शुक्रवार शाम 6:30 बजे प्रसारित होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह समझना चाहिए कि ये कहानियाँ केवल व्यक्तिगत नहीं हैं, बल्कि समाज की संवेदनशीलता को दर्शाती हैं। हमें इन पीड़ित परिवारों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए उनके संघर्ष को समझना और समर्थन करना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पहलगाम हमले में कितने लोगों की मौत हुई थी?
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी।
'कहानी हर घर की' कब प्रसारित होता है?
यह शो सोमवार से शुक्रवार शाम 6:30 बजे प्रसारित होता है।
जूही परमार किस शो की मेज़बानी कर रही हैं?
जूही परमार 'कहानी हर घर की' शो की मेज़बानी कर रही हैं।
राष्ट्र प्रेस