कपिल शर्मा का संघर्ष: असफलता से सफलता की ओर लौटने की अद्भुत कहानी
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 1 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कहा जाता है कि असफलता ही कामयाबी की पहली सीढ़ी होती है, और कपिल शर्मा ने इस सिद्धांत को सही साबित कर दिखाया है। आज वह देश के सबसे प्रसिद्ध कमीडियन माने जाते हैं, लेकिन उनकी यात्रा इतनी सरल नहीं थी। बहुत कम लोगों को पता है कि जिस शो ने उन्हें स्टार बनाया, उसी के पहले ऑडिशन में उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया था। यह छोटी सी असफलता बाद में उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गई, और उन्होंने मेहनत से अपनी किस्मत को बदल दिया।
2 अप्रैल 1981 को पंजाब के अमृतसर में जन्मे कपिल शर्मा एक साधारण परिवार से हैं। उनके पिता पंजाब पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल थे और मां एक गृहिणी थीं। कपिल का बचपन सामान्य था, लेकिन 1997 में उनके पिता को कैंसर हो गया और घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगी। 2004 में पिता के निधन ने परिवार को प्रभावित किया। इस कठिन समय में कपिल ने हार नहीं मानी और छोटी उम्र में ही परिवार की जिम्मेदारी संभाल ली। उन्होंने पीसीओ में काम किया, कपड़ा मिल में नौकरी की और जगरातों में भजन गाकर भी पैसे कमाए।
कपिल का सपना कॉमेडियन बनने का नहीं, बल्कि गायक बनने का था, लेकिन किस्मत ने कुछ और ही ठाना था। कॉलेज के दिनों में उन्होंने कॉमेडी में हाथ आजमाना शुरू किया और प्रसिद्ध शो 'द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज' के लिए ऑडिशन दिया। अमृतसर में पहले ऑडिशन में उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया, जो उनके लिए बड़ा झटका था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। दोस्तों की सलाह पर वह दिल्ली गए और एक बार फिर ऑडिशन दिया। इस बार उनकी मेहनत रंग लाई और 2007 में वह इस शो के विजेता बने। उन्हें 10 लाख रुपए की पुरस्कार राशि मिली, जिससे उन्होंने अपनी बहन की शादी कराई।
इस जीत के बाद कपिल के करियर ने तेज गति पकड़ी। उन्होंने 'कॉमेडी सर्कस' के कई सीजन जीते और धीरे-धीरे टीवी इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई। 2013 में उनका शो 'कॉमेडी नाइट्स विद कपिल' शुरू हुआ, जिसने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया। यह शो इतना लोकप्रिय हुआ कि कपिल घर-घर में पहचाने जाने लगे और लोग उन्हें 'कॉमेडी किंग' कहने लगे।
इसके बाद उन्होंने 'द कपिल शर्मा शो' के माध्यम से अपनी सफलता को और आगे बढ़ाया। इस शो में देश-विदेश के बड़े सितारे आए, जिनका दिल कपिल ने अपनी मजेदार बातों से जीता। उनके काम के लिए उन्हें कई बड़े पुरस्कार भी मिले, जिनमें इंडियन टेलीविजन एकेडमी अवॉर्ड्स शामिल हैं।
कपिल ने फिल्मों में भी काम किया। 2015 में उन्होंने 'किस किसको प्यार करुं' से बॉलीवुड में कदम रखा। इसके बाद वह 'ज्विगाटो' जैसी फिल्मों में भी नजर आए, जहां उनके अभिनय की सराहना हुई।
हालांकि, उनके जीवन में कठिन समय भी आया। एक समय ऐसा भी था जब वह डिप्रेशन से जूझ रहे थे और काम से ब्रेक लेना पड़ा, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और एक बार फिर मजबूत वापसी की।