करिश्मा कपूर बोलीं — मेरे गाने आज भी दिलों में ज़िंदा, संगीत है मेरी सबसे सच्ची पहचान
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री करिश्मा कपूर ने कहा है कि उनके करियर में संगीत ने जो जगह बनाई है, वह किसी भी पुरस्कार से कम नहीं। मुंबई में डांस रियलिटी शो 'इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5' के सेट पर अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी फिल्मों के गाने आज भी लोगों की ज़ुबान पर हैं और यही उनकी सबसे खूबसूरत पहचान है।
संगीत और यादों का अटूट रिश्ता
करिश्मा ने कहा, 'मेरे लिए संगीत हमेशा से यादों, भावनाओं और एक खास जादू से जुड़ा रहा है। एक अच्छा गाना सिर्फ सुना नहीं जाता, बल्कि महसूस किया जाता है और वह सीधे दिल तक पहुंचता है।' उन्होंने जोड़ा कि संगीत की ताकत यही है कि वह किसी भी इंसान को पलभर में पुराने समय में ले जा सकता है और बीती हुई यादों को फिर से जीवंत कर देता है।
'इंडियाज बेस्ट डांसर 5' में जज के रूप में अनुभव
करिश्मा कपूर इन दिनों 'इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5' में जज की भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने बताया, 'इस शो में मुझे ऐसे अलग-अलग प्रतिभाएँ देखने को मिलती हैं, जो संगीत को अपने तरीके से पेश करती हैं। आज के युवा सिर्फ गाने सुनते ही नहीं, बल्कि उन्हें अपनी भावनाओं और डांस के ज़रिए एक नई कहानी में बदल भी देते हैं — यह बदलाव मुझे बेहद प्रेरणादायक लगता है।'
'दिल तो पागल है' की यादें और कड़ी मेहनत
करिश्मा ने 'दिल तो पागल है' की शूटिंग के दिनों को याद करते हुए बताया कि इस फिल्म के लिए उन्हें बेहद कठिन रिहर्सल करनी पड़ी थी। इस प्रक्रिया में उन्होंने डांस और परफॉर्मेंस की बारीकियों को और गहराई से समझा। गौरतलब है कि यह फिल्म आज भी अपने संगीत के लिए याद की जाती है।
कलाकार की सबसे बड़ी उपलब्धि
करिश्मा ने कहा, 'मेरी फिल्मों की यात्रा में कई ऐसे गाने रहे हैं जो आज भी बेहद लोकप्रिय हैं। इन गानों ने न सिर्फ मुझे पहचान दी, बल्कि दर्शकों के दिलों में एक खास जगह भी दिलाई। एक कलाकार के लिए यह सबसे बड़ी उपलब्धि होती है कि उसके काम को लोग सालों बाद भी याद रखें।' उन्होंने यह भी कहा कि शो के प्रतिभागी जिस तरह पुराने और नए गानों को मिलाकर परफॉर्म करते हैं, वह साबित करता है कि संगीत की कोई सीमा नहीं होती — हर पीढ़ी इसे अपने तरीके से जीती है।