इलैयाराजा के संगीत से सजेगी कार्तिक सुब्बाराज की 10वीं फिल्म, रिलीज से पहले अलग BGM एल्बम
सारांश
मुख्य बातें
दिग्गज संगीतकार इलैयाराजा की धुनों से सजी निर्देशक कार्तिक सुब्बाराज की आगामी फिल्म अब चर्चा का केंद्र बन गई है। यह फिल्म उनके करियर की दसवीं निर्देशित फिल्म है और इसकी सबसे अनूठी बात यह है कि फिल्म के मुख्य रिलीज से पहले इसका बैकग्राउंड म्यूजिक (BGM) एल्बम स्वतंत्र रूप में दर्शकों तक पहुँचाया जाएगा — यह सुझाव स्वयं इलैयाराजा ने दिया। चेन्नई से जुड़ी इस परियोजना को जियो स्टूडियोज और सिख्या एंटरटेनमेंट मिलकर प्रस्तुत कर रहे हैं।
कार्तिक सुब्बाराज की दिल के करीब कहानी
कार्तिक सुब्बाराज ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर इस फिल्म के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने लिखा, 'यह मेरी दसवीं फिल्म है। यह कहानी मेरे दिल के बेहद करीब है। मैं फिल्म 'महान' के बाद इसी कहानी पर काम करना चाहता था, लेकिन हर कहानी का अपना समय होता है। कुछ कहानियाँ खुद तय करती हैं कि उन्हें कब और कैसे दुनिया के सामने आना है। अब जाकर यह फिल्म सही समय और सही लोगों के साथ बन पाई है।'
गौरतलब है कि कार्तिक सुब्बाराज ने अपने करियर में 'पिज्जा', 'जिगर्थंडा' और 'मर्कूरी' जैसी चर्चित फिल्में दी हैं। उनकी हर फिल्म एक अलग शैली और संवेदनशीलता लेकर आती है, और इस बार इलैयाराजा जैसे महारथी का साथ उनकी इस यात्रा को ऐतिहासिक बना रहा है।
निर्माताओं की भूमिका और टीम का विजन
कार्तिक ने निर्माताओं गुनीत मोंगा और अचिन जैन की सराहना करते हुए कहा, 'पहली ही मीटिंग में उन्होंने मेरी सोच और विजन को समझ लिया था। यह फिल्म अब सिर्फ मेरा सपना नहीं, बल्कि पूरी टीम का सपना बन चुकी है।' उन्होंने जियो स्टूडियोज और सिख्या एंटरटेनमेंट का भी आभार व्यक्त किया और कहा कि सभी ने मिलकर इस प्रोजेक्ट को विशेष बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
इलैयाराजा के साथ काम करने का सपना हुआ साकार
कार्तिक ने इलैयाराजा के साथ अपने जुड़ाव को भावुक शब्दों में बयान किया। उन्होंने कहा, 'मेरे लिए इस फिल्म की सबसे बड़ी खुशी यही है कि महान संगीतकार इलैयाराजा ने इसका संगीत तैयार किया है। मैं बचपन से ही उनके संगीत को सुनते हुए बड़ा हुआ हूँ। मेरी जिंदगी के हर एहसास से उनका कोई न कोई गीत जुड़ा हुआ है — चाहे खुशी हो, दुख हो, प्यार हो, गुस्सा हो या प्रेरणा। इलैयाराजा मेरे लिए जिंदगी जीने का एक तरीका हैं।'
उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें हमेशा से इलैयाराजा के साथ काम करने की इच्छा थी, लेकिन पहले हिम्मत नहीं जुटा पाए। जब फिल्म का पहला कट तैयार हुआ, तो उन्हें विश्वास हो गया कि यह कहानी इलैयाराजा को ज़रूर पसंद आएगी। उन्होंने कहा, 'जब मैंने फिल्म उन्हें दिखाई, तो मेरी उम्मीद सच साबित हुई — फिल्म देखने के बाद उन्होंने तुरंत काम करने की हामी भर दी।'
25 दिन का अविस्मरणीय संगीत सफर
कार्तिक ने बताया कि इलैयाराजा ने शनिवार शाम फिल्म देखी और अगले ही दिन से संगीत पर काम शुरू करने की बात कही। इसके बाद के 25 दिन उनके लिए अत्यंत विशेष अनुभव रहे। उन्होंने कहा, 'एक महान कलाकार को अपने सामने संगीत बनाते देखना किसी सपने के सच होने जैसा था।' इलैयाराजा ने स्वयं सुझाया कि फिल्म के गानों के अलावा इसका बैकग्राउंड स्कोर भी एक अलग एल्बम के रूप में रिलीज होना चाहिए, ताकि दर्शक फिल्म देखने से पहले ही उस संगीत की भावना को महसूस कर सकें। यह फैसला भारतीय सिनेमा में BGM को स्वतंत्र कलात्मक प्रस्तुति देने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम माना जा रहा है।