क्या राजकुमार राव को मां के निधन के अगले दिन काम पर लौटना पड़ा? मेहनत से बनाई बॉलीवुड में पहचान
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता राजकुमार राव हिंदी सिनेमा के उन नामचीन सितारों में से हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर बॉलीवुड में एक खास जगह बनाई। उनकी यात्रा मेहनत, लगन और प्रतिभा का अद्भुत उदाहरण है। एक साधारण परिवार से उठकर बॉलीवुड के शीर्ष सितारों में शामिल होने तक की उनकी कहानी प्रेरणादायक है।
31 अगस्त 1984 को राजकुमार राव का जन्म हरियाणा के गुरुग्राम में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनका असली नाम राजकुमार यादव है।
उनके पिता सत्यपाल यादव हरियाणा के राजस्व विभाग में कार्यरत थे और उनकी मां कमलेश यादव एक गृहणी थीं। बचपन से ही राजकुमार का अभिनय और सिनेमा के प्रति शौक था। वे अक्सर आमिर खान और मनोज बाजपेयी जैसे कलाकारों की नकल किया करते थे और उनके प्रदर्शन से प्रेरित होते थे।
राजकुमार ने अपनी स्कूली शिक्षा गुरुग्राम के एस.एन. सिद्धेश्वर स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज से कला में स्नातक किया। कॉलेज के दिनों में ही उन्होंने थिएटर में कदम रखा।
दिल्ली के 'क्षितिज थिएटर ग्रुप' और 'श्री राम सेंटर' में अभिनय की बारीकियाँ सीखते हुए उन्होंने अपने सपनों को पंख दिए। 2008 में उन्होंने पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) में दो साल का अभिनय कोर्स किया, जहाँ उनकी प्रतिभा में और निखार आया।
मुंबई आने के बाद राजकुमार का प्रारंभिक समय संघर्षों से भरा रहा। छोटे-छोटे विज्ञापनों में काम करने से लेकर उन्हें स्टूडियो के चक्कर काटने पड़े।
2010 में एक अखबार के विज्ञापन के माध्यम से उन्होंने दिबाकर बनर्जी की फिल्म 'लव, सेक्स और धोखा' के लिए ऑडिशन दिया और चुने गए। यह फिल्म उनके करियर का पहला बड़ा कदम साबित हुई।
2013 में राजकुमार ने 'काय पो छे!' और 'शाहिद' जैसी फिल्मों के माध्यम से अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया। 'शाहिद' में वकील शाहिद आजमी का किरदार निभाने के लिए उन्होंने कुरान पढ़ा, अदालती कार्यवाहियों को समझा और भूमिका में पूरी तरह ढल गए। इस फिल्म ने उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवार्ड दिलाया।
इसके बाद 'क्वीन' (2014), 'अलीगढ़' (2016), 'ट्रैप्ड' (2016), और 'न्यूटन' (2017) जैसी फिल्मों ने उनकी बहुआयामी प्रतिभा को दर्शाया। 2018 में 'स्त्री' ने उन्हें व्यावसायिक सफलता दिलाई। 2024 में 'स्त्री 2' उनकी अब तक की सबसे बड़ी हिट साबित हुई।
हाल ही में राजकुमार की फिल्म 'मालिक' में गैंगस्टर की भूमिका के लिए उन्हें सराहना मिली, हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 'स्त्री 2' की तरह सफल नहीं हो पाई। उनके आगामी प्रोजेक्ट में वे सौरव गांगुली की बायोपिक की तैयारी कर रहे हैं, जिसकी शूटिंग 2026 में शुरू होने की संभावना है।
राजकुमार राव की निजी जिंदगी भी किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं है। 2017 में उनके मां का निधन हो गया और अगले ही दिन वे शूटिंग पर लौट गए।
इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी मां भी इस बात को पसंद करती थीं कि मैं काम के प्रति ईमानदार रहूं। यह घटना अभिनेता के काम के प्रति समर्पण और उनके दृष्टिकोण को दर्शाती है।
इसके बाद 2019 में उनके पिता का भी निधन हो गया। 60 वर्ष की आयु में उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में अंतिम सांसें लीं। इस घटना के दो साल बाद, राजकुमार ने 2021 में अपनी सहपाठी पत्रलेखा से विवाह कर लिया।