लॉकअप-2 विनर श्रेया कालरा का ऐलान: ₹1 करोड़ की प्राइज मनी से शिल्पा शिंदे के शेल्टर होम की करेंगी मदद
सारांश
मुख्य बातें
वेब रियलिटी शो लॉकअप: सच या सजा सीजन 2 की विजेता श्रेया कालरा ने 5 अगस्त 2026 को हुए ग्रैंड फिनाले के बाद मीडिया से बातचीत में खुलासा किया कि वे अपनी ₹1 करोड़ की प्राइज मनी का उपयोग साथी कंटेस्टेंट शिल्पा शिंदे के शेल्टर होम की मदद के लिए करेंगी। सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर श्रेया ने फाइनल में शिवांगी जोशी को पीछे छोड़ते हुए यह खिताब अपने नाम किया।
प्राइज मनी को लेकर श्रेया का प्लान
मीडिया के सामने प्राइज मनी के इस्तेमाल पर बोलते हुए श्रेया ने कहा, 'देखिए मैं लग्जरी चीजों में यकीन नहीं करती हूं और न ही कार इतनी पसंद हैं। हां, तोहफे खरीदना और देना पसंद हैं, लेकिन इन सबके बीच एक बात मैंने जो सोची है। वह यह है कि मैं शिल्पा जी के शेल्टर होम में अपनी तरफ से उनकी मदद करूंगी।' यह बयान शो के दौरान दोनों के बीच बने मज़बूत रिश्ते का स्वाभाविक विस्तार माना जा रहा है।
स्मार्ट निवेश की भी तैयारी
शिल्पा शिंदे की पहल को समर्थन देने के साथ-साथ श्रेया ने अपनी व्यावसायिक सोच का भी परिचय दिया। उन्होंने कहा, 'मैं इस पैसे को एक प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करने की कोशिश करूंगी, ताकि मुझे रिटर्न में कुछ मिले क्योंकि मैं सिंधी हूं और मेरा बिजनेस माइंड बहुत स्ट्रांग है। तो ये दो चीजें हैं, जो मैंने इस 1 करोड़ रुपए के लिए सोची है।'
शिल्पा शिंदे का शेल्टर होम विज़न
पूरे सीजन के दौरान शिल्पा शिंदे ने जरूरतमंदों के लिए एक शेल्टर होम बनाने और मदद व प्यार की ज़रूरत वाले लोगों की भलाई के लिए काम करने की इच्छा जाहिर की थी। शो के भीतर श्रेया और शिल्पा के बीच उतार-चढ़ाव भरा, लेकिन गहरा रिश्ता रहा, जो अब शो के बाहर भी कायम दिखता है।
फिनाले में कौन कहाँ रहा
5 अगस्त को हुए ग्रैंड फिनाले में श्रेया कालरा विजेता बनीं। शिवांगी जोशी फर्स्ट रनर-अप रहीं, योगेश सेकंड रनर-अप, और शिल्पा शिंदे ने फोर्थ रनर-अप के तौर पर अपना सफर खत्म किया।
शो के बारे में
लॉकअप: सच या सजा एक अनूठे 'जेल' थीम पर आधारित वेब रियलिटी शो है, जिसमें विवादित और चर्चित हस्तियों को हाई सिक्योरिटी जेल जैसे माहौल में रखा जाता है। प्रतियोगियों को अपने निजी जीवन के रहस्यों का खुलासा करना होता है और कठिन टास्क का सामना करना पड़ता है। श्रेया की जीत के साथ इस सीजन का रोमांचक सफर अब अपने अंजाम पर पहुँच गया है।