'दिलजले' में शबनम बनीं मधु को मिला असली प्यार, पति ने सिंगापुर में देखी फिल्म और हो गए दीवाने
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेत्री मधु ने हाल ही में एक विशेष बातचीत में खुलासा किया कि 1996 की फिल्म 'दिलजले' में उनकी भूमिका ने उनकी ज़िंदगी की असली प्रेम कहानी की नींव रखी। उनके पति ने यह फिल्म सिंगापुर में देखी और पर्दे पर मधु को देखकर उनके दिल में उनके लिए जगह बन गई — और आगे चलकर दोनों ने शादी कर ली।
मधु ने खुद बताया पूरा किस्सा
मधु ने अपनी इस अनोखी प्रेम कहानी के बारे में बताया, "इसी भूमिका ने मुझे मेरे पति से मिलवाया। मुझे लगता है कि मेरे पति ने यह फिल्म सिंगापुर में देखी थी और उन्हें लगा, 'ये लड़की कौन है? ये तो कमाल की है।' और फिर मुझे पता चला कि मेरी शादी इसी आदमी से हो गई है।"
यह किस्सा सुनने में जितना रोमांटिक लगता है, उतना ही दिलचस्प भी है — क्योंकि 'दिलजले' में मधु ने शबनम नामक एक महिला आतंकी की भूमिका निभाई थी, जो परंपरागत रोमांटिक किरदार से बिल्कुल अलग था।
'दिलजले' और उसकी स्टारकास्ट
निर्देशक हैरी बावेजा की इस फिल्म में अजय देवगन, मधु और सोनाली बेंद्रे मुख्य भूमिकाओं में थे। सहायक भूमिकाओं में परमीत सेठी, शक्ति कपूर, गुलशन ग्रोवर और अमरीश पुरी जैसे दिग्गज कलाकार शामिल थे।
शादी और परिवार
मधु ने 19 फरवरी 1999 को आनंद शाह से विवाह किया। इस दंपती की दो बेटियाँ हैं — अमेया शाह और केया शाह। एक रोचक तथ्य यह भी है कि मधु के पति आनंद शाह, व्यवसायी जय मेहता के चचेरे भाई हैं, जिनका विवाह बॉलीवुड अभिनेत्री जूही चावला से हुआ है।
'फूल और कांटे' और बदलते सामाजिक नज़रिए पर मधु की बेबाक राय
मधु ने अपनी डेब्यू फिल्म 'फूल और कांटे' — जिसमें भी उनके साथ अजय देवगन थे — के बारे में बात करते हुए एक महत्वपूर्ण सामाजिक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि फिल्म के शुरुआती दो गाने कॉलेज कैंपस में लड़कियों को छेड़ने पर आधारित थे, जिसे उस दौर में रोमांस माना जाता था।
मधु ने कहा, "उन गानों में लड़के कॉलेज कैंपस में मेरा पीछा कर रहे हैं और सीटी बजा रहे हैं। मैं इसे रोमांस समझ रही थी और हम सब इसे रोमांस ही समझ रहे थे। मुझे उस लड़के से प्यार हो जाता है जो मुझे छेड़ रहा था और परेशान कर रहा था। आज के समय में, आप इसे रोमांस कहेंगे और उसे जेल भेज देंगे। अगर कोई लड़का आज कॉलेज और कैंपस में आपका पीछा करे और ये सब करे, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा बल्कि उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो जाएगी।"
मधु की यह टिप्पणी बताती है कि ९०s के बॉलीवुड और आज के सामाजिक मानकों के बीच कितना बड़ा बदलाव आ चुका है। 'रोजा' जैसी गंभीर फिल्म से पहचान बनाने वाली मधु आज भी अपनी बात बेबाकी से कहती हैं।