क्या मैं अपनी बेटियों और परिवार के लिए जान की भी बाजी लगा सकता हूं? : राजेंद्र चावला

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क्या मैं अपनी बेटियों और परिवार के लिए जान की भी बाजी लगा सकता हूं? : राजेंद्र चावला

सारांश

राजेंद्र चावला ने 'लक्ष्मी निवास' शो में अपने अनुभव और भावनात्मक पल साझा किए हैं। उन्होंने परिवार, रिश्तों और आधुनिक समाज पर विचार व्यक्त किए हैं। इस इंटरव्यू में उन्होंने अपने किरदार की गहराई को समझाया है।

Key Takeaways

  • राजेंद्र चावला ने परिवार की जटिलताओं पर अपने विचार साझा किए।
  • एक अभिनेता के लिए भावनाओं को व्यक्त करना महत्वपूर्ण है।
  • दर्शकों का नजरिया समय के साथ बदलता है।
  • परिवार में हर व्यक्ति की अपनी सोच होती है।
  • आधुनिक समाज में व्यक्ति को समझना जरूरी है।

मुंबई, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। टेलीविजन और फिल्मों की कहानियां न केवल मनोरंजन प्रदान करती हैं, बल्कि हमारे समाज, परिवार और रिश्तों की जटिलताओं को भी उजागर करती हैं। इसी संदर्भ में जी टीवी का शो 'लक्ष्मी निवास' काफी चर्चा में है। इस शो में मुख्य भूमिका निभा रहे अभिनेता राजेंद्र चावला ने राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत करते हुए टीवी प्रोजेक्ट के अनुभव और अपने निभाए गए किरदार की गहराई पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

उन्होंने यह बताया कि कैसे एक साधारण परिवार की कहानी भी भावनाओं और रिश्तों की कई परतें छुपाए रखती है। उनका यह मानना है कि हर किरदार की अपनी एक दुनिया होती है, और हर इंसान का नजरिया उसके अनुभवों से आकार लेता है।

राजेंद्र चावला ने कहा, ''परिवार में कई सदस्य होते हैं, और हर कोई अपनी भावनाओं में जीता है। कोई भी व्यक्ति गलत या नकारात्मक नहीं होता, बल्कि हर कोई अपने दृष्टिकोण से सही लगता है। इसमें स्वार्थ नहीं होता, बस थोड़ी बहुत आत्मकेंद्रित सोच हो सकती है। मैं अपनी बेटियों और परिवार के लिए जान की बाजी लगा सकता हूं।''

शो में परिवार और परंपराओं के बीच की जटिलताओं पर विचार करते हुए उन्होंने कहा, ''दर्शकों का नजरिया समय के साथ बदल रहा है। हर चीज समय के साथ बदलती रहती है और दर्शक भी किरदारों को नए दृष्टिकोण से देखना चाहते हैं। एक अभिनेता के लिए यह समझना आवश्यक है कि दर्शक उसके किरदार को किस तरह महसूस करेंगे।''

राजेंद्र चावला ने कहा, '''लक्ष्मी निवास' में काम करते समय मैंने कई ऐसे भावनात्मक क्षण अनुभव किए हैं, जिन्हें शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। ऐसे अनुभव दिल के बेहद करीब होते हैं और मुझे व्यक्तिगत रूप से जोड़ते हैं। अभिनय के दौरान पूरी तरह खुलकर काम करने का अवसर मिलना सबसे सरल और सुखद होता है। कलाकारों के लिए किसी प्रकार का दबाव न होना अपने किरदार में पूरी तरह उतरने में सहायता करता है। चाहे दृश्य कितना भी छोटा या लंबा क्यों न हो।''

इंटरव्यू में उन्होंने आधुनिक समाज पर भी अपनी राय साझा की। राजेंद्र ने कहा, ''किसी भी व्यक्ति को केवल अच्छा या बुरा नहीं कहा जा सकता। हर इंसान अलग है। कोई स्वार्थी या नकारात्मक लग सकता है, लेकिन वास्तव में वह ग्रे शेड्स में जीता है। बच्चा अपने पिता से प्यार करता है, लेकिन जब पैसे या जिम्मेदारी की बात आती है तो वह संघर्ष महसूस करता है। यह उन्हें बुरा नहीं बनाता, बल्कि इंसान बनाता है।''

Point of View

NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

राजेंद्र चावला ने 'लक्ष्मी निवास' में क्या भूमिका निभाई है?
राजेंद्र चावला ने 'लक्ष्मी निवास' में मुख्य भूमिका निभाई है, जो एक साधारण परिवार की कहानी को दर्शाता है।
राजेंद्र चावला का परिवार के प्रति क्या दृष्टिकोण है?
उन्होंने कहा है कि वे अपनी बेटियों और परिवार के लिए जान की बाजी लगा सकते हैं।
क्या राजेंद्र ने आधुनिक समाज पर अपने विचार साझा किए?
हाँ, उन्होंने बताया कि हर व्यक्ति अलग है और किसी को केवल अच्छा या बुरा नहीं कहा जा सकता।
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