'हस्तिनापुर के वीर' में भीष्म पितामह बने मनीष वाधवा, बोले- 'बच्चे सेट पर भी पितामह कहने लगे'
सारांश
मुख्य बातें
अनुभवी अभिनेता मनीष वाधवा सोनी सब के नए पौराणिक धारावाहिक 'हस्तिनापुर के वीर' में भीष्म पितामह की भूमिका निभा रहे हैं, और शो के युवा कलाकार अब उन्हें ऑफ-स्क्रीन भी इसी नाम से पुकारने लगे हैं। राष्ट्र प्रेस से बातचीत में वाधवा ने बताया कि सेट पर पांडवों और कौरवों के किरदार निभाने वाले बच्चों के साथ उनका रिश्ता को-स्टार से बढ़कर एक मार्गदर्शक का बन गया है।
किरदार जो पर्दे से बाहर निकल आया
वाधवा ने कहा, “जब मैंने शो की शूटिंग शुरू की थी, तब मुझे अंदाजा नहीं था कि पर्दे पर निभाया जाने वाला मेरा किरदार असल जिंदगी में भी रिश्तों को प्रभावित करेगा। भीष्म पितामह महाभारत के सबसे सम्मानित और मार्गदर्शक पात्रों में से एक हैं।” उन्होंने जोड़ा कि शो में पांडवों और कौरवों की भूमिका निभाने वाले बच्चे धीरे-धीरे उन्हें उसी नज़र से देखने लगे हैं।
युवा कलाकारों की लगन
अभिनेता के अनुसार, उन्हें सबसे अधिक प्रभावित बच्चों की सीखने की भूख ने किया। “आज की कम उम्र में भी ये कलाकार अपने काम को लेकर बेहद गंभीर हैं। वे हर सीन को समझने की कोशिश करते हैं, लगातार सवाल पूछते हैं और यह जानना चाहते हैं कि किसी सीन का महत्व क्या है,” उन्होंने कहा। वाधवा का मानना है कि इतनी कम उम्र में यही जिज्ञासा और समर्पण इन्हें आगे चलकर बेहतर कलाकार बनाएगा।
सेट पर महाभारत की पाठशाला
वाधवा ने बताया कि शूटिंग के बीच खाली समय में सभी कलाकार एक साथ बैठते हैं और महाभारत की कहानियों, पात्रों तथा उनसे जुड़ी रोचक बातों पर चर्चा करते हैं। “कई बार यह बातचीत इतनी दिलचस्प हो जाती है कि सभी कलाकार उसमें पूरी तरह डूब जाते हैं। इसके अलावा सेट पर खूब हंसी-मजाक भी होता है,” उन्होंने कहा। यह माहौल युवा कलाकारों के लिए महाकाव्य की परतें समझने का अनौपचारिक मंच बन गया है।
'पितामह' संबोधन का सम्मान
वाधवा के लिए सबसे भावुक पहलू यह है कि बच्चे अब उन्हें कैमरे के बाहर भी 'पितामह' कहकर बुलाते हैं। “जब बच्चे मुझे इस नाम से पुकारते हैं तो मुझे बहुत खुशी होती है। मेरे लिए यह सम्मान और अपनापन दिखाने का तरीका है। यह रिश्ता मेरे लिए बेहद खास है और मैं इसे अपने करियर की खूबसूरत यादों में शामिल मानता हूं,” उन्होंने कहा।
शो के बारे में
'हस्तिनापुर के वीर' सोनी सब पर प्रसारित हो रहा है और इसमें महाभारत की कहानी के शुरुआती दौर को दिखाया जाएगा। गौरतलब है कि वाधवा इससे पहले भी पौराणिक और ऐतिहासिक भूमिकाओं में अपनी छाप छोड़ चुके हैं, और इस बार उनकी भीष्म वाली अदाकारी पर दर्शकों की नज़र टिकी है।