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मीका सिंह पहुंचे पुरी के जगन्नाथ मंदिर, पूजा-अर्चना के बाद ग्रहण किया महाप्रसाद

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मीका सिंह पहुंचे पुरी के जगन्नाथ मंदिर, पूजा-अर्चना के बाद ग्रहण किया महाप्रसाद

सारांश

बॉलीवुड गायक मीका सिंह ने 22 मई को पुरी के जगन्नाथ मंदिर में दर्शन किए और महाप्रसाद ग्रहण किया। इससे पहले वे उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती में भी शामिल हो चुके हैं — व्यस्त करियर के बीच उनकी धार्मिक यात्राओं का सिलसिला जारी है।

मुख्य बातें

मीका सिंह ने 22 मई को पुरी के जगन्नाथ मंदिर में दर्शन किए और पूजा-अर्चना संपन्न की।
मंदिर के पुजारियों ने पूरे विधि-विधान के अनुसार उनका मार्गदर्शन किया; उन्होंने महाप्रसाद भी ग्रहण किया।
इससे पहले मीका सिंह उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती में शामिल हो चुके हैं, जहाँ वे नंदी हॉल में डेढ़ घंटे तक रहे।
जगन्नाथ मंदिर हिंदू धर्म के चार धामों में से एक है और ओडिशा की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक माना जाता है।
मीका सिंह के चर्चित गानों में 'सावन में लग गई आग', 'मौजा ही मौजा' और 'ढिंका चिका' शामिल हैं।

बॉलीवुड के मशहूर गायक मीका सिंह ने 22 मई को पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए, पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न की और मंदिर का प्रसिद्ध महाप्रसाद ग्रहण किया। ओडिशा के इस प्रतिष्ठित तीर्थ में पहुंचकर उन्होंने इसे एक खास और यादगार अनुभव बताया।

मंदिर में पूजा और अनुभव

मीका सिंह ने अपने मंदिर-दर्शन के अनुभव को साझा करते हुए कहा, 'जगन्नाथ मंदिर के दर्शन से मैं काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं। मंदिर के पुजारियों ने पूरी पूजा के दौरान मेरा बहुत अच्छे से मार्गदर्शन दिया। पूजा पूरी विधि-विधान और परंपरा के अनुसार संपन्न हुई। मैंने मंदिर का प्रसिद्ध महाप्रसाद भी ग्रहण किया। यह मेरे लिए एक खास और यादगार अनुभव रहा।' उनकी यह यात्रा उनकी व्यस्त म्यूजिक शेड्यूल के बीच की गई।

धार्मिक यात्राओं की परंपरा

मीका सिंह अपने करियर के बीच धार्मिक स्थलों पर दर्शन के लिए समय निकालते रहे हैं। इससे पहले वे उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में भी जा चुके हैं, जहाँ उन्होंने सुबह होने वाली भस्म आरती में भाग लिया था और नंदी हॉल में लगभग डेढ़ घंटे तक बैठकर भगवान महाकाल की आरती का हिस्सा रहे थे। गौरतलब है कि यह उनकी उस धार्मिक आस्था की निरंतरता है जो उनके व्यस्त मनोरंजन जीवन के समानांतर चलती है।

जगन्नाथ मंदिर का महत्व

पुरी का जगन्नाथ मंदिर हिंदू धर्म के चार धामों में से एक प्रमुख धाम है और ओडिशा की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा माना जाता है। यहाँ भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की एक साथ पूजा की जाती है। मंदिर की विश्वप्रसिद्ध रथ यात्रा में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से शामिल होते हैं, जिसमें विशाल रथों पर भगवान को नगर भ्रमण कराया जाता है।

मीका सिंह का करियर

मीका सिंह भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री के सबसे लोकप्रिय गायकों में गिने जाते हैं। उनके 'सावन में लग गई आग', 'मौजा ही मौजा', 'ढिंका चिका', 'इब्न-ए-बतूता', 'धन्नो' और 'चिंता ता चिता चिता' जैसे गाने आज भी श्रोताओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। उनकी धार्मिक यात्राएँ उनके प्रशंसकों के बीच भी चर्चा का विषय बनती रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सार्वजनिक छवि का हिस्सा भी बन चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब मनोरंजन जगत की हस्तियाँ तेज़ी से अपनी धार्मिक पहचान को दर्शकों के सामने रखने लगी हैं। जगन्नाथ मंदिर जैसे प्रतिष्ठित तीर्थों पर इस तरह की यात्राएँ मंदिर के सांस्कृतिक और पर्यटन महत्व को भी रेखांकित करती हैं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीका सिंह ने जगन्नाथ मंदिर में क्या किया?
मीका सिंह ने 22 मई को पुरी के जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए, मंदिर के पुजारियों के मार्गदर्शन में पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न की और प्रसिद्ध महाप्रसाद ग्रहण किया।
जगन्नाथ मंदिर पुरी का क्या महत्व है?
पुरी का जगन्नाथ मंदिर हिंदू धर्म के चार धामों में से एक है, जहाँ भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की पूजा होती है। यह ओडिशा की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है और इसकी विश्वप्रसिद्ध रथ यात्रा में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
क्या मीका सिंह पहले भी किसी धार्मिक स्थल पर गए हैं?
हाँ, इससे पहले मीका सिंह उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती में शामिल हो चुके हैं, जहाँ वे नंदी हॉल में लगभग डेढ़ घंटे तक रहे और भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया।
मीका सिंह कौन हैं और उनके प्रमुख गाने कौन से हैं?
मीका सिंह भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री के जाने-माने गायक हैं। उनके 'सावन में लग गई आग', 'मौजा ही मौजा', 'ढिंका चिका', 'इब्न-ए-बतूता', 'धन्नो' और 'चिंता ता चिता चिता' जैसे गाने शादी-पार्टियों में आज भी लोकप्रिय हैं।
जगन्नाथ मंदिर की रथ यात्रा क्यों प्रसिद्ध है?
जगन्नाथ मंदिर की रथ यात्रा में विशाल रथों पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को नगर भ्रमण कराया जाता है। यह उत्सव पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है और इसमें लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से शामिल होते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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