क्या मुंबई के प्रदूषण ने हिना खान की सेहत पर बुरा असर डाला?
सारांश
Key Takeaways
- प्रदूषण का तेजी से बढ़ता स्तर स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।
- हिना खान जैसी सेलिब्रिटीज़ भी इससे प्रभावित हो रही हैं।
- सांस लेने में कठिनाई और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं आम हो रही हैं।
- हमें प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
- खूबसूरती जीवन का संतुलन है, जिसमें अच्छे और बुरे दिन दोनों शामिल हैं।
मुंबई, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई हमेशा अपनी तेज रफ्तार जीवनशैली और चमक-दमक के लिए प्रसिद्ध रही है। हाल के कुछ वर्षों में, यहां की हवा की गुणवत्ता में निरंतर गिरावट आई है, जिससे लोगों के लिए रोजमर्रा की ज़िन्दगी कठिन होती जा रही है। इस प्रदूषण का असर केवल आम नागरिकों पर नहीं, बल्कि सेलिब्रिटी पर भी पड़ा है।
टीवी की प्रसिद्ध अभिनेत्री हिना खान ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से साझा किया कि वह बढ़ते प्रदूषण की समस्या से चिंतित हैं और इसका उनके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
हिना खान ने कहा, "मुंबई की बिगड़ती हवा के कारण मुझे सांस लेने में समस्या हो रही है। प्रदूषण के कारण लगातार खांसी आ रही है, जो मेरे स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है। ब्रेस्ट कैंसर से जूझने के कारण यह स्थिति मेरे लिए और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है।"
उन्होंने आगे कहा, "प्रदूषित हवा के कारण बाहर निकलना और शारीरिक गतिविधियाँ करना भी मेरे लिए सीमित हो गया है। यह मेरे दैनिक जीवन की सामान्य गतिविधियों पर भी प्रभाव डाल रहा है।"
हिना ने अपने अनुभव को स्पष्ट करने के लिए अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर मुंबई के एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें एक्यूआई 209 दर्ज किया गया, जो यह दर्शाता है कि हवा की गुणवत्ता 'खराब' स्तर पर है।
उन्होंने कैप्शन में लिखा, "क्या हो रहा है? सांस नहीं ले पा रही हूं। बाहर जाना कम कर दिया है। लगातार खांसी हो रही है। सुबह से ही हालत बहुत खराब है।"
इससे पहले, हिना खान ने अभिनेत्री सोहा अली खान के पॉडकास्ट 'ऑल अबाउट हर' में अपने कैंसर से जूझने की चुनौतीपूर्ण यात्रा के बारे में बात की थी। उन्होंने बताया कि उनका इलाज कठिन रहा और इस दौरान उन्हें अच्छे और बुरे दोनों दिनों का सामना करना पड़ा।
हिना ने कहा कि उन्होंने हर तीन हफ्ते में कीमोथेरेपी
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा, "देखने का दृष्टिकोण बहुत महत्वपूर्ण है। जब लोग किसी गंभीर बीमारी का पता लगाते हैं, तो वो सोचते हैं कि उनकी जिंदगी खत्म हो गई। मैं भी पहले ऐसा ही सोचती थी। लेकिन अनुभव करने के बाद मैंने समझा कि जीवन में बुरे और दर्दनाक दिन होते हैं, लेकिन अच्छे दिन भी आते हैं, जब आप अपने परिवार और प्यार के साथ सामान्य जीवन जीते हैं। यह संतुलन ही जीवन की खूबसूरती है।"