नाना पाटेकर ने यूपी पुलिस की तारीफ की, बोले — योगी के नेतृत्व में बदली कानून व्यवस्था
सारांश
मुख्य बातें
प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर ने 16 अगस्त 2026 को लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस के थीम गीत 'खाकी का सितारा' के विमोचन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की कानून-व्यवस्था में आए बदलाव की सराहना की। उन्होंने कहा कि 25 करोड़ की आबादी वाले इतने विविधताओं से भरे प्रदेश में प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना सरल काम नहीं है।
मुख्य घटनाक्रम
नाना पाटेकर ने विमोचन कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि केवल पुलिस बल की संख्या बढ़ाने से सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती — इसके लिए मजबूत नेतृत्व, स्पष्ट नीति और दृढ़ इच्छाशक्ति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में पुलिस को आधुनिक संसाधन, नई तकनीक और आत्मविश्वास प्रदान किया गया है, जिसके परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
अभिनेता ने कहा कि पिछले कई दशकों में उन्होंने उत्तर प्रदेश में उल्लेखनीय परिवर्तन देखा है। उनके अनुसार प्रदेश में कानून व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है, प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार दिखाई देता है और सरकार की कार्यशैली में निर्णय लेने की स्पष्टता नज़र आती है।
साइबर अपराध पर चेतावनी
नाना पाटेकर ने साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट जैसे बढ़ते खतरों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध आज एक वास्तविक चुनौती है और इसका शिकार कोई भी हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति पुलिस, सीबीआई या किसी अन्य एजेंसी का अधिकारी बनकर फोन या वीडियो कॉल के ज़रिए डराने और पैसे माँगने का प्रयास करे, तो तुरंत सतर्क हो जाएँ।
उन्होंने यह भी कहा कि 'साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार तकनीक नहीं, बल्कि लोगों का डर होता है।' यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में डिजिटल अरेस्ट के मामलों में तेज़ी दर्ज की गई है।
उत्तर प्रदेश पुलिस की जागरूकता फिल्म की सराहना
अभिनेता ने उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा डिजिटल अरेस्ट के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए बनाई गई फिल्म की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यदि कलाकारों की भागीदारी से किसी परिवार की जीवनभर की कमाई बचाई जा सकती है या किसी बुज़ुर्ग को ठगी से बचाया जा सकता है, तो इससे बड़ा सामाजिक योगदान और कुछ नहीं हो सकता।
पुलिसकर्मियों को सम्मान
नाना पाटेकर ने उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों और जवानों की जिम्मेदारी को रेखांकित करते हुए कहा कि 'पुलिसकर्मियों के पास फिल्मों की तरह रीटेक का अवसर नहीं होता — उन्हें कठिन परिस्थितियों में तत्काल निर्णय लेने पड़ते हैं।' उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस जनता के भरोसे को आगे भी बनाए रखेगी और प्रदेश को और अधिक सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।