माधुरी दीक्षित ने खुद निकी वालिया को बताया था अपना हमशक्ल, फ्लाइट में मिलाए थे चेहरे के फीचर्स
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेत्री निकी वालिया पिछले करीब 30 वर्षों से एक अनोखी पहचान के साथ जी रही हैं — जहाँ भी जाती हैं, लोग उन्हें 'धक-धक गर्ल' माधुरी दीक्षित की हमशक्ल बता देते हैं। लेकिन इस तुलना को सबसे यादगार मोड़ तब मिला जब खुद माधुरी ने एक फ्लाइट में निकी से कहा कि दोनों के चेहरे मिलते-जुलते हैं।
वह यादगार फ्लाइट का किस्सा
निकी वालिया ने बताया कि एक बार वे और माधुरी दीक्षित एक ही फ्लाइट के बिजनेस क्लास में साथ सफर कर रही थीं। दोनों को अलग-अलग फिल्मों के लिए पुरस्कार मिलने वाले थे — माधुरी को 'दिल तो पागल है' के लिए और निकी को 'बात बन जाए' के लिए। इसी सफर के दौरान दोनों के बीच चेहरे के फीचर्स को लेकर बातचीत शुरू हुई।
निकी ने कहा, 'इसके बाद हम बिल्कुल बच्चों की तरह एक-दूसरे के चेहरे को ध्यान से देखने लगीं। उन्होंने मेरी आँखों को देखा, होंठों को देखा और फिर मुस्कान की तुलना की। हम दोनों यह समझना चाहती थीं कि लोगों को हमारे चेहरे में आखिर ऐसी क्या समानता नज़र आती है।'
हँसी में मिली सबसे बड़ी समानता
काफी गौर से देखने के बाद दोनों इस नतीजे पर पहुँचीं कि उनके बीच सबसे ज़्यादा समानता हँसी में है। आँखों और होंठों समेत बाकी चेहरे के फीचर्स में कोई बड़ी समानता नज़र नहीं आई।
निकी ने कहा, 'माधुरी दीक्षित ने खुद मुझसे कहा था कि मैं उनकी तरह दिखती हूँ। एक साथ बैठकर इस तरह अपने चेहरे के फीचर्स देखना मुझे आज भी याद है। मेरे लिए यह बेहद शानदार अनुभव था।'
तीन दशकों की अनोखी पहचान
निकी वालिया ने बताया कि इंडस्ट्री में काम करते हुए उन्हें करीब 30 साल हो चुके हैं, लेकिन इन तीन दशकों में शायद ही कोई ऐसा दिन रहा हो जब किसी ने उन्हें माधुरी दीक्षित जैसा दिखने की बात न कही हो। उन्होंने कहा, 'मेरे लिए यह तुलना अब कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब खुद माधुरी ने मुझसे यही बात कही तो मेरे लिए वह पल खास बन गया।'
बॉलीवुड में हमशक्ल की परंपरा
बॉलीवुड में किसी अभिनेत्री का किसी बड़े सितारे से मिलता-जुलता चेहरा होना अक्सर उनकी पहचान का हिस्सा बन जाता है। निकी वालिया के मामले में यह समानता इतनी गहरी रही कि खुद माधुरी दीक्षित ने इसे स्वीकार किया — जो इस किस्से को बॉलीवुड की यादगार मुलाकातों में से एक बनाता है। यह पूरा अनुभव निकी के करियर की एक अनमोल स्मृति बनकर रह गया है।