नसीरुद्दीन शाह ने FTII इंटरव्यू के लिए दी थी ओम पुरी को अपनी शर्ट, दोस्ती की अनसुनी कहानी वायरल
सारांश
मुख्य बातें
दिवंगत अभिनेता ओम पुरी और दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की दोस्ती भारतीय समानांतर सिनेमा की सबसे प्रेरणादायक कहानियों में से एक है — और हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक पुराने वीडियो ने इस दोस्ती की एक अनसुनी परत को सामने ला दिया है। इस वीडियो में ओम पुरी खुद बताते हैं कि फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII), पुणे के इंटरव्यू से पहले उनके पास पहनने के लिए ढंग के कपड़े तक नहीं थे, और उस नाज़ुक मोड़ पर नसीरुद्दीन शाह ने उन्हें अपनी शर्ट उधार दी थी।
वायरल वीडियो में क्या है
इस वीडियो में ओम पुरी, अनुपम खेर और नसीरुद्दीन शाह एक साथ नज़र आते हैं। बातचीत के दौरान ओम पुरी अपने संघर्ष के शुरुआती दिनों को याद करते हुए भावुक हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी असली परवरिश उनके दोस्तों ने की — माता-पिता ने जन्म दिया, लेकिन सही दिशा और हौसला देने का काम दोस्तों का रहा।
FTII इंटरव्यू और नसीरुद्दीन शाह का अहम रोल
ओम पुरी ने वीडियो में कहा, 'जब मैं FTII पुणे में इंटरव्यू देने गया था, तब मेरे पास अच्छे कपड़े तक नहीं थे। ऐसे मुश्किल समय में नसीरुद्दीन शाह ने मेरी मदद की और मुझे अपनी एक शर्ट पहनने के लिए दी।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'मैं नसीरुद्दीन शाह के इस एहसान को कभी नहीं भूल सकता। अगर उन्होंने मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित न किया होता, तो शायद मैं आज यहाँ तक नहीं पहुँच पाता।'
ओम पुरी के अनुसार, नसीरुद्दीन शाह ने उनसे साफ कहा था — 'तुम्हें किसी भी हाल में फिल्म इंस्टीट्यूट जाना ही होगा, चाहे पैसे हों या न हों, किसी तरह पहुँचो।' यह प्रेरणा ओम पुरी के करियर का निर्णायक मोड़ साबित हुई।
दोस्ती जो मिसाल बन गई
ओम पुरी ने उस दौर की दोस्ती को आज के समय से अलग बताया। उन्होंने कहा कि जहाँ कोई अपने दोस्त के करियर के लिए इतना आगे बढ़कर सोचे — यह बात आज बहुत कम देखने को मिलती है। नसीरुद्दीन शाह और ओम पुरी दोनों ने FTII से प्रशिक्षण लिया और आगे चलकर भारतीय समानांतर सिनेमा के दो सबसे बड़े स्तंभ बने।
भारतीय सिनेमा पर इस दोस्ती का असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय सिनेमा अपनी विरासत और उसके निर्माताओं को नए सिरे से याद कर रहा है। ओम पुरी का 6 जनवरी 2017 को निधन हो गया था, लेकिन उनकी यादें और उनके साथियों के साथ बिताए पल आज भी दर्शकों को भावुक करते हैं। गौरतलब है कि दोनों अभिनेताओं ने मिलकर 'आक्रोश', 'अर्ध सत्य' जैसी कालजयी फिल्मों में काम किया, जिन्होंने हिंदी सिनेमा की दिशा बदली।
यह वीडियो याद दिलाता है कि भारतीय सिनेमा की नींव केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि उन अनगिनत मानवीय रिश्तों से भी बनी है जो कैमरे की रोशनी से दूर, ज़िंदगी की तंग गलियों में पले-बढ़े।