अभिनेत्री तारा शर्मा ने 2008 की क्राइम थ्रिलर 'महारथी' की शूटिंग को याद किया, नसीरुद्दीन शाह-नेहा धूपिया के साथ
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 7 मई (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेत्री तारा शर्मा ने गुरुवार को इंस्टाग्राम पर 2008 की क्राइम थ्रिलर फिल्म 'महारथी' की शूटिंग के दिनों को याद करते हुए बीटीएस फ़ोटोज़ और निजी अनुभव शेयर किए। अभिनेत्री के अनुसार, इस फिल्म की शूटिंग उनके करियर के सबसे यादगार अनुभवों में से एक रही, जहाँ उन्हें नसीरुद्दीन शाह, ओम पुरी, बोमन ईरानी और नेहा धूपिया जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला।
फिल्म की शूटिंग और सेट का अनुभव
तारा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि 'महारथी' एक रहस्यमयी और डरावने माहौल वाली फिल्म थी, जिसके सेट पर काम करना बेहद दिलचस्प था। अभिनेत्री ने बताया कि फिल्म में उनका नींद में चलने वाले (स्लीपवॉकिंग) का सीन उनके लिए विशेष रहा। उन्होंने इंडस्ट्री के दिग्गज कलाकारों से सीखने का अनुभव साझा किया और अपने तत्कालीन मैनेजर को श्रेय दिया, जिनके कारण उन्हें यह महत्वपूर्ण भूमिका मिली थी।
फिल्म का कथानक और तारा की भूमिका
'महारथी' परेश रावल द्वारा निर्मित और अभिनीत एक सस्पेंस-क्राइम थ्रिलर है, जिसका निर्देशन शिवम नायर ने किया था। फिल्म जेम्स हैडली चेस के उपन्यास 'देयर इज़ ऑलवेज़ अ प्राइस टैग' पर आधारित है। कथानक में एक सेवानिवृत्त फिल्म निर्देशक जय सिंह अदेनवाला (नसीरुद्दीन शाह) अपनी पत्नी मल्लिका (नेहा धूपिया) की बेवफाई से तंग आकर आत्महत्या कर लेते हैं, जिसके बाद ₹24 करोड़ का बीमा क्लेम पाने के लिए इसे हत्या साबित करने की चुनौती उत्पन्न होती है। तारा ने एक रहस्यमयी 'केयरटेकर' की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
फिल्म की मूल प्रेरणा और संगीत
तारा ने बताया कि फिल्म का किरदार मूल रूप से मशहूर नाटक अभिनेत्री स्वरूप संपत द्वारा निभाया गया था, जिससे प्रेरित होकर यह फिल्म बनाई गई। फिल्म का चर्चित गाना मशहूर गायिका शिबानी कश्यप ने गाया है, जिसने फिल्म को एक अतिरिक्त पहचान दी।
रिलीज़ के समय की चुनौतियाँ
अभिनेत्री ने अपनी पोस्ट में उल्लेख किया कि जब फिल्म 2008 में रिलीज़ हुई, तब देश में कुछ अस्थिर राजनीतिक और सामाजिक हालात थे, जिसके कारण इसे उतना ध्यान और दर्शक नहीं मिले, जितने कि इसे मिलने चाहिए थे। बावजूद इसके, जिन दर्शकों ने फिल्म देखी, उन्हें यह काफी पसंद आई। तारा ने अपनी पोस्ट के माध्यम से इस भूली-बिसरी फिल्म को फिर से याद करने का प्रयास किया और इसमें अपने सहयोगियों को सम्मानित किया।