प्राइम फोकस और सीए के ठिकानों पर आयकर छापेमारी, फिल्म इंडस्ट्री में वित्तीय जांच तेज
सारांश
मुख्य बातें
आयकर विभाग ने 7 अक्टूबर 2026 को मुंबई में फिल्म और एंटरटेनमेंट क्षेत्र की प्रमुख कंपनी प्राइम फोकस तथा उससे जुड़े चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के कई ठिकानों पर बुधवार सुबह सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई पिछले हफ्ते हुई बड़ी छापेमारी में मिले साक्ष्यों की अगली कड़ी है और फिलहाल जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
विभाग के सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम प्राइम फोकस और संबद्ध सीए के परिसरों में वित्तीय दस्तावेज, अकाउंटिंग रिकॉर्ड और अन्य महत्त्वपूर्ण कागजात खंगाल रही है। अब तक आयकर विभाग की ओर से इस कार्रवाई पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। प्राइम फोकस के संस्थापक नामित मल्होत्रा हैं और कंपनी फिल्म निर्माण में वीएफएक्स तथा पोस्ट-प्रोडक्शन के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाती है।
पिछली छापेमारी से संबंध
गौरतलब है कि 28 सितंबर 2026 को आयकर विभाग ने अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह, फिल्म निर्माता वाशु भगनानी और पैनोरमा स्टूडियोज से संबंधित मुंबई के करीब 12 ठिकानों पर व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया था। उस दौरान अकाउंट बुक्स, डिजिटल डेटा और विभिन्न वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच और जब्ती की गई थी। सूत्रों के अनुसार, वर्तमान कार्रवाई उसी जांच की अगली कड़ी बताई जा रही है।
जांच का दायरा और आरोप
रिपोर्टों के अनुसार, आयकर विभाग की जांच का केंद्र फिल्म प्रोजेक्ट्स के खर्च को कथित तौर पर बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने, प्रोडक्शन खर्चों में कथित अनियमितताओं और शूटिंग अथवा विदेशी वितरण के नाम पर विदेश धन भेजे जाने जैसे आरोपों पर है। यह ऐसे समय में आया है जब फिल्म इंडस्ट्री में वित्तीय पारदर्शिता को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। महत्त्वपूर्ण यह है कि इन आरोपों की अभी जांच चल रही है और किसी भी व्यक्ति या कंपनी के विरुद्ध अब तक कोई दोष सिद्ध नहीं हुआ है।
प्राइम फोकस की भूमिका
प्राइम फोकस फिल्म उद्योग में वीएफएक्स, पोस्ट-प्रोडक्शन और विजुअल इफेक्ट्स के क्षेत्र में देश की प्रमुख कंपनियों में गिनी जाती है। बड़े बजट वाली फिल्मों में इस तरह की कंपनियों का वित्तीय लेन-देन बड़े पैमाने पर होता है, इसलिए जांच एजेंसियाँ इन रिकॉर्डों को फिल्म प्रोडक्शन के बड़े वित्तीय लेन-देन के संदर्भ में देख रही हैं।
आगे क्या
आयकर विभाग की यह कार्रवाई मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री में वित्तीय अनुपालन को लेकर व्यापक जांच का हिस्सा प्रतीत होती है। अधिकारियों के बयान और जांच के निष्कर्षों का इंतजार किया जा रहा है, जो आने वाले दिनों में इस मामले की दिशा तय करेंगे।