15 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पृथ्वीराज कपूर की 54वीं पुण्यतिथि: जैकी श्रॉफ ने इंस्टाग्राम पर तस्वीर शेयर कर दी श्रद्धांजलि

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पृथ्वीराज कपूर की 54वीं पुण्यतिथि: जैकी श्रॉफ ने इंस्टाग्राम पर तस्वीर शेयर कर दी श्रद्धांजलि

सारांश

जैकी श्रॉफ ने 'भारतीय फिल्म जगत के भीष्म पितामह' पृथ्वीराज कपूर की 54वीं पुण्यतिथि पर इंस्टाग्राम के ज़रिए भावभीनी श्रद्धांजलि दी। 1928 में लायलपुर से मुंबई आए पृथ्वीराज कपूर ने 'आलम आरा', 'मुगल-ए-आजम' और 'पृथ्वी थिएटर' जैसी विरासत छोड़ी जो आज भी भारतीय सिनेमा की आत्मा है।

मुख्य बातें

जैकी श्रॉफ ने 29 मई को पृथ्वीराज कपूर की 54वीं पुण्यतिथि पर इंस्टाग्राम स्टोरीज के ज़रिए श्रद्धांजलि दी।
पृथ्वीराज कपूर ने वर्ष 1931 में भारत की पहली बोलती फिल्म 'आलम आरा' में अभिनय किया था।
वर्ष 1944 में उन्होंने 'पृथ्वी थिएटर' की स्थापना की, जिसे वे अपनी फिल्मी कमाई से चलाते थे।
वर्ष 1969 में पद्म भूषण और वर्ष 1972 में मरणोपरांत दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
उनके पुत्र राज कपूर , शम्मी कपूर और शशि कपूर तथा बाद की पीढ़ियों ने कपूर खानदान की विरासत को आगे बढ़ाया।

हिंदी सिनेमा के महानायक और कपूर खानदान के पितामह पृथ्वीराज कपूर की 54वीं पुण्यतिथि पर शुक्रवार, 29 मई को अभिनेता जैकी श्रॉफ भावुक हो उठे और उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रॉफ ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर पृथ्वीराज कपूर की एक ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'पृथ्वीराज कपूर जी, आप हमारे दिलों में सदैव रहेंगे।'

भारतीय सिनेमा के भीष्म पितामह

पृथ्वीराज कपूर को 'भारतीय फिल्म जगत का भीष्म पितामह' कहा जाता है। वर्ष 1928 में लायलपुर (अब पाकिस्तान स्थित फैसलाबाद) से मुंबई आए पृथ्वीराज कपूर ने मूक फिल्मों से अपने अभिनय की शुरुआत की। वर्ष 1931 में भारत की पहली बोलती फिल्म 'आलम आरा' में उन्होंने अभिनय किया और हिंदी सिनेमा के इतिहास में अपना नाम अमर कर लिया।

यादगार भूमिकाएँ और पृथ्वी थिएटर की विरासत

उनकी सबसे चर्चित फिल्मों में 'मुगल-ए-आजम' शामिल है, जिसमें उन्होंने सम्राट अकबर की भूमिका को जीवंत किया था। इसके अलावा 'सिकंदर' में उन्होंने सिकंदर महान की भूमिका निभाई थी। वर्ष 1944 में उन्होंने 'पृथ्वी थिएटर' की स्थापना की, जिसे वे फिल्मों से अर्जित अपनी कमाई से संचालित करते थे। उनके पुत्र भी इस थिएटर कंपनी के नाटकों में अभिनय करते थे।

सम्मान और पुरस्कार

सिनेमा में उनके अतुलनीय योगदान को देखते हुए वर्ष 1952 में उन्हें राज्यसभा का मनोनीत सदस्य बनाया गया। वर्ष 1969 में उन्हें पद्म भूषण से नवाज़ा गया और वर्ष 1972 में उन्हें मरणोपरांत दादा साहेब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया — जो भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान है।

कपूर परिवार की पीढ़ी-दर-पीढ़ी विरासत

पृथ्वीराज कपूर के तीन पुत्रों — राज कपूर, शम्मी कपूर और शशि कपूर — ने हिंदी सिनेमा में अपनी अमिट छाप छोड़ी। इसके बाद रणधीर कपूर, ऋषि कपूर, राजीव कपूर, करण कपूर, कुणाल कपूर और संजना कपूर जैसे नामों ने इस विरासत को आगे बढ़ाया। आज करिश्मा कपूर, करीना कपूर खान और रणबीर कपूर इस परंपरा के सबसे चमकते सितारे हैं।

जीवन के अंतिम दिन

बताया जाता है कि जीवन के अंतिम वर्षों में पृथ्वीराज कपूर कैंसर से जूझ रहे थे और इसी बीमारी के कारण उनका निधन हुआ। उनके निधन के लगभग दो सप्ताह बाद उनकी पत्नी रामसरनी मेहरा का भी निधन हो गया था। उनकी स्मृति आज भी भारतीय सिनेमा की नींव के रूप में जीवित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस बड़े सवाल को रेखांकित करती है कि क्या बॉलीवुड अपने संस्थापकों को केवल पुण्यतिथियों पर ही याद करता है। पृथ्वीराज कपूर ने 'पृथ्वी थिएटर' के ज़रिए जो रंगमंच परंपरा खड़ी की, वह आज भी मुंबई में जीवित है — लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में वह प्रायः हाशिये पर रहती है। उनकी विरासत को केवल कपूर परिवार की वंशावली तक सीमित करना उस कलाकार के साथ न्याय नहीं, जिसने मूक सिनेमा से लेकर 'मुगल-ए-आजम' तक की यात्रा तय की और राज्यसभा में भी सिनेमा का प्रतिनिधित्व किया।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पृथ्वीराज कपूर कौन थे और उन्हें 'भीष्म पितामह' क्यों कहा जाता है?
पृथ्वीराज कपूर हिंदी सिनेमा के अग्रणी अभिनेता और कपूर खानदान के संस्थापक थे, जिन्होंने मूक फिल्मों से लेकर 'मुगल-ए-आजम' तक की यात्रा तय की। उनके असाधारण योगदान और कई पीढ़ियों को प्रेरित करने की क्षमता के कारण उन्हें 'भारतीय फिल्म जगत का भीष्म पितामह' कहा जाता है।
जैकी श्रॉफ ने पृथ्वीराज कपूर को कैसे याद किया?
अभिनेता जैकी श्रॉफ ने 29 मई को पृथ्वीराज कपूर की 54वीं पुण्यतिथि पर इंस्टाग्राम स्टोरीज पर उनकी ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर साझा की। उन्होंने लिखा, 'पृथ्वीराज कपूर जी, आप हमारे दिलों में सदैव रहेंगे।'
पृथ्वी थिएटर की स्थापना कब और क्यों हुई थी?
पृथ्वीराज कपूर ने वर्ष 1944 में 'पृथ्वी थिएटर' की स्थापना की थी। वे फिल्मों से अर्जित अपनी कमाई इस थिएटर कंपनी और उसके नाटकों पर खर्च करते थे, और उनके पुत्र भी इन नाटकों में अभिनय करते थे।
पृथ्वीराज कपूर को कौन-कौन से प्रमुख पुरस्कार मिले?
पृथ्वीराज कपूर को वर्ष 1969 में 'पद्म भूषण' और वर्ष 1972 में मरणोपरांत 'दादा साहेब फाल्के पुरस्कार' प्रदान किया गया। इसके अलावा वर्ष 1952 में उन्हें राज्यसभा का मनोनीत सदस्य भी बनाया गया था।
कपूर परिवार की कितनी पीढ़ियाँ हिंदी सिनेमा में सक्रिय रही हैं?
पृथ्वीराज कपूर के बाद उनके तीन पुत्रों — राज कपूर, शम्मी कपूर और शशि कपूर — ने सिनेमा में नाम कमाया। इसके बाद रणधीर कपूर, ऋषि कपूर जैसे नाम आए और अब करिश्मा कपूर, करीना कपूर खान और रणबीर कपूर इस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं — यानी कम से कम चार पीढ़ियाँ।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले