प्रियंका अरुल मोहन बनीं कोरिया पर्यटन की मानद राजदूत, 'मेड इन कोरिया' के बाद मिला बड़ा सम्मान
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री प्रियंका अरुल मोहन को कोरियाई सरकार और कोरिया पर्यटन संगठन (Korea Tourism Organization) ने आधिकारिक रूप से कोरिया पर्यटन की मानद राजदूत नियुक्त किया है। यह सम्मान उन्हें निर्देशक रा कार्तिक की तमिल फिल्म 'मेड इन कोरिया' में उनकी केंद्रीय भूमिका और भारत-कोरिया सांस्कृतिक सेतु के रूप में उनके योगदान को देखते हुए दिया गया है।
नियुक्ति और प्रतिक्रिया
इस नियुक्ति पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर लिखा, 'इस शानदार सम्मान के लिए मैं बेहद आभारी हूं। कोरिया टूरिज्म के लिए 'मानद राजदूत' नियुक्त होना मेरे लिए सचमुच बहुत खास है।' उन्होंने कोरियाई सरकार और कोरिया टूरिज्म ऑर्गनाइजेशन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें ऐसे व्यक्ति के रूप में पहचाना गया जो कोरियाई संस्कृति को भारतीय दर्शकों के और करीब ला सकती हैं।
अभिनेत्री ने आगे कहा, 'कोरिया की संस्कृति, परंपराओं और वहां के लोगों के प्यार ने मुझे हमेशा प्रेरित किया है। मैं इस खूबसूरत सफर का हिस्सा बनकर बहुत खुश हूं।' उन्होंने कोरिया टूरिज्म ऑर्गनाइजेशन के प्रेसिडेंट को उनके भरोसे और गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए विशेष धन्यवाद दिया।
राष्ट्रपति भवन में डिनर और राजनयिक कड़ी
गौरतलब है कि इस साल अप्रैल में प्रियंका अरुल मोहन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष डिनर में शिरकत की थी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग भी उपस्थित थे।
उस डिनर की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर साझा करते हुए उन्होंने लिखा था, 'राष्ट्रपति भवन में एक बेहद शानदार शाम। इतने सम्मानित नेताओं के साथ बैठकर भोजन करने का अवसर मिलना मेरे लिए बहुत बड़े सम्मान की बात है। हमारी फिल्म 'मेड इन कोरिया' की उनकी तारीफ से मैं अभिभूत हूं।' उन्होंने शशि थरूर से हुई बातचीत को भी एक सार्थक और यादगार अनुभव बताया।
'मेड इन कोरिया' — एक ऐतिहासिक तमिल फिल्म
फिल्म 'मेड इन कोरिया' 12 मार्च को सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी। यह तमिल सिनेमा की पहली ऐसी फिल्म है जिसे कोरिया में शूट किया गया, और प्रियंका अरुल मोहन के लिए यह पहला ऐसा प्रोजेक्ट रहा जिसमें उन्हें अंतरराष्ट्रीय सितारों के साथ काम करने का अवसर मिला।
फिल्म का एक बड़ा हिस्सा कोरिया में फिल्माया गया, जिसने भारत-कोरिया सांस्कृतिक संबंधों को एक नई दिशा दी। कथित तौर पर इसी सांस्कृतिक योगदान को देखते हुए कोरियाई अधिकारियों ने प्रियंका को मानद राजदूत के रूप में चुना।
सांस्कृतिक कूटनीति का बढ़ता महत्व
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत और दक्षिण कोरिया के बीच सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध तेज़ी से गहरे हो रहे हैं। के-पॉप और के-ड्रामा की बढ़ती लोकप्रियता के बीच भारतीय सिनेमा का कोरिया से जुड़ाव एक नई प्रवृत्ति का संकेत है। प्रियंका की यह नियुक्ति दोनों देशों के बीच सॉफ्ट-पावर कूटनीति को और मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
प्रियंका ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा, 'मेरे अंदर की छोटी बच्ची को आज उपलब्धि का गहरा एहसास हो रहा है। यह एक ऐसा पल है जो बरसों के सपनों, कड़ी मेहनत और विश्वास को खामोशी से बयां करता है।' उन्होंने 'मेड इन कोरिया' की पूरी टीम को इस सफर को खास बनाने का श्रेय दिया।