बॉर्डर 2 की कास्ट को पुनीत इस्सर की तारीफ, बोले— '1997 वाली बॉर्डर आइकॉनिक थी, ओरिजिनल ही रहेगी'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता पुनीत इस्सर, जिन्होंने 1997 की चर्चित वॉर-ड्रामा फिल्म 'बॉर्डर' में सूबेदार रतन सिंह की भूमिका निभाई थी, ने हाल ही में 'बॉर्डर 2' देखने के बाद उसकी कास्ट के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीक्वल उन्हें पसंद आई, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि ओरिजिनल फिल्म का मुकाम अपनी जगह है।
मूल फिल्म की विरासत
पुनीत इस्सर ने 1997 की 'बॉर्डर' को याद करते हुए कहा, 'पहली बॉर्डर जेपी दत्ता ने बनाई थी और ओरिजिनल तो ओरिजिनल ही होता है। ऐसा नहीं है कि दूसरी फिल्म अच्छी नहीं थी, बल्कि वो भी अच्छी थी।' उन्होंने 'बॉर्डर' में सनी देओल, सुनील शेट्टी, जैकी श्रॉफ और अक्षय खन्ना के अभिनय को उल्लेखनीय बताया। इस्सर के अनुसार उस फिल्म का संगीत भी उसकी सबसे बड़ी खूबियों में से एक था।
बॉर्डर 2 की कास्ट की प्रशंसा
पुनीत इस्सर ने कहा, 'मैंने बॉर्डर 2 भी देखी है और मुझे ये भी पसंद आई। इसमें सुनील शेट्टी के बेटे अहान शेट्टी और वरुण धवन समेत सभी कलाकारों ने अच्छा काम किया है।' उनकी यह टिप्पणी उस बहस के बीच आई है जो मूल फिल्म की विरासत और उसके सीक्वल की तुलना को लेकर दर्शकों और आलोचकों में जारी है।
निर्देशक की भूमिका पर विचार
इस्सर ने कहा, 'हालांकि वो फिल्म आइकॉनिक थी, उसके गाने कमाल के थे और मेरा मानना है कि फिल्म बनाना एक डायरेक्टर का माध्यम होता है और जो जेपी दत्ता ने बनाया वह बेहतरीन था।' यह टिप्पणी उस संदर्भ में महत्वपूर्ण है क्योंकि 'बॉर्डर' का निर्देशन जेपी दत्ता ने किया था, जबकि 'बॉर्डर 2' को अनुराग सिंह ने निर्देशित किया।
बॉर्डर और बॉर्डर 2: एक नज़र
1997 में रिलीज हुई 'बॉर्डर' 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान हुई 'लोंगेवाला की लड़ाई' पर आधारित थी। इस फिल्म में सनी देओल, सुनील शेट्टी, जैकी श्रॉफ, अक्षय खन्ना, पुनीत इस्सर और सुदेश बेरी ने प्रमुख भूमिकाएँ निभाई थीं। तीन दशक बाद 'बॉर्डर 2' ने इस फ्रैंचाइज को आगे बढ़ाया, जिसमें सनी देओल ने वापसी की और वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ तथा अहान शेट्टी नई पीढ़ी के कलाकारों के रूप में शामिल हुए। यह फिल्म जनवरी 2026 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई। गौरतलब है कि अहान शेट्टी का यह बड़े बजट की फ्रैंचाइज में पहला बड़ा किरदार था।
आगे क्या
पुनीत इस्सर की यह सराहना 'बॉर्डर 2' के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन के बाद आई है। मूल फिल्म के कलाकार का यह बयान न केवल नई पीढ़ी के अभिनेताओं के लिए एक सकारात्मक संकेत है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारतीय सिनेमा में देशभक्ति पर आधारित फ्रैंचाइज की परंपरा आगे बढ़ रही है।