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राजपाल यादव पर ₹16.61 करोड़ का कर्ज: सेंट्रल बैंक ने शाहजहांपुर की संपत्तियों पर नीलामी नोटिस चस्पा किया

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राजपाल यादव पर ₹16.61 करोड़ का कर्ज: सेंट्रल बैंक ने शाहजहांपुर की संपत्तियों पर नीलामी नोटिस चस्पा किया

सारांश

फिल्म 'अता पता लापता' के निर्माण के लिए लिया गया कर्ज अब राजपाल यादव के लिए बड़ा संकट बन गया है। ₹16.61 करोड़ के बकाए पर सेंट्रल बैंक ने शाहजहांपुर की संपत्तियाँ नीलामी पर चढ़ा दी हैं — और परिवार की गिरवी संपत्तियाँ भी दाँव पर हैं।

मुख्य बातें

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने राजपाल यादव की शाहजहांपुर स्थित दो संपत्तियों पर नीलामी नोटिस चस्पा किया।
बैंक रिकॉर्ड के अनुसार बकाया ऋण ₹16 करोड़ 61 लाख 64 हजार है।
दोनों संपत्तियों का आरक्षित मूल्य ₹3 करोड़ 19 लाख 26 हजार तय किया गया है।
ई-नीलामी 9 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है।
यह ऋण फिल्म 'अता पता लापता' के निर्माण के लिए लिया गया था, जो बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही।
पत्नी राधा यादव और माता गोदावरी यादव की संपत्तियाँ भी गारंटर के रूप में गिरवी हैं।

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की वित्तीय मुश्किलें एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने ₹16 करोड़ 61 लाख 64 हजार के बकाया ऋण की वसूली के लिए शाहजहांपुर स्थित अभिनेता की दो संपत्तियों पर नीलामी का नोटिस चस्पा कर दिया है। बैंक रिकॉर्ड के अनुसार, इन संपत्तियों की ई-नीलामी 9 सितंबर 2026 को कराई जाएगी।

कौन-सी संपत्तियाँ नीलामी के दायरे में

बैंक द्वारा चिह्नित संपत्तियों में शाहजहांपुर शहर में स्थित एक संपत्ति और ग्रामीण क्षेत्र में स्थित एक खेत व मकान शामिल हैं। बैंक ने इन दोनों संपत्तियों का संयुक्त आरक्षित मूल्य ₹3 करोड़ 19 लाख 26 हजार निर्धारित किया है। गौरतलब है कि यह आरक्षित मूल्य कुल बकाया ऋण का लगभग पाँचवाँ हिस्सा ही है।

ऋण की पृष्ठभूमि

बताया जा रहा है कि राजपाल यादव ने यह ऋण अपनी फिल्म 'अता पता लापता' के निर्माण के लिए लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी, जिसके बाद किस्तों का भुगतान अनियमित हो गया और ब्याज जुड़ता रहा। यह ऐसे समय में आया है जब अभिनेता पहले से ही चेक बाउंस मामले में कानूनी कार्यवाही का सामना कर रहे हैं।

परिवार की संपत्तियाँ भी गिरवी

ऋण लेते समय राजपाल यादव ने अपनी पत्नी राधा यादव और माता गोदावरी यादव की संपत्तियों को भी गारंटर के रूप में गिरवी रखा था। बैंक अब इसी आधार पर संबंधित संपत्तियों पर वसूली की कार्रवाई कर रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, शाहजहांपुर के अलावा मुंबई स्थित कुछ अन्य संपत्तियों को लेकर भी बैंक की वसूली प्रक्रिया जारी बताई जा रही है।

पहले भी हो चुकी है सज़ा

यह पहली बार नहीं है जब राजपाल यादव किसी वित्तीय विवाद में घिरे हैं। इससे पूर्व दिल्ली उच्च न्यायालय ने चेक बाउंस मामले में उन्हें दोषी ठहराते हुए तीन महीने की कैद की सजा सुनाई थी। अब बैंक की नीलामी कार्रवाई उनकी मुश्किलों की एक और परत जोड़ रही है।

आगे क्या होगा

9 सितंबर 2026 को प्रस्तावित ई-नीलामी से पहले राजपाल यादव के पास कानूनी रास्तों से राहत माँगने का विकल्प उपलब्ध है। हालाँकि, बैंक की ओर से अभी तक किसी समझौते या पुनर्गठन की जानकारी सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ बैंक ऋण पर निर्मित फिल्में जब बॉक्स ऑफिस पर विफल होती हैं, तो निर्माता-अभिनेता की व्यक्तिगत और पारिवारिक संपत्तियाँ दाँव पर आ जाती हैं। चेक बाउंस की पूर्व सज़ा के बाद यह दूसरी बड़ी कानूनी-वित्तीय कार्रवाई यह भी दर्शाती है कि ऋण पुनर्गठन या समझौते की कोई सक्रिय कोशिश अब तक सफल नहीं हुई। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है, वह यह है कि आरक्षित मूल्य (₹3.19 करोड़) और बकाया ऋण (₹16.61 करोड़) के बीच का भारी अंतर दर्शाता है कि नीलामी से भी पूरी वसूली संभव नहीं होगी — और बैंक की कार्रवाई लंबी खिंच सकती है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजपाल यादव पर बैंक का कितना कर्ज बकाया है?
बैंक रिकॉर्ड के अनुसार राजपाल यादव पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का ₹16 करोड़ 61 लाख 64 हजार का ऋण बकाया है। यह राशि मूल ऋण पर समय पर भुगतान न होने के कारण ब्याज जुड़ने से बढ़ी है।
राजपाल यादव की किन संपत्तियों की नीलामी होगी?
शाहजहांपुर शहर में स्थित एक संपत्ति और ग्रामीण क्षेत्र में स्थित एक खेत व मकान की नीलामी प्रस्तावित है। इन दोनों का संयुक्त आरक्षित मूल्य ₹3 करोड़ 19 लाख 26 हजार रखा गया है।
राजपाल यादव की संपत्तियों की ई-नीलामी कब होगी?
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने इन संपत्तियों की ई-नीलामी 9 सितंबर 2026 को कराने की प्रक्रिया शुरू की है। नीलामी से पहले राजपाल यादव के पास कानूनी विकल्प तलाशने का अवसर उपलब्ध है।
राजपाल यादव ने यह ऋण क्यों लिया था?
बताया जा रहा है कि यह ऋण उनकी फिल्म 'अता पता लापता' के निर्माण के लिए लिया गया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, जिससे किस्तों का भुगतान अनियमित हो गया और बकाया राशि बढ़ती गई।
क्या राजपाल यादव पहले भी किसी वित्तीय मामले में दोषी पाए गए हैं?
हाँ, इससे पूर्व दिल्ली उच्च न्यायालय ने चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को दोषी ठहराते हुए तीन महीने की कैद की सजा सुनाई थी। वर्तमान बैंक नीलामी कार्रवाई उनके वित्तीय विवादों की एक नई कड़ी है।
राष्ट्र प्रेस
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