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रवीना टंडन ने खोला राशा के बटरफ्लाई टैटू का राज: 'नाना तितली बनकर आशीर्वाद देते हैं'

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रवीना टंडन ने खोला राशा के बटरफ्लाई टैटू का राज: 'नाना तितली बनकर आशीर्वाद देते हैं'

सारांश

रवीना टंडन ने 'इंडियाज बेस्ट डांसर' पर एक भावुक खुलासा किया — बेटी राशा का बटरफ्लाई टैटू दिवंगत नाना की याद में बनवाया गया है, जिसमें भगवान कृष्ण और शिव के प्रतीक भी हैं। राशा मानती हैं कि शूटिंग के दौरान पास आने वाली तितली उनके नाना का आशीर्वाद है।

मुख्य बातें

रवीना टंडन ने 'इंडियाज बेस्ट डांसर' में स्पेशल गेस्ट के रूप में बेटी राशा के बटरफ्लाई टैटू की भावनात्मक कहानी साझा की।
राशा ने यह टैटू नाना के निधन के बाद उनकी स्मृति में बनवाया; मानती हैं कि तितली के रूप में नाना आशीर्वाद देने आते हैं।
टैटू में भगवान कृष्ण का मोर पंख और भगवान शिव का नीलकंठ रूप शामिल है।
रवीना के खुद के टैटू में बच्चों के नाम , पंजों के निशान और बिच्छू का टैटू शामिल हैं।
रवीना ने राजस्थान सहित भारत के कई आदिवासी क्षेत्रों में गोदना की प्राचीन परंपरा का भी उल्लेख किया।

बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन ने 21 सितंबर 2026 को डांस रियलिटी शो 'इंडियाज बेस्ट डांसर' में बतौर स्पेशल गेस्ट शिरकत करते हुए अपनी बेटी राशा के बटरफ्लाई टैटू से जुड़ी एक गहरी भावनात्मक कहानी साझा की। रवीना ने बताया कि यह टैटू महज एक डिज़ाइन नहीं, बल्कि राशा के दिवंगत नाना की याद और उनसे जुड़ी आस्था का प्रतीक है।

टैटू की भावनात्मक पृष्ठभूमि

रवीना ने शो पर बताया कि राशा ने यह बटरफ्लाई टैटू अपने नाना के निधन के बाद बनवाया था। राशा का मानना है कि जब भी वह शूटिंग पर होती हैं, एक तितली उनके पास आकर बैठती है — और वह इसे अपने नाना की आत्मा से जोड़कर देखती हैं। उनके अनुसार, उनके नाना तितली के रूप में उन्हें आशीर्वाद देने आते हैं।

रवीना ने कहा, 'उसको ऐसा लगता है कि जब भी वह शूटिंग करती है, तब एक तितली उसके पास आकर बैठती है। वह इसे अपने नाना से जोड़कर देखती है और मानती है कि उनके नाना तितली के रूप में कहीं न कहीं उन्हें आशीर्वाद देने आते हैं।'

टैटू में देवी-देवताओं का प्रतीकवाद

रवीना ने इस टैटू के डिज़ाइन का भी विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि बटरफ्लाई के पंखों के भीतर भगवान कृष्ण का मोर पंख उकेरा गया है, जबकि इसमें भगवान शिव के नीलकंठ रूप को भी दर्शाया गया है। रवीना के अनुसार यह डिज़ाइन राशा की आंतरिक भावनाओं का प्रतिबिंब है, जो उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

रवीना के अपने टैटू और जुड़ाव

इस बातचीत में रवीना ने अपने टैटू के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों के नाम का टैटू बनवाया हुआ है, साथ ही पंजों के निशान और बिच्छू का टैटू भी उनके शरीर पर मौजूद है। हर टैटू उनके लिए किसी खास भावना या याद से जुड़ा है।

भारत में टैटू की पुरानी परंपरा

रवीना ने इस मौके पर भारत में टैटू की सदियों पुरानी परंपरा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान और देश के कई आदिवासी इलाकों में आज भी शरीर पर गोदना बनवाने की प्राचीन परंपरा जीवित है। उन्होंने बताया कि पहले इस प्रक्रिया में सुई का उपयोग होता था और यह तकनीक आधुनिक टैटू से अलग थी।

शो पर आने की वजह

रवीना 'इंडियाज बेस्ट डांसर' में तब स्पेशल गेस्ट बनकर पहुंची जब एक प्रतियोगी ने अपनी माँ को टैटू बनवाने के लिए मनाने में उनकी मदद माँगी। इसी चर्चा ने रवीना को अपने और अपनी बेटी के टैटू से जुड़ी यादगार बातें साझा करने का अवसर दिया। यह प्रसंग दर्शकों के बीच गहरे भावनात्मक असर के साथ वायरल हो रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ व्यक्तिगत शोक और आस्था को सार्वजनिक मंचों पर साझा किया जाने लगा है। राशा का टैटू जहाँ एक ओर पारिवारिक जुड़ाव और भारतीय आध्यात्मिकता का प्रतीक है, वहीं यह कहानी उस व्यापक सामाजिक बदलाव को भी रेखांकित करती है जिसमें युवा पीढ़ी शोक को कला और प्रतीकवाद में तब्दील कर रही है। मुख्यधारा की कवरेज इसे महज 'सेलेब्रिटी टैटू' की खबर के रूप में देख रही है, लेकिन असल कोण यह है कि भगवान शिव और कृष्ण के प्रतीकों को तितली के साथ जोड़ना भारतीय सांस्कृतिक-आध्यात्मिक चेतना और आधुनिक अभिव्यक्ति के मेल की एक दिलचस्प मिसाल है।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राशा टंडन के बटरफ्लाई टैटू की कहानी क्या है?
राशा ने यह बटरफ्लाई टैटू अपने नाना के निधन के बाद उनकी स्मृति में बनवाया। उनका मानना है कि शूटिंग के दौरान पास आने वाली तितली उनके नाना का आशीर्वाद है। इस टैटू में भगवान कृष्ण का मोर पंख और भगवान शिव का नीलकंठ रूप भी उकेरा गया है।
रवीना टंडन ने यह कहानी कहाँ साझा की?
रवीना टंडन ने यह भावनात्मक किस्सा डांस रियलिटी शो 'इंडियाज बेस्ट डांसर' में स्पेशल गेस्ट के तौर पर शामिल होने के दौरान साझा किया। एक प्रतियोगी के अनुरोध पर टैटू की चर्चा शुरू हुई।
राशा के टैटू में भगवान शिव और कृष्ण का क्या महत्व है?
रवीना के अनुसार, बटरफ्लाई के पंखों के भीतर भगवान कृष्ण का मोर पंख और भगवान शिव के नीलकंठ रूप को दर्शाया गया है। ये प्रतीक राशा की आस्था और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा से जुड़े हैं।
रवीना टंडन के खुद के कौन-से टैटू हैं?
रवीना ने बताया कि उनके शरीर पर अपने बच्चों के नाम, पंजों के निशान और बिच्छू का टैटू बना हुआ है। हर टैटू उनके लिए किसी खास भावना या यादगार पल से जुड़ा है।
भारत में टैटू की परंपरा कितनी पुरानी है?
रवीना टंडन के अनुसार, भारत में शरीर पर टैटू बनवाने की परंपरा कई सदियों पुरानी है। राजस्थान और देश के आदिवासी क्षेत्रों में आज भी गोदना बनवाने की यह प्राचीन परंपरा जारी है, जिसमें पहले सुई का उपयोग होता था।
राष्ट्र प्रेस
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