क्या रीना रॉय ने पर्दे की पहली 'नागिन' से लोगों का दिल चुराया?
सारांश
Key Takeaways
- रीना रॉय का जन्म 7 जनवरी 1957 को मुंबई में हुआ था।
- उन्होंने 1972 में अपने करियर की शुरुआत की थी।
- 'नागिन' उनकी सबसे प्रसिद्ध फिल्म है।
- उन्होंने जितेंद्र के साथ कई हिट फिल्में की हैं।
- टीवी में भी उनकी उपस्थिति महत्वपूर्ण रही है।
मुंबई, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड की दुनिया में कई कलाकार हैं, लेकिन कुछ ऐसे होते हैं जो हर प्रकार के किरदार को इतनी मजबूती से निभाते हैं कि दर्शक उन्हें हमेशा याद रखते हैं। रीना रॉय भी उन्हीं में से एक हैं। चाहे कोई रोल नकारात्मक हो या सकारात्मक, उनकी परफॉर्मेंस में हमेशा आत्मविश्वास दिखाई देता है। 1970 और 1980 के दशक में उन्होंने जिस प्रकार से फिल्मों में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया, वह आज भी दर्शकों के दिलों में जीवित है।
उनकी खूबसूरती और अभिनय क्षमता ने उन्हें केवल हिट फिल्मों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्होंने हर किरदार से अपनी छाप छोड़ी।
रीना रॉय का जन्म 7 जनवरी 1957 को मुंबई में हुआ था। उनका असली नाम सायरा अली था। उनका परिवार फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा था। उनके पिता, सादिक अली, एक अभिनेता थे, और उनकी मां, शारदा रॉय, भी फिल्मों में कार्यरत थीं। माता-पिता के तलाक के बाद, उनका नाम बदलकर पहले रूपा रॉय और फिर फिल्म निर्माता की सलाह पर रीना रॉय रखा गया। बचपन से ही उनकी रुचि अभिनय में थी।
रीना ने 1972 में फिल्म 'जरूरत' से अपने करियर की शुरुआत की। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अधिक सफल नहीं हुई, लेकिन रीना की परफॉर्मेंस ने दर्शकों और फिल्म निर्माताओं का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद उन्होंने 1973 में 'जैसे को तैसा' और 1975 में 'जख्मी' जैसी फिल्मों में कार्य किया। उन्होंने फिल्मों में नकारात्मक किरदारों के माध्यम से अभिनय की ताकत दिखाई।
1976 में रीना के करियर का सुनहरा मोड़ आया। उन्होंने 'कालीचरण' और 'नागिन' जैसी फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं निभाईं। 'कालीचरण' में उनकी केमिस्ट्री शत्रुघ्न सिन्हा के साथ बेहद पसंद की गई, जबकि 'नागिन' में उन्होंने एक इंसान और नागिन के रूप में जटिल भूमिका निभाई। इस फिल्म ने उन्हें बॉक्स ऑफिस का स्टार बना दिया। इस समय उनकी खूबसूरती के साथ-साथ किरदार निभाने की मजबूती ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
1977 में रीना ने 'अपनापन' में कार्य किया और फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नामांकित हुईं। इसके बाद उन्होंने 1980 में 'आशा', 1981 में 'नसीब', और 1982 में 'सनम तेरी कसम' जैसी हिट फिल्मों में कार्य किया। इन फिल्मों में उन्होंने विभिन्न किरदार निभाए, कभी प्यार में हारी प्रेमिका के रूप में, तो कभी संस्कारी बहू के रूप में, तो कभी साहसी महिला के रूप में, उनके किरदारों में हमेशा गहराई और मजबूती नजर आती थी।
रीना रॉय ने अपने करियर में कई बड़े सितारों के साथ कार्य किया। उन्होंने जितेंद्र के साथ कई हिट फिल्में दीं, जैसे 'बदलते रिश्ते', 'अर्पण', और 'आशा'। उन्होंने शत्रुघ्न सिन्हा के साथ भी कई हिट फिल्में कीं। उनके किरदार चाहे नकारात्मक हों या सकारात्मक, हमेशा दर्शकों के दिलों पर असर छोड़ते थे। उनके अभिनय की यही खासियत उन्हें अलग बनाती है।
1983 में रीना ने अपने करियर में ब्रेक लिया और पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहसिन खान से शादी की। बाद में उनका तलाक हो गया और वे भारत लौट आईं। 1993 में उन्होंने 'आदमी खिलौना है' में वापसी की, लेकिन उनकी पुरानी लोकप्रियता दोबारा नहीं बन सकी। इसके बाद उन्होंने कुछ और फिल्मों में सहायक भूमिका निभाई, जैसे 'अजय' (1996), 'गैर' (1999) और 'रिफ्यूजी' (2000)।
रीना ने फिल्मों के अलावा टीवी में भी कार्य किया। उन्होंने 'ईना मीना डीका', 'दाल में काला है', 'सहारा', और 'गैर' जैसे टीवी शो में कार्य किया है।